सहकारिता मंत्रालय
बीमा कंपनी के लिए प्रस्ताव
प्रविष्टि तिथि:
28 JUL 2026 5:18PM by PIB Delhi
सहकार से समृद्धि’ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से, सहकारिता मंत्रालय द्वारा सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने एवं देशभर में इसकी पहुँच को जमीनी स्तर तक सुनिश्चित करने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण पहलें की गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य सहकारिता आधारित आर्थिक विकास मॉडल को बढ़ावा देना है, जिसमें छोटे और सीमांत किसानों, व्यापारियों और अन्य कमजोर वर्गों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान शामिल है।
सहकारिता मंत्रालय ने सहकारी बैंकों को वाणिज्यिक बैंकों के समान बैंकिंग एवं संबद्ध वित्तीय गतिविधियों के संचालन में सक्षम बनाने के लिए अनेक पहलें की हैं, जिनमें से बीमा उत्पादों के वितरण हेतु 'कॉर्पोरेट एजेंट' के रूप में कार्य करने की सुविधा भी शामिल है। इन पहलों का उद्देश्य सहकारी बैंकों के व्यावसायिक पोर्टफोलियो में विविधता लाना, उनकी वित्तीय व्यवहार्यता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करना, शुल्क-आधारित आय में वृद्धि करना तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है। साथ ही, इन उपायों से सहकारी बैंकिंग नेटवर्क के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण, अर्ध-शहरी एवं वंचित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग एवं बीमा सेवाओं की पहुँच और उपलब्धता का विस्तार सुनिश्चित हुआ है।
इसके अलावा, सहकारिता मंत्रालय के प्रयासों से, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बीमा उत्पादों के वितरण के लिए कॉर्पोरेट एजेंट लाइसेंस प्राप्त करने हेतु ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए ₹50 करोड़ के न्यूनतम नेट वर्थ की आवश्यकता को भी समाप्त कर दिया है। इससे बीमा क्षेत्र में सहकारी बैंकों की अधिक भागीदारी को सुगम बनाया जा सका है और बीमा सेवाओं तक पहुंच का विस्तार हुआ है।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2290536)
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