रेल मंत्रालय
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यात्री सुरक्षा और संरक्षा को मज़बूत करने के लिए 3,215 रेलवे स्टेशनों और 13,409 यात्री डिब्‍बों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली उपलब्‍ध कराई गई


उत्तरी रेलवे 425 स्टेशनों पर सीसीटीवी कवरेज के साथ सबसे आगे, इसके बाद पश्चिमी रेलवे (391)  और पूर्वी रेलवे (271) का स्‍थान

सीसीटीवी से लैस यात्री डिब्बों में 1,735 डिब्बों के साथ पश्चिमी रेलवे शीर्ष पर, इसके बाद उत्तरी रेलवे (1,483) और दक्षिणी रेलवे (1,481) का स्‍थान

सभी परिचालनरत वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेन रेक सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित लैस

प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2026 4:17PM by PIB Delhi

यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा को सुदृढ़ करने तथा सुरक्षा निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्‍य से भारतीय रेलवे के पूरे नेटवर्क में रेलवे स्टेशनों, यात्री डिब्‍बों तथा अन्‍य रेलवे परिसरों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली स्‍थापित करने की योजना बनाई गई है। सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की स्‍थापना चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। वर्तमान में परिचालनरत सभी वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेन रेक पहले ही सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित किए जा चुके हैं।

अब तक देशभर में 3,215 रेलवे स्टेशनों तथा 13,409 यात्री डिब्‍बों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली उपलब्‍ध कराई जा चुकी है। इसका ज़ोन-वार विवरण निम्‍नानुसार है:

क्र. संख्‍या.

रेलवे ज़ोन

सीसीटीवी प्रणाली से युक्‍त स्टेशन

कैमरों से सुसज्जित कोच

1.

मध्य रेलवे

240

1384

2.

पूर्वी रेलवे

271

1288

3.

पूर्व मध्य रेलवे

237

617

4.

पूर्व तटीय रेलवे

80

601

5.

उत्तरी रेलवे

425

1483

6.

उत्तर मध्य रेलवे

141

339

7.

उत्तर पूर्वी रेलवे

93

758

8.

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे

94

410

9.

उत्तर पश्चिमी रेलवे

35

261

10.

दक्षिणी रेलवे

140

1481

11

दक्षिण मध्य रेलवे

30

947

12.

दक्षिण तटीय रेलवे

202

415

13.

दक्षिण पूर्वी रेलवे

197

665

14.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

145

303

15.

दक्षिण पश्चिमी रेलवे

195

452

16.

पश्चिमी रेलवे

391

1735

17.

पश्चिम मध्य रेलवे

170

270

18.

मेट्रो रेलवे, कोलकाता

57

---

19.

कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड

72

---

 

कुल

3215

13409

सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की स्‍थापना एक सतत एवं निरंतर प्रक्रिया है। स्टेशनों पर स्‍थापित सीसीटीवी कैमरे एआई-आधारित वीडियो विश्‍लेषण सुविधाओं से युक्‍त हैं। इनमें अनाधिकृत प्रवेश का पता लगाना, संदिग्‍ध रूप से लंबे समय तक एक स्‍थान पर ठहरने का पता लगाना तथा गिरे हुए व्‍यक्ति का पता लगाना जैसी विशेषताएं शामिल हैं।  पिछले तीन वर्षों अर्थात् वर्ष 2023 से 2025 तथा जून, 2026 तक इन प्रणालियों की सहायता से 9840 सुरक्षा संबंधी घटनाओं का पता लगाया गया।

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस


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