सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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पूर्वोत्तर राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों का कल्याण

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 6:15PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, असम राज्य और पूर्वोत्तर राज्यों सहित पूरे देश भर में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए एक समग्र योजना, अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) लागू कर रहा है। घटकवार विवरण अनुलग्नक I में दिया गया है।

दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा लागू की जा रही योजनाओं का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एएलआईएमसीओ), जो दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री दिव्यांश-वयोश्री केंद्र (पीएमडीवीके) संचालित करता है। वर्तमान में, एएलआईएमसीओ ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में 11 प्रधानमंत्री दिव्यांश-वयोश्री केंद्र (पीएमडीवीके) खोले हैं। एएलआईएमसीओ समय-समय पर नए केंद्र खोलने की जरूरत का आंकलन करता है और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करता है।

अनुलग्नक I

अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) में निम्नलिखित घटक हैं: -

  1. वरिष्ठ नागरिकों के लिए समेकित कार्यक्रम (आईपीएसआरसी) - वरिष्ठ नागरिक आवास (बुजुर्गों के घर), निरंतर देखभाल घर आदि के संचालन और रखरखाव के लिए गैर-सरकारी/स्वयंसेवी संस्थाओं को अनुदान प्रदान किया जाता है। बेघर वरिष्ठ नागरिकों को शरण, पोषण, चिकित्सा और मनोरंजन जैसी सुविधाएं मुफ्त में दी जाती हैं।
  2. वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपीएसआरसी) - वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपीएसआरसी) के तहत, सरकार सभी राज्य सरकारों की एक महत्वपूर्ण और केंद्रीय भूमिका को समझती है ताकि वरिष्ठ नागरिकों की भलाई के लिए कार्य योजना को लागू किया जा सके। जागरूकता फैलाने, संवेदनशीलता बढ़ाने, मोतियाबिंद सर्जरी और राज्य-विशिष्ट कार्य जैसी गतिविधियों के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अनुदान प्रदान किया जाता है।
  3. एल्डर लाइन- वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन (एनएचएससी) एक टोल-फ्री नंबर (14567) है जो दिन में 12 घंटे (सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक) संचालित होता है। यह वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए दुर्व्यवहार और बचाव के मामलों में मुफ्त सूचना, मार्गदर्शन, भावनात्मक समर्थन और क्षेत्र में हस्तक्षेप प्रदान करता है। यह हेल्पलाइन भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा 01.10.2021 को राष्ट्र को समर्पित की गई थी। योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (एनआईएसडी) एल्डर लाइन के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) है। एल्डर लाइन के तहत कोई अलग राज्य-वार आवंटन नहीं किया जाता है।
  4. राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई)- ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई)’ का उद्देश्य बीपीएल श्रेणी से संबंधित वरिष्ठ नागरिकों या वरिष्ठ नागरिक, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से अधिक नहीं है और उम्र से जुड़ी दिव्यांगता/कमज़ोरियों से पीड़ित हैं, उन्हें ऐसे भौतिक सहायता उपकरण और जीवन सहायक उपकरण दिए जाते हैं जिनसे उनके शरीर के काम लगभग सामान्य हो सकें। यह योजना 01.04.2017 को शुरू की गई थी। इस योजना को कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एएलआईएमसीओ) (एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम) के ज़रिए लागू किया जाता है, जो लागू करने वाली एकमात्र एजेंसी है।
  5. वरिष्ठ देखभाल विकास इंजन (सेज) – सेज का उद्देश्य आम समस्याओं के लिए नए और अभिनव समाधान को बढ़ावा देना है। नवोन्मेषी स्टार्ट-अप की पहचान की जाएगी और उन्हें वृद्धों के कल्याण के लिए उत्पादों, प्रक्रियाओं और सेवाओं को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  6. वृद्धावस्था के देखभाल-कर्मियों का प्रशिक्षण - इसका मुख्य उद्देश्य वृद्धावस्था के देखभाल-कर्मियों के क्षेत्र में आपूर्ति और बढ़ती मांग के बीच के अंतर को पाटना है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को अधिक पेशेवर सेवाएं प्रदान की जा सकें और वृद्धावस्था के क्षेत्र में पेशेवर देखभाल-कर्मियों की एक टीम बनाई जा सके। राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थान (एनआईएसडी) इस योजना घटक को लागू करने वाली एजेंसी है।
  7. वरिष्ठ नागरिकों के लिए अन्य पहलें: स्वस्थ और उत्पादक वृद्धावस्था की समस्याओं को हल करने के लिए, पूरे देश में कई पहलें की जा रही हैं। प्रस्तावित पहलों का उद्देश्य बुजुर्गों को ऐसे ज्ञान निर्माण में शामिल करना है, जो पूरे समाज के लिए उपयोगी हो। इस घटक के तहत कोई पृथक राज्य-वार आवंटन नहीं किया गया है।

अनुलग्नक II

  1. विभाग 'दिव्यांग व्यक्तियों को उपकरण/साधनों (एडीआईपी) खरीदने/लगाने के लिए सहायता' योजना लागू कर रहा है, जिसमें पात्र वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। इस योजना के तहत, विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों को धनराशि जारी की जाती है ताकि वे देश भर में पात्र दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्लूडी) को सहायक उपकरण और साधन प्रदान कर सकें।
  2. इसके अलावा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्लूडी) जागरूकता सृजन और प्रचार (एजीपी) योजना लागू कर रहा है, जो दिव्यांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम (एसआईपीडीए) का एक घटक है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों, लाभों, कल्याण उपायों और सशक्तिकरण कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता फैलाना और सरकारी कर्मियों, सेवा प्रदाताओं और आम जनता को दिव्यांगता संबंधित मुद्दों पर संवेदनशील बनाना है।
  3. अंतर दिव्यांगता प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (सीडीईआईसी), जो कि एसआईपीडीए योजना के तहत एक उप-योजना है, के संबंध में जानकारी परिशिष्ट ए में देखी जा सकती है।
  4. दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग पूरे भारत में, जिसमें असम और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्य भी शामिल हैं, 'दिव्यांग छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना' भी लागू कर रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग छात्रों को सक्षम बनाना है ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और अपने जीवन निर्वाह के लिए आय अर्जित कर सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें, क्योंकि उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने और सम्मानजनक जीवन जीने में शारीरिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। योजना में निम्नलिखित छह घटक शामिल हैं:-
  1. मैट्रिक के पहले (कक्षा 9 और 10 के लिए)।
  2. मैट्रिक के बाद (कक्षा 11 से स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा तक)।
  3. उच्च शिक्षा (शिक्षा में उत्कृष्टता वाले अधिसूचित संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा के लिए)।
  • IV. राष्ट्रीय फेलोशिप (भारतीय विश्वविद्यालयों में एम.फिल और पीएचडी के लिए)।
  1. विदेश में शिक्षा के लिए राष्ट्रीय छात्रवृति (विदेशी विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर डिग्री/डॉक्टरेट के लिए)।
  • VI. मुफ्त कोचिंग (सरकारी भर्ती परीक्षाओं और तकनीकी व पेशेवर पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षाओं के लिए)।

 

  1. राष्ट्रीय दिव्यांगजन कौशल विकास कार्य योजना (एनएपी-स्किल) 15 से 59 साल की आयु वर्ग के दिव्यांगजनों (पीडब्लूडी) को कौशल विकास के अवसर प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य उनकी कौशल क्षमता बढ़ाकर उन्हें लाभकारी रोजगार के योग्य बनाना और आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक भागीदारी की ओर उनका मार्ग आसान बनाना है। कौशल प्रशिक्षण उन सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से दिया जाता है, जो विभाग के साथ प्रशिक्षण साझेदार के रूप में पंजीकृत हैं।
  2. विशिष्ट दिव्यांगता आईडी (यूडीआईडी) योजना: यह भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसमें राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित अस्पतालों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड जारी करने के लिए केंद्रीकृत यूडीआईडी पोर्टल (https://swavlambancard.gov.in/) पर जोड़ा गया है, ताकि योग्य आवेदकों को पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने पर लाभ मिल सके।
  3. दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना (डीडीआरएस) के तहत, दिव्यांगजनों के पुनर्वास हेतु आवश्यक विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वैच्छिक संगठनों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें शुरुआती हस्तक्षेप, दैनिक जीवन कौशल का विकास, शिक्षा और प्रशिक्षण शामिल हैं, ताकि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके और उनकी क्षमताओं को वास्तविक रूप में सामने लाया जा सके। इसमें शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया गया है।

परिशिष्ट-ए

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्लूडी) एसआईपीडीए योजना के तहत अंतर-दिव्यांगता प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (सीडीईआईसी) उप-योजना को लागू करता है। इस योजना के तहत, 0-6 साल की आयु वर्ग के बच्चों पर विशेष ध्यान देने के लिए डीईपीडब्लूडी के तहत विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों (NIs) और समग्र क्षेत्रीय केंद्रों (CRCs) में एकल खिड़की अंतर-दिव्यांगता प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (सीडीईआईसी) शुरू किए गए हैं। सीडीईआईसी जोखिम वाले मामलों की पहचान और उपयुक्त पुनर्वास सेवाओं हेतु अनुशंसा करने के लिए जांच और पहचान सुविधा, उपचार सेवा जैसे कि वाक उपचार, पेशेगत उपचार, शारीरिक उपचार और माता-पिता/सहकर्मी परामर्श प्रदान करने के लिए सुसज्जित हैं। वर्तमान में, विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के राष्ट्रीय संस्थानों और समग्र क्षेत्रीय केंद्रों में 28 सीडीईआईसी को मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता (बौद्धिक दिव्यांगता) और बहु दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय न्यास की योजनाओं का विवरण निम्नलिखित है -

असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 6 दिशा केंद्र हैं, जिनका विवरण निम्न है-    

            

क्रमांक

राज्य

जिला

संगठन का नाम

डाक पता

मोबाइल नंबर

ईमेल

1

असम

डिब्रूगढ़

मृणालज्योति पुनर्वास केंद्र

मृणालज्योति पुनर्वास केंद्र, कुमुदनगर दुलियाजान, जिला: डिब्रूगढ़, राज्य: असम, पिन कोड: 786602

9954487893

9954487893

mrinaljyoti@yahoo.co.in

 mrinaljyoti@yahoo.co.in

2

असम

जोरहाट

प्रेरणा प्रतिबंधी

शिशु विकास केंद्र

प्रेरणा प्रतिबंधी शिशु विकास केंद्र, सिन्नामारा, जोरहाट-8

9854044474

 9854044474

prerona123@rediffmail.com

prerona123@rediffmail.com

3

असम

कामरूप मेट्रो

शिशुसरोथी सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन एंड ट्रेनिंग फॉर मल्टीपल डिसेबिलिटी,

कार्यालय, आरके मिशन रोड, बिरुबाड़ी, गुवाहाटी, असम 781016

9435040607

9435040607

shishusarothi[at]gmail[dot]com

shishusarothi[at]gmail[dot]com

4

मणिपुर

इम्फाल पश्चिम

हैंडीकैप्ड डेवलपमेंट  फाउंडेशन

सगोलबंद तेरापुखरी मपाल केबोल हाईस्कूल के पास, इम्फाल पश्चिम - 795001, मणिपुर

8132097286

8132097286

hdfoundationmanipur[at]gmail[dot]com

hdfoundationmanipur[at]gmail[dot]com

5

मणिपुर

चुरचंदपुर 

मालसावम पहल, सेंटर फॉर कम्युनिटी इनिशिएटिव द्वारा संचालित

Nehru Marg, Central Lamka, Churachandpur 795128, Manipur

नेहरू मार्ग, सेंट्रल लम्का, चुरचंदपुर 795128, मणिपुर

91 9612153082

91 9612153082

info@communityinitiative.in

info@communityinitiative.in

6

मेघालय

पूर्व खासी पहाड़ी

बेथनीसोसाइटी,ज्योतिस्रोत स्कूल,

बेथनी सोसाइटी लेडी वेरोनिका लेन, लैतुमखराह बंसारा आई केयर के सामने शिलांग मेघालय - 793003

8837065270

8837065270

bethanyngo1981[at]gmail[dot]com

learningsanctuary@bethanysociety.org

bethanyngo1981[at]gmail[dot]com

learningsanctuary@bethanysociety.org

               

समर्थ (विराम अवधि देखभाल योजना) - समर्थ योजना का उद्देश्य अनाथ या परित्यक्त बच्चों, संकटग्रस्त परिवारों और बीपीएल और एलआईजी परिवारों के दिव्यांगजन के लिए विराम अवधि देखभाल आवास प्रदान करना है, जिसमें उन बेसहारा लोगों को भी शामिल किया गया है, जिनमें राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत चार में से कम से कम एक प्रकार की दिव्यांगता हो। यह योजना परिवार के सदस्यों को अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए थोड़ा आराम और समय देने के अवसर प्रदान करती है। इस योजना के तहत समर्थ केंद्र स्थापित किए जाते हैं जो सभी आयु वर्गों के लिए सामूहिक आवास सुविधा प्रदान करते हैं, जिसमें पर्याप्त और गुणवत्ता वाली देखभाल सेवा, स्वीकार्य जीवन स्तर और पेशेवर डॉक्टरों से बुनियादी चिकित्सा देखभाल सुविधा शामिल होती है।

निरामय (स्वास्थ्य बीमा योजना) – नेशनल न्यास ऑटिज़्म, सरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक अक्षमता और बहु-दिव्यांगता वाले लोगों के लिए निरामय - स्वास्थ्य बीमा योजना चला रहा है। इस योजना के तहत, 1 लाख रुपये का बीमा दिया जाता है, जो ओपीडी, जांच, उपचार, करेक्टिव सर्जरी, वैकल्पिक चिकित्सा और परिवहन को कवर करता है। इस योजना के तहत नामांकन के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है, और इलाज किसी भी अधिकृत चिकित्सा पेशेवर/स्वास्थ्य देखभाल केंद्र से लिया जा सकता है। ऊपर बताए गए हालात वाले किसी भी व्यक्ति को नाम मात्र शुल्क देकर लाभ मिल सकता है। जिन दिव्यांगजनों के कानूनी अभिभावक प्राकृतिक माता-पिता के अलावा कोई अन्य व्यक्ति हैं, उनसे नामांकन/नवीनीकरण शुल्क नहीं लिया जाता है।

यह जानकारी आज राज्यसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण राज्य मंत्री श्री रामदास आठवले ने एक लिखित उत्तर में दी।

पीके/केसी/जेके       


(रिलीज़ आईडी: 2288244) आगंतुक पटल : 42
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