विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
CSIR-NIScPR ने "विज्ञान संचार और उभरते रुझान" पर कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का आयोजन किया
प्रविष्टि तिथि:
06 AUG 2026 3:59PM by PIB Delhi
CSIR-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NIScPR), नई दिल्ली ने CSIR एकीकृत कौशल पहल (चरण III) के तहत 4 और 5 अगस्त 2026 को "विज्ञान संचार और उभरते रुझान" पर दो दिवसीय कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। संस्थान के प्रशिक्षण प्रभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, शैक्षणिक संगठनों, मीडिया और उद्योग के 30 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अनुभव के जरिये सीखने पर विशेष जोर देते हुए तैयार किए गए इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञ व्याख्यान, संवादात्मक चर्चाएं और व्यावहारिक सत्र शामिल थे, ताकि प्रतिभागियों को आधुनिक विज्ञान संचार पद्धतियों और उभरती प्रौद्योगिकियों की व्यापक समझ प्रदान की जा सके।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता CSIR-NIScPR की निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम ने की। उन्होंने प्रतिभागियों को पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने तथा देश में विज्ञान संचार को मजबूत करने के लिए संस्थान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान को अधिक विश्वसनीय और प्रभावशाली बनाने में जिम्मेदार विज्ञान संचार, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और एआई (AI) के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।
CSIR-NIScPR के प्रशिक्षण प्रभाग के प्रमुख श्री मुकेश ए. पुंड ने स्वागत भाषण दिया और वैज्ञानिक अनुसंधान एवं समाज के बीच की दूरी को पाटने में विज्ञान संचार के बढ़ते महत्व पर बल दिया। नोडल प्रधान अन्वेषक (PI) सुश्री मिताली भारती ने कार्यक्रम के उद्देश्यों का परिचय दिया और दो दिवसीय कार्यक्रम की कार्यवाही का समन्वय किया। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. परमानंद बर्मन ने कार्यक्रम की रूपरेखा का अवलोकन प्रस्तुत किया और इसके बाद शैक्षणिक सत्रों का संचालन किया।
प्रशिक्षण में कई समकालीन विषयों को शामिल किया गया, जिनमें विज्ञान संचार के मूल सिद्धांत और विभिन्न प्रारूप, श्रोता-केंद्रित संचार रणनीतियां, विज्ञान संचार में व्यावहारिक अंतर्दृष्टि, सोशल मीडिया प्रबंधन, पॉडकास्टिंग, इन्फोग्राफिक्स और लघु वीडियो का विकास, विज्ञान संचार में AI ऐप्स, नैतिकता, पेशेवर जिम्मेदारियां और उभरते करियर के अवसर शामिल हैं। कार्यक्रम में डॉ. हेमांन्सी और सुश्री प्रियंका (अशोका यूनिवर्सिटी), डॉ. परमानंद बर्मन, डॉ. वी. वी. बिनॉय (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, बेंगलुरु), डॉ. एच. एस. सुधीरा (निदेशक, गुब्बी लैब्स), डॉ. मेहर वान (प्रशिक्षण कार्यक्रम के सह-समन्वयक) और CSIR-NIScPR के संकाय सदस्यों द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान दिए गए। प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए, प्रतिभागियों की अपेक्षाओं, सीखने के परिणामों और दृष्टिकोण का मूल्यांकन करने हेतु प्रशिक्षण से पहले और बाद में सर्वेक्षण आयोजित किए गए।
समापन सत्र को श्री मुकेश ए. पुंड और सुश्री मिताली भारती ने संबोधित किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी और उन्हें साक्ष्य-आधारित एवं जिम्मेदार विज्ञान संचार को बढ़ावा देने के लिए अपने-अपने संस्थानों में अर्जित ज्ञान और कौशल को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया। CSIR एकीकृत कौशल पहल के सह-पीआई श्री सलीम अंसारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय किया। सभी सफल प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी और कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के उपलक्ष्य में प्रमाण पत्र वितरित किए गए।





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पीके/केसी/जेएस
(रिलीज़ आईडी: 2295638)
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