उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
सरकार ने जमाखोरी रोकने, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, मूल्य स्थिरता बनाए रखने और पारदर्शी एवं कुशल चीनी आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए चीनी व्यापारियों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू की
प्रविष्टि तिथि:
28 JUL 2026 4:51PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने 1 अगस्त, 2026 से पूरे देश में चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा लागू करने का निर्णय लिया है। यह आदेश 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा।
जमाखोरी पर रोक लगाने, सट्टा व्यापार को हतोत्साहित करने और उचित कीमतों पर चीनी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने चीनी व्यापारियों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू करने का निर्णय लिया है। इस उपाय का उद्देश्य घरेलू बाजार में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखना, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक व्यापार और वितरण गतिविधियां बिना किसी व्यवधान के जारी रहें।
सरकार ने पाया है कि चीनी के एक्स-मिल मूल्य में हालिया वृद्धि मौजूदा मांग-आपूर्ति की स्थिति के अनुरूप नहीं है। यह भी जानकारी में आया है कि कुछ व्यापारियों, डीलरों और बाजार मध्यस्थों द्वारा की गई जमाखोरी, सट्टा लेनदेन और चीनी की वास्तविक भौतिक आवाजाही के बिना मिलों से केवल कागजी व्यापार ने बाजार में कृत्रिम कमी की धारणा बनाने में योगदान दिया है। ऐसी गतिविधियों के परिणामस्वरूप अनावश्यक मूल्य अस्थिरता उत्पन्न हुई है और एक्स-मिल तथा खुदरा दोनों स्तरों पर चीनी की कीमतों में वृद्धि हुई है। सरकार उपभोक्ताओं को आश्वस्त करती है कि देश में घरेलू खपत की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है।
सभी चीनी व्यापारियों को अपनी चीनी स्टॉक की घोषणा करनी होगी और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल: https://foodstock.dfpd.gov.in/ के माध्यम से साप्ताहिक आधार पर अपने स्टॉक की स्थिति को अपडेट करना होगा। विभाग चीनी बाजार की लगातार निगरानी करता रहेगा और उचित कीमतों पर चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
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पीके/केसी/जेएस/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2290760)
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