सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी. एल. वर्मा ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में कहा: सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवानिवृत्ति आवास के विकास एवं विनियमन हेतु मॉडल दिशानिर्देश जारी किए हैं


मॉडल दिशानिर्देशों का उद्देश्य देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुलभ और सुविनियमित सेवानिवृत्ति आवास को बढ़ावा देना है

प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2026 4:42PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुलभ और गरिमापूर्ण जीवन-यापन की व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेवानिवृत्ति आवास (रिटायरमेंट होम) के विकास एवं विनियमन हेतु मॉडल दिशानिर्देश तैयार कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्ति आवासों की स्थापना, संचालन और विनियमन के लिए एक व्यापक रूपरेखा उपलब्ध कराना है। साथ ही, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने नियामक तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।

यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी. एल. वर्मा ने राज्यसभा में श्रीमती नीरजा डांगी के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। मंत्री ने सदन को बताया कि संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची (सूची-II) की प्रविष्टि 18 के अनुसार 'भूमि' और 'उपनिवेशीकरण (Colonization)' राज्य के विषय हैं। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए केंद्र सरकार ने सेवानिवृत्ति आवास के विकास एवं विनियमन हेतु मॉडल दिशानिर्देश तैयार किए हैं, ताकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने-अपने स्तर पर रिटायरमेंट होम से संबंधित नीतियों और विनियमों के निर्माण के लिए इन्हें एक संदर्भ रूपरेखा (रेफरेंस फ्रेमवर्क) के रूप में उपयोग कर सकें।

मंत्री ने आगे बताया कि मॉडल दिशानिर्देशों में ऐसे आवश्यक मानकों का प्रावधान किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सेवानिवृत्ति आवास वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए जाएँ। इन मानकों में व्हीलचेयर के अनुकूल रैंप और लिफ्ट, हैंडरेल युक्त चौड़े गलियारे, निर्बाध जलापूर्ति, बिजली बैकअप की सुविधा, एम्बुलेंस सेवा तथा प्रत्येक आवासीय इकाई में आपातकालीन स्थिति के लिए पैनिक अलार्म प्रणाली जैसी सुविधाएँ शामिल हैं, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुलभ और स्वतंत्र जीवन-यापन को प्रोत्साहित करने वाला वरिष्ठजन-अनुकूल बुनियादी ढांचा विकसित करना है।

लिखित उत्तर में यह भी बताया गया कि सेवानिवृत्ति आवास (रिटायरमेंट होम) रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 (रेरा) के प्रावधानों के अंतर्गत आते हैं। इसके परिणामस्वरूप, ऐसे सभी परियोजनाओं के लिए अन्य रियल एस्टेट विकास परियोजनाओं की तरह पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। इससे वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों का इन परियोजनाओं के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और गरिमापूर्ण जीवन को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित, सुलभ और पेशेवर ढंग से संचालित सेवानिवृत्त लोगों के लिए  आवास के विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति प्रतिबद्ध है। मॉडल दिशानिर्देशों के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसा सुदृढ़ नियामक तंत्र विकसित करने में सहयोग देना है, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ, बेहतर सुरक्षा मानक तथा देशभर में उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित कर सके।

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पीके/केसी/वीएस/एसएस


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