रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
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सरकार ने पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए नैनो उर्वरकों के प्रचार को तेज किया

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ाने के लिए केंद्र, राज्य, अनुसंधान संस्थान और निर्माता सहयोग कर रहे हैं


प्रविष्टि तिथि: 04 AUG 2026 4:54PM by PIB Delhi

सरकार उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने, संतुलित पोषक तत्व वितरण को प्रोत्साहित करने और उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए देश भर में नैनो उर्वरकों के उपयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को अपनाने में तेजी लाने के लिए किसान जागरूकता, तकनीकी हस्तक्षेप, संस्थागत साझेदारी और राज्य स्तरीय प्रोत्साहन कार्यक्रमों सहित एक बहुआयामी रणनीति लागू की गई है।

नैनो उर्वरकों के लाभों के बारे में जागरूकता जगाने के लिए, सरकार देश भर में व्यापक अभियान संचालित कर रही है, जिसमें जागरूकता शिविर, वेबिनार, फील्ड प्रदर्शन, किसान सम्मेलन और क्षेत्रीय भाषाओं में शैक्षिक फिल्मों का प्रसार शामिल है। संबंधित उर्वरक कंपनियों द्वारा प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) के माध्यम से किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे इनकी व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

पत्तियों पर छिड़काव के माध्यम से नैनो उर्वरकों के प्रभावी उपयोग को सुगम बनाने के लिए, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे नैनो उर्वरकों के उपयोग हेतु 'किसान ड्रोन' जैसे नवोन्मेषी छिड़काव विकल्पों और खुदरा केंद्रों पर बैटरी चालित स्प्रेयरों के वितरण जैसी पहल की जा रही हैं। इसके लिए ग्राम स्तरीय उद्यमियों के माध्यम से पायलट प्रशिक्षण और अनुकूलित किराये पर छिड़काव सेवाओं को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

कई राज्य सरकारों ने नैनो उर्वरकों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए पहल की है। गुजरात सरकार एक विशेष सहायता पहल के अंतर्गत नैनो उर्वरकों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है, जबकि राजस्थान सरकार नैनो उर्वरकों के छिड़काव की लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देती है। उत्तराखंड सरकार ने एटीएमए, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) और मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री राज्य विकास योजना और राज्य बाजरा नीति के तहत आयोजित प्रदर्शनों में नैनो उर्वरकों के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। ओडिशा सरकार 2026-27 के दौरान विभिन्न राज्य योजनाओं के तहत नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

नैनो उर्वरक निर्माताओं द्वारा उठाए गए कदम:

  • प्रमुख कृषि प्रधान राज्यों में नैनो उर्वरकों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए नैनो उर्वरक निर्माताओं ने व्यापक जागरूकता और प्रचार गतिविधियां चलाई हैं। इनमें किसान बैठकें, फसल सेमिनार, क्षेत्र प्रदर्शन, फील्ड डे और संस्थागत परीक्षण शामिल हैं, जिनका उद्देश्य किसानों को उत्पाद के उपयोग, पोषक तत्व दक्षता, लागत लाभ और फसल प्रदर्शन के बारे में शिक्षित करना है।
  • नैनो उर्वरक निर्माताओं ने नैनो उर्वरकों के सही उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान, क्षेत्र परीक्षण और विस्तार कार्यकर्ताओं, खुदरा विक्रेताओं और अन्य हितधारकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और राज्य कृषि विभागों के साथ भी साझेदारी की है।
  • जागरूकता बढ़ाने के लिए कंपनियों ने टेलीविजन अभियान, किसान मेले, कृषि प्रदर्शनियां, दीवार पेंटिंग, होर्डिंग्स, डीलर डिस्प्ले, मोबाइल अभियान, मुद्रित साहित्य और यूट्यूब एवं फेसबुक जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया है। किसान गोष्ठी, विकसित भारत संकल्प यात्रा गतिविधियां और ग्राम स्तरीय अभियान जैसे विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
  • आईएफएफसीओ और कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड (सीआईएल) जैसे निर्माताओं ने बताया है कि किसानों से बातचीत और उनके अनुभवों के आधार पर प्रतिक्रिया एकत्र की गई है। कंपनियों के अनुसार, किसानों ने आम तौर पर नैनो उर्वरकों के साथ सकारात्मक अनुभव साझा किए हैं और इनका उपयोग जारी रखने की इच्छा जताई है।

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसएस/एमपी


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