विधि एवं न्याय मंत्रालय
ओडिशा में न्यायालयों का डिजिटलीकरण
प्रविष्टि तिथि:
23 JUL 2026 6:44PM by PIB Delhi
न्यायिक प्रणाली में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ई-कोर्ट्स मिशन मोड परियोजना को देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। न्याय विभाग, भारत के उच्चतम न्यायालय की ई-कमेटी के निकट समन्वय में, संबंधित उच्च न्यायालयों के माध्यम से विकेंद्रीकृत तरीके से ई-कोर्ट्स परियोजना का कार्यान्वयन कर रहा है।
ओडिशा राज्य में, उड़ीसा उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में सभी जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में ई-कोर्ट्स परियोजना लागू की जा रही है। ई-कोर्ट्स परियोजना के चरण-III के अंतर्गत न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण हेतु कुल 845 न्यायालयों में से 817 न्यायालयों तथा 215 न्यायालय परिसरों में से 203 परिसरों को आईसीटी हार्डवेयर से सुसज्जित किया गया है। 30.06.2026 तक उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों में कुल 42.96 लाख पुराने मामलों के अभिलेख, जिनमें 24.17 करोड़ पृष्ठ शामिल हैं, डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वर्तमान में उच्च न्यायालय के 18 न्यायालय तथा जिला न्यायपालिका के 343 न्यायालय पीडीएफ-आधारित उपकरणों का उपयोग करते हुए पेपरलेस मोड में कार्य कर रहे हैं, जिससे मामले के अभिलेखों और न्यायालयीय कार्यवाहियों तक डिजिटल पहुंच सुगम हुई है।
सभी 30 जिला न्यायालयों की वेबसाइटों को एस3डब्ल्यूएएएस (S3WAAS) प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया गया है। जिला न्यायपालिका के 320 न्यायालय प्रतिष्ठानों को केस इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) 3.0 से सीआईएस 4.0 में सफलतापूर्वक माइग्रेट किया गया है। 01.01.2026 से, सीआईएस ने इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) प्लेटफॉर्म के माध्यम से 3.10 लाख एफआईआर और 2.29 लाख आरोपपत्रों से संबंधित आंकड़ों का उपयोग किया है।
इसके अतिरिक्त, ई-फाइलिंग 3.0 सॉफ्टवेयर को सभी न्यायालयों में लागू किया गया है और 30.06.2026 तक 1.31 लाख मामलों की ई-फाइलिंग की जा चुकी है। राज्य के सभी न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं और 30.06.2026 तक 7.61 लाख वर्चुअल सुनवाई आयोजित की जा चुकी हैं। साथ ही, दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों की न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिए राज्यभर में 184 ई-सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं।
ई-कोर्ट्स परियोजना चरण-III (2023–2027) के अंतर्गत निधि
ई-कोर्ट्स परियोजना चरण-III (2023–2027) के अंतर्गत उड़ीसा उच्च न्यायालय द्वारा स्वीकृत और उपयोग की गई निधि का विवरण निम्नानुसार है:
(रुपये करोड़ में)
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वित्तीय वर्ष
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स्वीकृत
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उपयोग
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2023-24
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9.79
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6.77
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2024-25
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58.48
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53.24
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2025-26
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16.09
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14.12
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2026-27
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7.09
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0.43*
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*17.07.2026 तक।
ई-कोर्ट्स परियोजना के अंतर्गत लंबित, निस्तारित तथा ऐतिहासिक मामलों के अभिलेखों का बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण किया जाना प्रस्तावित है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण, शीघ्र पुनर्प्राप्ति, भौतिक भंडारण की आवश्यकता में कमी तथा वादकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के लिए बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, एक व्यापक डिजिटल और पेपरलेस न्यायालयीय पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे किसी मामले के पूरे जीवनचक्र को कवर करते हुए एंड-टू-एंड डिजिटल न्यायालय संचालन संभव हो सके।
आगे, डिजिटल न्यायालय सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक निधि स्वीकृति प्राप्त करने हेतु उड़ीसा उच्च न्यायालय, ओडिशा राज्य सरकार और भारत सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता निष्पादित किया गया है।
यह जानकारी केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री, श्री अर्जुन राम मेघवाल जी द्वारा राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/एके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2288618)
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