कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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एनसीवीईटी अधिक सामंजस्य व सहयोग के जरिए व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए कौशल विश्वविद्यालयों के साथ आयोजित की बैठक

प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 5:10PM by PIB Delhi

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) ने बेहतर सहयोग, गुणवत्ता आश्वासन और नीतिगत तालमेल के माध्यम से भारत के व्यावसायिक शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करने के लिए कौशल भवन, नई दिल्ली में कौशल विश्वविद्यालयों के साथ एक बैठक आयोजित की। यह बैठक सचिव, एमएसडीई एवं अध्यक्षा एनसीवीईटी श्रीमती देबाश्री मुखर्जी  की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में श्री एन. के. सुधांशु, अपर सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी  की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक में प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गाबा, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी; सुश्री अर्चना मायाराम, आर्थिक सलाहकार, एमएसडीई; लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम सिंह भाटी, निदेशक, एनसीवीईटी; तथा लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ एस. बिष्ट, निदेशक, एनसीवीईटी  ने भी भाग लिया।

इस परामर्श बैठक में 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 14 कौशल विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले 25 से अधिक वरिष्ठ अकादमिक नेता एक साथ आए। इनमें दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसईयू), सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एसएसपीयू), मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी, श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी (एसवीएसयू), रतन टाटा महाराष्ट्र स्टेट स्किल्स यूनिवर्सिटी, असम स्किल यूनिवर्सिटी, कौशल्या - द स्किल यूनिवर्सिटी, यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी, भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू), स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, सेंट्यूरियन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (सीयूटीएम), सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी, लमरीन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी और विश्वकर्मा स्किल्स यूनिवर्सिटी, जयपुर (वीएसयूआरएजे) शामिल थे। इस विचार-विमर्श ने संस्थागत सहयोग को मजबूत करने, गुणवत्ता आश्वासन को बेहतर बनाने और देशभर में व्यावसायिक शिक्षा सुधारों के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच प्रदान किया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के विजन को आगे बढ़ाना था जिसमें सामान्य और उच्च शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा के निर्बाध एकीकरण, शिक्षार्थियों की बेहतर गतिशीलता, प्रगति के लिए बहुस्तरीय विकल्प और आजीवन सीखने के अवसरों की परिकल्पना की गई है।

अपने उद्घाटन भाषण में, श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण में कौशल विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने एक मजबूत, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख नियामक इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के प्रति एनसीवीईटी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इसके साथ ही, उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता आश्वासन, नवाचार और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) को व्यापक रूप से अपनाने के लिए मजबूत संस्थागत सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

बैठक में भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों ने अपनी संस्थागत रूपरेखा, व्यावसायिक शिक्षा संबंधी पहलों, कौशल प्रदान करने के अभिनव मॉडल, उद्योग के साथ जुड़ाव की प्रथाओं और कार्यान्वयन के अनुभवों पर प्रस्तुतियाँ दीं। उन्होंने नियामक एवं परिचालन संबंधी चुनौतियों को भी रेखांकित किया तथा व्यावसायिक शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और राष्ट्रीय कौशल ढांचे में विश्वविद्यालयों की अधिक भागीदारी को सुगम बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

इस विचार-विमर्श में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया, जिनमें उच्च शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता तंत्र, एनएसक्यूएफ-अनुरूप योग्यताओं का विकास एवं उन्हें अपनाना, अकादमिक क्रेडिट मोबाइल्टी, अप्रेंटिसशिप का एकीकरण, उद्योग साझेदारी, माइक्रो-क्रेडेंशियल्स, प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षण, फैकल्टी विकास, शिक्षार्थियों की प्रगति के रास्ते और रोजगार के परिणामों को बेहतर बनाने की रणनीतियाँ शामिल थीं।

भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों ने व्यावसायिक शिक्षा के लिए एक पारदर्शी और गुणवत्ता-संचालित नियामक ढांचा स्थापित करने की एनसीवीईटी की पहलों की सराहना की तथा राष्ट्रीय नियामक के साथ इस संरचित संवाद का स्वागत किया। उन्होंने नियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, संस्थागत क्षमता को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और कौशल इकोसिस्टम में सहयोगात्मक पहलों के विस्तार के संबंध में रचनात्मक सुझाव भी दिए।

चर्चा का समापन करते हुए, अध्यक्षा ने एनईपी 2020 के विजन और विकसित भारत की राष्ट्रीय आकांक्षा के अनुरूप एक एकीकृत, लचीली और अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए कौशल विश्वविद्यालयों एवं अन्य हितधारकों के साथ निरंतर जुड़ाव के प्रति एनसीवीईटी की प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक देश भर में व्यावसायिक शिक्षा में गुणवत्ता, पहुंच और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर संवाद, सहयोगात्मक कार्रवाई और मजबूत संस्थागत साझेदारी की साझा प्रतिबद्धता के साथ समाप्त हुई।

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