ग्रामीण विकास मंत्रालय
पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बारहमासी सड़कों के माध्यम से संपर्क
प्रविष्टि तिथि:
28 JUL 2026 6:23PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के विभिन्न घटकों के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान तमिलनाडु राज्य सहित देश में ₹1,07,942 करोड़ के व्यय (राज्य अंश सहित) से कुल 1,31,589 किमी लंबी सड़कों (18,814 सड़कें और 5,110 पुल) का निर्माण पूरा किया गया। वर्ष-वार विवरण नीचे दिया गया है:-
|
वित्त वर्ष
|
सड़कों की संख्या
|
लंबाई
(किमी में)
|
पुलों की संख्या
|
व्यय
(रु. करोड़ में)
|
|
2021-22
|
6557
|
42015
|
1398
|
27833
|
|
2022-23
|
6074
|
29721
|
1101
|
24228
|
|
2023-24
|
443
|
26095
|
857
|
20301
|
|
2024-25
|
2835
|
18110
|
712
|
18672
|
|
2025-26
|
2905
|
15648
|
1042
|
14914
|
|
कुल
|
18814
|
131589
|
5110
|
105948
|
इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक, तमिलनाडु के कल्लाकुरुची निर्वाचन क्षेत्र में पीएमजीएसवाई के विभिन्न घटकों के तहत ₹184 करोड़ के व्यय से 257 किमी लंबाई की 62 सड़कों और 3 पुलों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाई के विभिन्न घटकों के तहत ग्रामीण सड़क परियोजनाओं और निर्माण के चरणों का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, जिला-वार और संसदीय निर्वाचन क्षेत्र-वार विवरण कार्यक्रम की वेबसाइट https://pmgsy.dord.gov.in/dbweb पर वास्तविक समय के आधार पर देखा जा सकता है।
पीएमजीएसवाई-I के तहत, कुल स्वीकृत 1,63,275 बसावटों में से 1,62,845 बसावटों (99.7%) को सड़क संपर्क प्रदान कर दिया गया है। शेष 401 बसावटों को सड़क संपर्क प्रदान करने के लिए सड़क निर्माण का कार्य कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है।
भारत सरकार ने सितंबर 2024 में पीएमजीएसवाई-IV की शुरुआत की। पीएमजीएसवाई-IV का प्राथमिक उद्देश्य मैदानी क्षेत्रों में 500+, विशेष श्रेणी के राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड), विशेष श्रेणी के क्षेत्रों [(जनजातीय अनुसूची-V के क्षेत्र, मरुस्थलीय क्षेत्र, आकांक्षी ब्लॉक/जिले और संबंधित राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पहाड़ी क्षेत्र (जहाँ ढलान 25% से अधिक और समुद्र तल से ऊँचाई 600 मीटर से अधिक हो)] में 250+ तथा गृह मंत्रालय द्वारा समय-समय पर चिन्हित किए गए पुराने एवं थ्रस्ट जिलों सहित वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में 100+ की जनसंख्या वाली (2011 की जनगणना के अनुसार) लगभग 25,000 सड़क संपर्क रहित बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्कं प्रदान करना है। पीएमजीएसवाई-IV के तहत, वीवीपी-II के अंतर्गत पहचानी गई बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा संपर्क हेतु 41,200 बसावटों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनकी राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआईडीए) द्वारा आगे जांच की जाती है और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा भेजी गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीएलपी) के आधार पर स्वीकृतियां दी जाती हैं। आज की तिथि तक, 19,643 किमी की 6,752 सड़क कार्यों और 94 पुलों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जो 7,455 बसावटों को सड़क संपर्कता प्रदान करेंगे।
पीएमजीएसवाई के दिशानिर्देशों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और निर्मित सड़कों का रखरखाव करना राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों की जिम्मेदारी है। हालाँकि, ग्रामीण विकास विभाग राष्ट्रीय गुणवत्ता निगेरानीकर्ताओं (एनक्यूएम) के माध्यम से गुणवत्ता का आकलन करता है और ई-मार्ग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य नियमित निरीक्षणों के माध्यम से सड़कों और पुलों के रखरखाव की निगरानी करता है।
मानक निविदा दस्तावेज के अनुसार, सभी पीएमजीएसवाई कार्य दोष देयता अवधि (डीएलपी) के दौरान शुरुआती पांच वर्ष के रखरखाव अनुबंध के अंतर्गत आते हैं। अनुबंध को पूरा करने के लिए रखरखाव निधियों को राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों द्वारा बजट में आवंटित किया जाना और राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसियों (एसआरआरडीए) के पास एक अलग खाते में रखा जाना आवश्यक है। सड़कों पर नियमित निरीक्षण हर दो महीने में एक बार आधार पर किए जाते हैं और व्यय निष्पादन पर आधारित होता है। 5 वर्ष पूरे होने पर, दोष देयता अवधि के बाद, सड़कों को अगले 5 वर्षों की अवधि के लिए क्षेत्रीय रखरखाव अनुबंधों के तहत रखा जाता है, जिसमें समय-समय पर नवीनीकरण और रखरखाव शामिल होता है। इसके लिए भी बजट राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों द्वारा आवंटित किया जाता है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान पीएमजीएसवाई के तहत आवंटित, जारी की गई और उपयोग की गई निधि का विवरण अनुबंध में दिया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पीएमजीएसवाई के तहत स्वीकृत सड़क कार्यों के निर्माण में तेजी लाने के लिए कई पहलें की हैं:
पीएमजीएसवाई के कार्यों की प्रभावी निगरानी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत तंत्र मौजूद है। योजना की प्रभावी ढंग से निगरानी करने और इसके कार्यान्वयन में अधिक दक्षता, जवाबदेही एवं पारदर्शिता लाने के लिए, पीएमजीएसवाई हेतु एक आधुनिक वेब-आधारित ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी और लेखा प्रणाली (ओएमएमएएस) बनाई गई है। स्वीकृत सभी कार्यों के कार्यान्वयन की वास्तविक-टाइम आधार पर ओएमएमएएस के माध्यम से निगरानी की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वास्तविक और वित्तीय प्रगति राज्यों को दिए गए समग्र लक्ष्यों के अनुरूप हो। इसके अलावा, पीएमजीएसवाई-III के तहत स्वीकृत प्रत्येक सड़क की निर्माण गतिविधियों के बेहतर प्रबंधन के लिए परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली (पीएमआईएस) बनाई गई है।
सड़क निर्माण के दौरान पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, पीएमजीएसवाई कार्यों के निष्पादन हेतु ठेकेदार/पीआईयू द्वारा तैनात किए गए सभी वाहनों/मशीनरी/उपकरणों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) सक्षम व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे एक निर्दिष्ट अवधि के लिए इस मशीनरी/उपकरण के समुचित संचालन का आकलन करने में मदद मिलती है, जो निर्मित की जा रही सड़कों की निर्दिष्ट गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
इसके अलावा, दोष देयता अवधि के दौरान सड़कों के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करने और पीएमजीएसवाई सड़कों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ई-मार्ग प्रारंभ किया गया है, जो निष्पादन आधारित रखरखाव अनुबंध (पीबीएमसी) की अवधारणा पर आधारित है। जैसा कि ऊपर दिए गए उत्तर में उल्लेख किया गया है, ठेकेदार को भुगतान अब ई-मार्ग के माध्यम से किया जाता है, जो सड़क की स्थिति, इसके क्रॉस ड्रेनेज कार्यों और ट्रैफिक परिसंपत्तियों पर आधारित है। भुगतान इस बात पर आधारित होते हैं कि ठेकेदार अनुबंध में परिभाषित निष्पादन मानकों या सेवा स्तरों का कितना पालन कर पाता है।
पीएमजीएसवाई सड़कों के निर्माण पूरा होने की तिथि से पांच वर्षों तक (अर्थात दोष देयता अवधि – डीएलपी के तहत) उनके रखरखाव की निगरानी के लिए सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पीएमजीएसवाई की सड़कों का इलेक्ट्रॉनिक रूप से रखरखाव (ई -मार्ग) लागू किया गया है। ई-मार्ग, यानी दोष देयता अवधि के दौरान ठेकेदार को रखरखाव भुगतान हेतु सॉफ्टवेयर मॉड्यूल, के शुरू होने के परिणामस्वरूप, ऐसे भुगतान निष्पादन-आधारित अनुबंध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से सड़कों की गुणवत्ता के अनुरूप किए गए हैं।
राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के साथ क्षेत्रीय समीक्षा बैठकों (आरआरएम), निष्पादन समीक्षा समिति (पीआरसी) की बैठकों, मासिक समीक्षा बैठकों और पूर्व-अधिकार प्राप्त/अधिकार प्राप्त समिति की बैठकों के माध्यम से कार्यक्रम की नियमित रूप से निगरानी की जाती है। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों को कार्यों के निर्माण में तेजी लाने के लिए भूमि मुद्दों, वन एवं वन्यजीव मंजूरियों से संबंधित मामलों को शीघ्र निपटाने हेतु संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित करने की भी नियमित सलाह दी जाती है।
हाल ही की एक पहल प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क को एक अनूठी डिजिटल पहचान (क्यू-आर कोड) प्रदान करना है, जो ग्रामीण अवसंरचना के प्रबंधन के तरीके में एक परिवर्तनकारी बदलाव को दर्शाती है। इस ढांचे के तहत, प्रत्येक सड़क को एक क्यूआर कोड से जुड़ी एक भू-स्थानिक पहचान संख्या आवंटित की जाएगी। यह पहचान सड़क किनारे लगे साइनबोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी और इसमें एक डिजिटल रिकॉर्ड होगा जिसमें इसके स्थान, वर्गीकरण और परिसंपत्ति का विवरण शामिल होगा। वास्तव में, प्रत्येक सड़क राष्ट्रीय सूची में पता लगाने योग्य और सर्च करने योग्य संस्था बन जाती है। क्यूआर कोड को स्कैन करने पर, जनता मेरी सड़क मोबाइल एप्लिकेशन के साथ-साथ सीपीग्राम्स पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकती है। सभी शिकायतों का निपटान जवाबदेह तरीके से डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से किया जाता है।
पीएमजीएसवाई के तहत पिछले पाँच वर्षों के दौरान आवंटित, जारी और उपयोग की गई निधियों का विवरण:
(रु करोड़ में)
|
क्र. सं.
|
राज्य का नाम
|
संकेतात्मक आवंटन
|
जारी निधि
|
व्यय
(राज्य अंश शामिल)
|
संकेतात्मक आवंटन
|
जारी निधि
|
व्यय
(राज्य अंश शामिल)
|
संकेतात्मक आवंटन
|
जारी निधि
|
व्यय
(राज्य अंश शामिल)
|
संकेतात्मक आवंटन
|
जारी निधि
|
व्यय
(राज्य अंश शामिल)
|
संकेतात्मक आवंटन
|
जारी निधि
|
व्यय
(राज्य अंश शामिल)
|
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
1
|
अंडमान और निकोबार
|
40
|
9.22
|
5.45
|
50
|
12.22
|
7.51
|
50.00
|
12.22
|
22.93
|
16.88
|
0.05
|
3.97
|
20.00
|
0.00
|
12.14
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
625
|
50.00
|
508.86
|
600
|
644.125
|
748.63
|
400.00
|
140.64
|
368.03
|
800.00
|
507.32
|
370.60
|
860.00
|
118.74
|
432.40
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
800
|
1090.60
|
1279.07
|
750
|
1018.74
|
1246.99
|
590.00
|
339.90
|
320.09
|
700.00
|
609.00
|
726.10
|
1000.00
|
490.98
|
775.52
|
|
4
|
असम
|
800
|
1591.50
|
2488.03
|
900
|
664.91
|
1118.21
|
590.00
|
391.29
|
571.22
|
350.00
|
79.24
|
264.55
|
800.00
|
229.91
|
211.38
|
|
5
|
बिहार
|
400
|
375.00
|
1992.99
|
1160
|
1443.23
|
2088.54
|
1030.00
|
963.37
|
1815.63
|
920.00
|
1195.44
|
2312.80
|
1040.00
|
386.88
|
1288.01
|
|
6
|
छत्तीसगढ
|
550
|
394.41
|
1902.34
|
540
|
995.866
|
1057.35
|
610.00
|
401.77
|
388.09
|
900.00
|
325.24
|
421.88
|
1520.00
|
557.23
|
357.12
|
|
7
|
गोवा
|
0
|
0.00
|
0
|
0
|
0
|
0
|
0.00
|
0.00
|
0.00
|
11.98
|
0.00
|
0.00
|
0.00
|
0.00
|
0.00
|
|
8
|
गुजरात
|
400
|
195.50
|
400.16
|
300
|
266.625
|
492.19
|
370.00
|
298.41
|
330.33
|
310.00
|
220.65
|
361.22
|
100.00
|
126.82
|
281.14
|
|
9
|
हरियाणा
|
300
|
353.23
|
583.12
|
150
|
168.25125
|
213.81
|
150.00
|
74.01
|
150.86
|
100.00
|
27.38
|
34.60
|
5.00
|
0.05
|
4.23
|
|
10
|
हिमाचल प्रदेश
|
700
|
517.45
|
933.22
|
600
|
624.76
|
626.84
|
750.00
|
617.56
|
371.54
|
650.00
|
634.82
|
904.14
|
1100.00
|
936.32
|
1356.64
|
|
11
|
जम्मू और कश्मीर
|
948
|
1328.34
|
1485.28
|
1450
|
717
|
1114.78
|
1450.00
|
1304.17
|
1256.96
|
1400.00
|
1028.25
|
1070.65
|
998.00
|
261.87
|
420.50
|
|
12
|
झारखंड
|
800
|
0.00
|
598.44
|
1100
|
332.63
|
745.63
|
790.00
|
752.80
|
1323.90
|
1550.00
|
961.77
|
1374.96
|
950.00
|
150.54
|
631.64
|
|
13
|
कर्नाटक
|
500
|
704.25
|
1499.18
|
550
|
720.4669
|
864.71
|
290.00
|
72.25
|
404.03
|
220.00
|
100.58
|
142.81
|
75.00
|
36.13
|
48.94
|
|
14
|
केरल
|
140
|
0.00
|
46.91
|
150
|
106.7641
|
124.97
|
220.00
|
54.25
|
164.95
|
450.00
|
122.27
|
249.15
|
300.00
|
130.35
|
271.42
|
|
15
|
लद्दाख
|
110
|
140.79
|
109.66
|
150
|
109.9685
|
107.81
|
150.00
|
37.50
|
30.44
|
150.00
|
113.81
|
111.33
|
80.00
|
76.25
|
107.15
|
|
16
|
मध्य प्रदेश
|
825
|
1392.25
|
2419.14
|
965
|
1557.47
|
1978.73
|
640.00
|
599.42
|
1105.16
|
840.00
|
703.29
|
966.83
|
720.00
|
460.88
|
763.23
|
|
17
|
महाराष्ट्र
|
305
|
0.00
|
376.73
|
710
|
742.995
|
1074.02
|
1130.00
|
1110.80
|
1507.37
|
1020.00
|
854.93
|
1524.10
|
1360.00
|
529.73
|
1402.23
|
|
18
|
मणिपुर
|
750
|
742.00
|
710.58
|
600
|
744.98
|
539.11
|
660.00
|
161.29
|
296.83
|
400.00
|
2.81
|
88.18
|
20.00
|
49.24
|
40.99
|
|
19
|
मेघालय
|
400
|
483.92
|
536.92
|
230
|
405.885
|
373.72
|
440.00
|
122.59
|
238.19
|
400.00
|
219.62
|
373.80
|
600.00
|
351.04
|
388.09
|
|
20
|
मिजोरम
|
200
|
74.34
|
332.86
|
290
|
584.195
|
315.94
|
370.00
|
141.37
|
381.62
|
350.00
|
87.50
|
45.78
|
300.00
|
86.12
|
121.00
|
|
21
|
नागालैंड
|
140
|
145.31
|
125.83
|
90
|
183.15
|
198.65
|
230.00
|
161.29
|
94.01
|
350.00
|
2.25
|
30.50
|
400.00
|
78.84
|
121.43
|
|
22
|
ओडिशा
|
550
|
404.12
|
1795.5
|
860
|
1235.87934
|
2088.94
|
1125.00
|
1262.55
|
1589.76
|
1000.00
|
712.39
|
736.53
|
660.00
|
285.61
|
447.72
|
|
23
|
पुदुचेरी
|
52
|
11.66
|
0
|
50
|
24.72
|
27.08
|
50.00
|
0.27
|
11.89
|
100.00
|
25.00
|
0.00
|
2.00
|
0.98
|
6.56
|
|
24
|
पंजाब
|
200
|
68.59
|
295.14
|
400
|
231.0625
|
428.72
|
440.00
|
265.10
|
522.95
|
400.00
|
319.87
|
328.82
|
346.77
|
137.07
|
369.79
|
|
25
|
राजस्थान
|
500
|
917.51
|
1452.64
|
400
|
199.9
|
372.38
|
550.00
|
404.79
|
633.09
|
500.00
|
450.46
|
932.86
|
830.00
|
221.46
|
314.94
|
|
26
|
सिक्किम
|
217
|
107.28
|
177.89
|
150
|
263.33175
|
230.34
|
150.00
|
94.37
|
130.13
|
280.00
|
70.00
|
148.98
|
175.00
|
115.14
|
175.99
|
|
27
|
तमिलनाडु
|
450
|
440.00
|
1169.56
|
320
|
613.7
|
532.36
|
370.00
|
411.36
|
777.78
|
750.00
|
638.66
|
741.43
|
1000.00
|
508.74
|
1465.19
|
|
28
|
तेलंगाना
|
400
|
86.38
|
410.8
|
370
|
321.4275
|
345.32
|
540.00
|
296.96
|
479.41
|
460.00
|
132.57
|
399.90
|
575.00
|
209.80
|
527.56
|
|
29
|
त्रिपुरा
|
100
|
73.88
|
202.93
|
160
|
267.59
|
152.9
|
290.00
|
185.03
|
112.64
|
400.00
|
172.75
|
98.25
|
360.00
|
142.40
|
186.73
|
|
30
|
उत्तर प्रदेश
|
800
|
1418.55
|
2074.26
|
2245
|
2068.57
|
3267.32
|
2365.00
|
2679.63
|
3791.65
|
1920.00
|
1968.60
|
2703.84
|
1010.00
|
138.93
|
648.75
|
|
31
|
उत्तराखंड
|
600
|
787.00
|
1218.45
|
900
|
1297.16
|
1350.02
|
740.00
|
551.05
|
800.68
|
760.00
|
815.50
|
934.03
|
700.00
|
446.16
|
595.17
|
|
32
|
पश्चिम बंगाल
|
450
|
49.94
|
701.28
|
700
|
381.03319
|
394.75
|
380.00
|
99.28
|
309.11
|
450.00
|
225.00
|
269.77
|
1000.00
|
534.31
|
1140.56
|
|
कुल
|
14052
|
13952.99
|
27833.22
|
17890
|
18948.60603
|
24228.27
|
17910.00
|
14007.29
|
20301.27
|
18908.86
|
13327.03
|
18672.36
|
18906.77
|
7798.51
|
14914.16
|
यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
***
आर सी/ पीयू
(रिलीज़ आईडी: 2290645)
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