शिक्षा मंत्रालय
आईआईटी जोधपुर ने रणनीतिक शैक्षणिक साझेदारियों, हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों एवं उत्कृष्टता सम्मानों के साथ मनाया 19वाँ स्थापना दिवस
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम रहे मुख्य अतिथि; देश के 19 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) ने भारत की उच्च तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु आईआईटी जोधपुर की NEWTEC पहल से जुड़कर किया सहयोग
प्रविष्टि तिथि:
03 AUG 2026 6:00PM by PIB Jaipur
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने अपने 19वें स्थापना दिवस का भव्य आयोजन अनेक ऐतिहासिक पहलों के साथ किया, जो संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम थे, जबकि आईआईटी जोधपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री ए.एस. किरण कुमार ने समारोह की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की मेजबानी आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर देश के 19 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) के निदेशकों एवं वरिष्ठ प्रतिनिधियों, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
स्थापना दिवस समारोह का शुभारम्भ प्रतीकात्मक वृक्षारोपण अभियान के साथ हुआ। इस अवसर पर 19 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) के निदेशकों एवं वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री ए.एस. किरण कुमार, निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने संस्थान परिसर में पौधारोपण कर 'एनआईटी आइलैंड (NITs Island)' की स्थापना की। यह विशेष हरित क्षेत्र देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों के मध्य सहयोग एवं सहभागिता की भावना का स्थायी प्रतीक होगा।
यह पहल केवल एक औपचारिक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी के प्रति आईआईटी जोधपुर एवं सहभागी एनआईटी संस्थानों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। नवस्थापित 'एनआईटी आइलैंड' सहयोग, नवाचार एवं साझा उत्तरदायित्व के माध्यम से हरित, ज्ञान-आधारित एवं भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण की सामूहिक दृष्टि का जीवंत स्मारक बनेगा।
स्थापना दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण आईआईटी जोधपुर–एनआईटी इंजीनियरिंग वूवन टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस कॉरिडोर (NEWTEC) का शुभारम्भ रहा। यह देश में स्नातकोत्तर तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई अपनी तरह की पहली सहयोगात्मक शैक्षणिक पहल है।
इस अभिनव पहल के अंतर्गत 16 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) ने 25 एम.टेक. कार्यक्रमों में शैक्षणिक सहयोग हेतु आईआईटी जोधपुर के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी जोधपुर के दूरदर्शी नेतृत्व में विकसित NEWTEC सहभागी एनआईटी के मेधावी बी.टेक. विद्यार्थियों के लिए आईआईटी जोधपुर में स्नातकोत्तर अध्ययन का एक निर्बाध शैक्षणिक मार्ग प्रदान करता है। यह पहल संयुक्त अनुसंधान, अंतर्विषयी शिक्षा, संकाय सहयोग तथा अत्याधुनिक अनुसंधान अवसंरचना तक पहुँच को भी प्रोत्साहित करती है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप यह पहल शैक्षणिक सहयोग का एक राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है, जो नवाचार को बढ़ावा देने, संस्थागत साझेदारियों को सुदृढ़ करने तथा 'विकसित भारत' के निर्माण हेतु भविष्य के इंजीनियरिंग नेतृत्व का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
NEWTEC: शैक्षणिक एकीकरण का नया युग
प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल की परिकल्पना पर आधारित NEWTEC सहभागी एनआईटी के मेधावी बी.टेक. विद्यार्थियों को आईआईटी जोधपुर में संयुक्त एम.टेक. कार्यक्रम करने का एकीकृत शैक्षणिक अवसर प्रदान करता है।
इस अभिनव मॉडल के अंतर्गत विद्यार्थी अपने मूल एनआईटी में सात सेमेस्टर पूर्ण करने के पश्चात आठवें सेमेस्टर में आईआईटी जोधपुर आएंगे, जहाँ वे संयुक्त मार्गदर्शन में उन्नत पाठ्यक्रम एवं अनुसंधान करेंगे। कार्यक्रम की सफल पूर्णता पर उन्हें संयुक्त एम.टेक. डिग्री प्रदान की जाएगी।
यह पहल संयुक्त अनुसंधान, संकाय सहभागिता, शैक्षणिक गतिशीलता तथा अंतर्विषयी नवाचार को भी प्रोत्साहित करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप यह कार्यक्रम भारत की उच्च तकनीकी शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक 19 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs) इस पहल से जुड़ चुके हैं, जो देश की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
जोधपुर हाइड्रोजन वैली इनोवेशन फाउंडेशन : भारत के हरित हाइड्रोजन मिशन को नई गति
मुख्य अतिथि जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने जोधपुर हाइड्रोजन वैली इनोवेशन फाउंडेशन (JHVIF) का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने फाउंडेशन की आधिकारिक पहचान (Identity) का अनावरण किया, हाइड्रोजन वैली पहल की इंटरैक्टिव प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना की आधारशिला रखी।
आईआईटी जोधपुर द्वारा धारा-8 (Section 8) कंपनी के रूप में स्थापित जोधपुर हाइड्रोजन वैली इनोवेशन फाउंडेशन (JHVIF) भारत सरकार के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य नवीकरणीय हाइड्रोजन के उत्पादन, शुद्धिकरण, संपीड़न, भंडारण एवं औद्योगिक उपयोग को समाहित करते हुए एक समग्र हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना है।
यह पहल जोधपुर की अपार सौर ऊर्जा क्षमता तथा स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए स्वच्छ हाइड्रोजन तकनीकों के लिए एक राष्ट्रीय प्रदर्शन एवं नवाचार केंद्र विकसित करेगी, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास तथा नेट-ज़ीरो लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्य अतिथि जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने इस अवसर पर फील्ड मार्शल सैम होरमुजजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ की प्रतिमा का अनावरण भी किया तथा आईआईटी जोधपुर के अत्याधुनिक अनुसंधान एवं नवाचारों पर आधारित प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उत्कृष्टता का सम्मान
स्थापना दिवस समारोह के दौरान संस्थान की उपलब्धियों एवं तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करने वाले प्रकाशनों "IITJ at a Glance" तथा "TechScape" का भी लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर संस्थान ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
सम्मानित पुरस्कार विजेता
आईआईटी जोधपुर राष्ट्र निर्माण पुरस्कार (IANB – IIT Jodhpur Award for Nation Building)
भारत में डिजिटल सुशासन, निर्वाचन प्रणाली, सुरक्षित सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना तथा प्रौद्योगिकी आधारित राष्ट्र निर्माण में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रो. रजत मूना को आईएएनबी–आईआईटी जोधपुर राष्ट्र निर्माण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
लोक सेवा, उत्कृष्ट पुलिसिंग, मादक पदार्थ विरोधी अभियानों तथा भारत की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री विकास कुमार, आईपीएस को भी आईएएनबी–आईआईटी जोधपुर राष्ट्र निर्माण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
रिकग्निशन ऑफ एक्सीलेंस इन यंग एलुमनाई (REYA) अवार्ड्स–2026
अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, स्वास्थ्य सेवा तथा लोक सेवा के क्षेत्र में अपने युवा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए आईआईटी जोधपुर ने स्थापना दिवस समारोह के दौरान डॉ. अरुण कुमार उपाध्याय, डॉ. आकांक्षा सारण, डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, श्री रजत तथा डॉ. कनिका सिंगरोहा को रिकग्निशन ऑफ एक्सीलेंस इन यंग एलुमनाई (REYA) अवार्ड्स–2026 प्रदान किए।
डॉ. अरुण कुमार उपाध्याय को अल्ज़ाइमर रोग एवं न्यूरोडीजेनेरेशन पर अग्रणी जैव-चिकित्सीय अनुसंधान के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. आकांक्षा सारण को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) एवं मशीन लर्निंग के क्षेत्र में उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को उद्यमिता के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वाणिज्यिक (AI-driven Commerce) समाधानों के विकास के लिए सम्मानित किया गया।
श्री रजत को लोक प्रशासन एवं सुशासन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व एवं विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. कनिका सिंगरोहा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता समर्थित बायोप्रिंटिंग तथा डीप-टेक स्वास्थ्य समाधान के क्षेत्र में उनके अभिनव योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
REYA अवार्ड्स–2026 उन आईआईटी जोधपुर पूर्व छात्रों का सम्मान है, जिनकी उपलब्धियाँ वैश्विक स्तर पर प्रभाव स्थापित कर रही हैं तथा जो संस्थान की नवाचार, उत्कृष्टता, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण की गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आईआईटी जोधपुर अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार–2026
अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए आईआईटी जोधपुर ने अनुसंधान, उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक प्रकाशनों तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संकाय सदस्यों को रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड्स–2026 प्रदान किए।
सीनियर रिसर्चर अवार्ड्स से डॉ. नेहा जैन, डॉ. रंजु मोहन (इंजीनियरिंग), डॉ. गौरव भटनागर (विज्ञान) तथा डॉ. भास्कर कुमार काकती (मानविकी, सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंधन) को सम्मानित किया गया।
यंग रिसर्चर अवार्ड्स से डॉ. पल्लवी जैन, डॉ. भिवराज सुथार, डॉ. शोभना सिंह, डॉ. हृषिकेश (इंजीनियरिंग) तथा डॉ. भूषण प्रवीन जंगम (मानविकी, सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंधन) को सम्मानित किया गया।
हाई इम्पैक्ट पब्लिकेशन अवार्ड्स से प्रो. श्री प्रकाश तिवारी, डॉ. अतुल कुमार शर्मा तथा डॉ. देबाशीष दास को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
ये सम्मान अनुसंधान उत्कृष्टता, नवाचार तथा प्रभावशाली ज्ञान सृजन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने और वैज्ञानिक प्रगति एवं राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के प्रति आईआईटी जोधपुर की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
डॉ. वंदना शर्मा स्मृति शिक्षण नवाचार पुरस्कार–2026
स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के डॉ. विग्नेश मुरलीधरन को अनुभवात्मक एवं परियोजना-आधारित शिक्षण, ब्रेन–कंप्यूटर इंटरफेस के क्षेत्र में नवाचार तथा अंतर्विषयी शिक्षा को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित डॉ. वंदना शर्मा स्मृति शिक्षण नवाचार पुरस्कार–2026 से सम्मानित किया गया।
स्टाफ मेरिटोरियस अवार्ड्स–2026
संस्थान की उत्कृष्टता में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करते हुए श्री जयंत बोरठाकुर (प्रबंधक, आईसीटी–नेटवर्किंग), श्री अमित सिंह चौहान (प्रबंधक, सुविधाएँ) तथा सुश्री स्तुति खंडाल (जूनियर असिस्टेंट) को स्टाफ मेरिटोरियस अवार्ड्स–2026 प्रदान किए गए।
निदेशक मेरिटोरियस सेवा पुरस्कार–2026
संस्थान के प्रशासनिक एवं परिचालन तंत्र को सुदृढ़ बनाने में उत्कृष्ट समर्पण एवं अनुकरणीय सेवाओं के लिए श्री शरभ प्रधान (सहायक कुलसचिव), श्री नीरज कुमार (जूनियर अधीक्षक) तथा श्री श्याम सुंदर सिंह (जूनियर अधीक्षक) को निदेशक मेरिटोरियस सेवा पुरस्कार–2026 से सम्मानित किया गया।
श्री शरभ प्रधान को क्रय प्रक्रिया, लेखा परीक्षण, भर्ती, वाणिज्यिक सुविधाओं के विकास तथा आवास प्रशासन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
श्री नीरज कुमार को वैधानिक निकायों के समन्वय, नीति दस्तावेज़ीकरण, सूचना का अधिकार (RTI) एवं मंत्रालय से संबंधित कार्यों में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
श्री श्याम सुंदर सिंह को संकाय भर्ती, स्थापना संबंधी प्रक्रियाओं तथा संस्थागत डेटा प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने में उनके समर्पित योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
उनकी उत्कृष्ट कार्यनिष्ठा, प्रतिबद्धता एवं प्रशासनिक दक्षता ने आईआईटी जोधपुर के प्रभावी संचालन एवं निरंतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समारोह के दौरान आईआईटी जोधपुर डोनेशन मैनेजमेंट सिस्टम का भी शुभारंभ किया गया, जिससे पूर्व छात्रों एवं संस्थान के हितैषियों के साथ सहभागिता और अधिक सुदृढ़ होगी।
निदेशक का वक्तव्य
इस अवसर पर आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा,
"आईआईटी जोधपुर के प्रथम अठारह वर्ष साहसिक संकल्पों, निरंतर नवाचार और उद्देश्यपूर्ण विकास की प्रेरक यात्रा रहे हैं। 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर, जब हम IITJ 6.0 की परिकल्पना की ओर अग्रसर हैं, तब हम समाज के लिए परिवर्तनकारी ज्ञान, अग्रणी प्रौद्योगिकियों और प्रभावी समाधानों के सृजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे वैश्विक दृष्टि सम्पन्न, नैतिक मूल्यों से युक्त एवं नवाचार-प्रेरित नेतृत्व का निर्माण करना है, जो मानवता की जटिल चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर सके। विश्वस्तरीय अवसंरचना, अंतर्विषयी अनुसंधान तथा उद्योग जगत के साथ सशक्त साझेदारियों के माध्यम से आईआईटी जोधपुर उच्च शिक्षा के भविष्य को नई दिशा दे रहा है और विकसित भारत–2047 तथा सतत विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान दे रहा है।"
मुख्य अतिथि का वक्तव्य
समारोह को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने कहा,
"आप ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं जहाँ भू-राजनीतिक परिवर्तन, भू-अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धा और प्रौद्योगिकी आधारित युद्ध नई चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रहे हैं। यह समय उद्देश्यपूर्ण नवाचार का है। आपका अनुसंधान प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि राष्ट्र को सशक्त बनाने वाले समाधानों में परिवर्तित हो। शिक्षा, उद्योग और रक्षा के बीच सशक्त सेतु स्थापित करें तथा ILEARN—Integrity (ईमानदारी), Lifelong Learning (आजीवन सीखना), Excellence (उत्कृष्टता), Attitude (सकारात्मक दृष्टिकोण), Respect (सम्मान) और Nation (राष्ट्र सर्वोपरि)—के मूल्यों को आत्मसात करें। ज्ञान, चरित्र और प्रतिबद्धता के साथ आप सभी आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से सशक्त भारत के निर्माण में उत्प्रेरक बन सकते हैं तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।"
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री ए.एस. किरण कुमार का वक्तव्य
"स्थापना दिवस हमारी यात्रा का आत्ममंथन करने और भविष्य की दिशा निर्धारित करने का अवसर है। जैसे-जैसे आईआईटी जोधपुर परिपक्वता के नए चरण में प्रवेश कर रहा है, उसे अनुभवात्मक शिक्षण, मातृभाषा आधारित शिक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा को नई परिभाषा देनी होगी। हमारी जिम्मेदारी ऐसे समस्या-समाधानकर्ताओं का निर्माण करना है जो प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करें, प्रौद्योगिकी के सामाजिक प्रभाव को समझें तथा वर्ष 2047 तक भारत और विश्व के लिए सतत एवं प्रभावी समाधान विकसित करें।"
अपने अठारह वर्षों की परिवर्तनकारी विकास यात्रा को पूर्ण करते हुए 19वें स्थापना दिवस समारोह ने ज्ञान संवर्धन, नवाचार को प्रोत्साहन तथा शिक्षा एवं अनुसंधान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति आईआईटी जोधपुर की अटूट प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया। NEWTEC, जोधपुर हाइड्रोजन वैली इनोवेशन फाउंडेशन, अग्रणी संस्थानों के साथ रणनीतिक सहयोग तथा संस्थान के विभिन्न सदस्यों की उत्कृष्ट उपलब्धियों के सम्मान जैसी दूरदर्शी पहलों के माध्यम से आईआईटी जोधपुर तकनीकी नेतृत्व एवं सामाजिक प्रगति के एक सशक्त केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। दूरदर्शी नेतृत्व तथा विकसित भारत के संकल्प से प्रेरित यह संस्थान राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने, भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने तथा आत्मनिर्भर, सतत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के निर्माण में अपना सार्थक योगदान देता रहेगा।




(रिलीज़ आईडी: 2293942)
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