जल शक्ति मंत्रालय
महा जल मिशन का कार्यान्वयन
प्रविष्टि तिथि:
06 AUG 2026 4:56PM by PIB Delhi
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ), भारत सरकार का एक सांविधिक निकाय, की स्थापना एएनआरएफ अधिनियम, 2023 के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुसार प्राकृतिक विज्ञान और मानविकी व सामाजिक विज्ञान के वैज्ञानिक व तकनीकी इंटरफेस के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए उच्च स्तरीय कार्यनीतिक दिशा प्रदान करना, बढ़ावा देना, निगरानी करना और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करना है। मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज़ (एम.ए.एच.ए) एएनआरएफ के अंतर्गत एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य देश की प्रमुख आवश्यकताओं के अनुसार कुछ विशेष क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए मिशन मोड में प्राथमिकता-केंद्रित, समाधान-आधारित शोध को बढ़ावा देना है। यह वर्तमान समय की सर्वाधिक प्राथमिकता वाली चिंताओं के क्षेत्रों में औद्योगिक साझेदारियों सहित एक बहुविषयक, बहुसंस्थागत तथा बहु-अन्वेषक परियोजना है।
दिनांक 01 जून 2026 को शुरु किया गया एमएएचए जल कार्यक्रम, एएनआरएफ तथाजल शक्ति मंत्रालयका एक संयुक्त पहल है जिसका उद्देश्य जल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों के समाधान हेतु मिशन-उन्मुख एवं समाधान-आधारित अनुसंधान का समर्थन करना है। एमएएचए जल कार्यक्रम के पाँच प्रमुख विषय: जल संसाधन का आकलन और सतत प्रबंधन; पेयजल; जल गुणवत्ता; मानव और पारिस्थितिक स्वास्थ्य; जल उपयोग दक्षता एवं सर्कुलर इकोनॉमी; तथा जलवायु रिजिलियंस और अनुकूलन हैं।
एएनआरएफ एमएएचए जल कार्यक्रमके अंतर्गत, कई प्रधान अन्वेषकों तथा अकादमिक संस्थानों/प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संगठनों, डीएसआईआर-एसआईआरओ में पंजीकृत अनुसंधान संगठनों तथा धारा 8 की पात्रकंपनियोंवाले कंसोर्टियम मोड में प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं। कुल परियोजना लागत के 10% नकद योगदान के साथ कम से कम एक स्टार्ट-अप/ एमएसएमई/इंडस्ट्री पार्टनर की भागीदारी अतिआवश्यक है। इससे संबंधित https://anrfonline.in/ANRF/mahawp_anrf?HomePage=New New वेबसाइट पर उपलब्ध है।
स्टार्ट-अप/ एमएसएमई की भागीदारी को सुगम बनाने और जल से जुड़ी नई तकनीकों के विकास और लागू करने की गति बढ़ाने के लिए भारत, डब्ल्यूआइएन (विन)पोर्टलकी शुरूआत की गई है।
इसके अतिरिक्त, जल क्षेत्र की मुख्य चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक, बड़े पैमाने पर लागू की जा सकने वाली और फील्ड-रेडी प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'जल शक्ति हैकाथॉन-2025' का आयोजन किया गया।
चजल क्षेत्र से संबंधित अनुसंधान एवं विकास संबंधी परिणामों को हितधारकों जैसे राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों, सहयोगी मंत्रालयों और परियोजना का कार्यान्वयन करने वाली एजेंसियों के साथ इसे अपनाने और कार्यान्वित करने के लिए साझा किया जाता है।
यह सूचना जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी द्वारा लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में प्रदान की गई है।
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एन.डी.
(रिलीज़ आईडी: 2295551)
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