वस्‍त्र मंत्रालय
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राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन

प्रविष्टि तिथि: 28 JUL 2026 2:21PM by PIB Delhi

वस्त्र मंत्रालय ने देश में तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के समग्र विकास एवं संवर्धन के उद्देश्य से वर्ष 2020 में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) का शुभारंभ किया। एनटीटीएम के घटक-II (प्रचार एवं बाजार विकास) के अंतर्गत, वस्त्र मंत्रालय द्वारा तकनीकी वस्त्रों के अनुप्रयोगों, संभावनाओं एवं लाभों के प्रचार-प्रसार तथा बाजार विकास को बढ़ावा देने के लिए अब तक कुल 47 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया गया है अथवा उनमें सहभागिता की गई है।

घरेलू तकनीकी वस्त्र उद्योग ने वित्त वर्ष 25-26 में 3,420.20 करोड़ रुपये का शुद्ध व्यापार अधिशेष दर्ज किया है। इसका विवरण इस प्रकार है:

मानदंड

वित्तीय वर्ष 2025-26 (करोड़ रुपये में)

भारत से तकनीकी वस्त्रों का निर्यात

29,217.60

भारत द्वारा तकनीकी वस्त्रों का आयात

25,797.40

तकनीकी वस्त्रों में व्यापार संतुलन

3,420.20

स्रोत: डीजीसीआईएस, वाणिज्य मंत्रालय

राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) का उद्देश्य कृषि वस्त्र, भू-वस्त्र, चिकित्सा वस्त्र, औद्योगिक वस्त्र, सुरक्षात्मक वस्त्र तथा खेल प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों सहित मूल्यवर्धित तकनीकी वस्त्र उत्पादों के स्वदेशी विकास, उत्पादन एवं व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना है। मिशन द्वारा कार्यशालाओं, सम्मेलनों, प्रदर्शनियों तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हितधारकों, उपयोगकर्ता मंत्रालयों/विभागों एवं आम जनता के बीच तकनीकी वस्त्रों के अनुप्रयोगों और उनके लाभों के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने और तकनीकी वस्त्रों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, विभिन्न अंतिम उपयोगकर्ता मंत्रालयों/विभागों तथा राज्य सरकारों द्वारा चिन्हित अनुप्रयोग क्षेत्रों में, जहां भी संभव हो, तकनीकी वस्त्रों को अनिवार्य रूप से अपनाने की अनुशंसा की गई है।

वस्त्रों के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, जिसमें तकनीकी वस्त्र, प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल है, वस्त्र उद्योग को वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता विकसित करने तथा प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। इस योजना का उद्देश्य मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) एवं तकनीकी वस्त्रों की मूल्य श्रृंखला में भारत की वर्तमान संरचनात्मक कमियों को दूर करना तथा उच्च मूल्यवर्धित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से उत्पादन क्षमता में वृद्धि, उन्नत प्रौद्योगिकियों के अपनाने को बढ़ावा देने और वस्त्र क्षेत्र की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है।

इन उपायों से घरेलू तकनीकी वस्त्र उद्योग के विकास को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलने तथा वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ने की अपेक्षा है। इससे तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में उत्पादन क्षमता, नवाचार एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलेगा और भारत को वैश्विक तकनीकी वस्त्र आपूर्ति श्रृंखला में एक सशक्त भागीदार के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

यह जानकारी केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसएस/एसके

 


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