स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
नई दिल्ली के तीन कर्तव्य भवनों में आयुष्मान आरोग्य शिविर का सफल समापन
16 से अधिक मंत्रालयों के 1,700 से अधिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों ने निवारक स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया
उन्नत नैदानिक सुविधाओं से सुसज्जित नि-क्षय वाहनों ने स्थल पर ही तपेदिक (टीबी) की जांच और शीघ्र पहचान सुनिश्चित की
प्रविष्टि तिथि:
24 JUL 2026 6:06PM by PIB Delhi
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 22 से 24 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-I, कर्तव्य भवन-II और कर्तव्य भवन-III में तीन दिवसीय आयुष्मान आरोग्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय टीबी प्रभाग (सीटीडी) ने दिल्ली राज्य टीबी प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) और स्वस्थ नागरिक अभियान (एसएनए) प्रभाग के सहयोग से इस पहल का आयोजन किया। इसका उद्देश्य कर्तव्य भवनों में कार्यरत सरकारी अधिकारियों और केंद्रीय सचिवालय के कर्मचारियों के बीच निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना, रोगों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करना तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना था।

आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारंभ 22 जुलाई 2026 को कर्तव्य भवन-I में हुआ, जिसका उद्घाटन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव एवं मिशन निदेशक, श्रीमती आराधना पटनायक ने किया। इस अवसर पर उन्होंने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने तथा लोगों को अपने स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बाद 23 जुलाई को कर्तव्य भवन-II में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जहां केंद्रीय टीबी प्रभाग की उप महानिदेशक, डॉ. शोबिनी राजन ने प्रतिभागियों से संवाद किया और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शीघ्र पहचान, समय पर जांच तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया। शिविर का समापन 24 जुलाई 2026 को कर्तव्य भवन-III में हुआ, जिससे तीनों कार्यालय परिसरों में कार्यरत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित हुई।

तीन दिवसीय इस पहल को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 16 से अधिक मंत्रालयों के 1,700 से अधिक सरकारी अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सकीय परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया। व्यापक स्वास्थ्य जांच के अंतर्गत रक्तचाप (बीपी) की जांच, रक्त शर्करा परीक्षण, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का आकलन, हीमोग्लोबिन (एचबी) की जांच, छाती का एक्स-रे परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर रेफरल सेवाएं प्रदान की गईं। अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों, हाउसकीपिंग कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों तथा अन्य कर्मचारियों ने स्वास्थ्य शिविर में सक्रिय भागीदारी की, जिससे कार्यस्थल पर निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ते महत्व की पुष्टि हुई।
शिविर का एक प्रमुख आकर्षण दो ऐसे नि-क्षय वाहन रहे, जो डिजिटल चेस्ट एक्स-रे, सीबीएनएएटी (CBNAAT) और ट्रूनैट (TrueNat) जैसी उन्नत नैदानिक सुविधाओं से सुसज्जित थे। इन मोबाइल नैदानिक इकाइयों ने स्थल पर ही टीबी की जांच, आणविक परीक्षण तथा संदिग्ध मरीजों को शीघ्र रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई। इससे राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार के प्रयासों को और मजबूती मिली।

लगभग 60 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की समर्पित टीम ने स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस टीम में चिकित्सक, विशेषज्ञ, प्रयोगशाला कर्मी, रेडियोग्राफर, नर्सिंग स्टाफ, कार्यक्रम अधिकारी, टीबी विजेता तथा माई भारत स्वयंसेवक शामिल थे। इन सभी के समन्वित प्रयासों से तीन दिवसीय इस पहल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का निर्बाध संचालन सुनिश्चित हुआ तथा जन-जागरूकता फैलाने में भी उल्लेखनीय सफलता मिली।

आयुष्मान आरोग्य शिविर निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, रोगों की शीघ्र पहचान को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करने के प्रति भारत सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यस्थल आधारित ऐसी पहलें नियमित स्वास्थ्य जांच को प्रोत्साहित करने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने तथा सरकारी कर्मचारियों में रोगों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही, ये पहलें विकसित भारत, स्वस्थ भारत और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने में भी योगदान देती हैं।
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पीके/केसी/एके /डीए
(रिलीज़ आईडी: 2289104)
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