इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
इंडियाएआई मिशन ने भारत के एआई टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए चितकारा यूनिवर्सिटी में एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया
इंडियाएआई मिशन ने चितकारा यूनिवर्सिटी में एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम के माध्यम से शैक्षणिक भागीदारी को मजबूत किया
प्रविष्टि तिथि:
06 AUG 2026 7:00PM by PIB Delhi
इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन द्वारा 6 अगस्त, 2026 को चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा में एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम (यूईपी) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एआई जागरूकता को मजबूत करना, एआई संसाधनों तक पहुँच सबके लिए सुलभ बनाना और छात्रों को भारत के तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम में भाग लेने के लिए आवश्यक ज्ञान और टूल्स से लैस करना था।
मार्च 2024 में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित, 'इंडियाएआई मिशन' नवाचार को बढ़ावा देकर, जिम्मेदार एआई विकास को सक्षम बनाकर, स्वदेशी एआई क्षमताओं को मजबूत करके और यह सुनिश्चित करके कि एआई का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ग्लोबल लीडर बनने के भारत के दृष्टिकोण को गति दे रहा है।
इस मिशन का एक प्रमुख स्तंभ एआईकोश भारत के एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है। यह उच्च गुणवत्ता वाले डेटासेट्स, एआई मॉडल, टूलकिट्स, बेंचमार्क और अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों तक पहुँच प्रदान करता है जो अनुसंधान और एआई एप्लिकेशन के विकास का सहयोग करते हैं। एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम के माध्यम से, इंडियाएआई मिशन व्यावहारिक शिक्षण और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों को इन राष्ट्रीय एआई परिसंपत्तियों से परिचित कराता है।
इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, चितकारा यूनिवर्सिटी के 250 से अधिक छात्रों ने एक्सपर्ट सेशन, लाइव डेमो और प्रैक्टिकल एक्टिविटीज में भाग लिया, जिनका उद्देश्य उन्हें एआईकोश और व्यापक इंडियाएआई इकोसिस्टम से परिचित कराना था। प्रतिभागियों ने एआईकोश एमसीपी (मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल) और एआईकोश एसडीके (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट) का भी अनुभव लिया, जो उपयोगकर्ताओं को नेचुरल लैंग्वेज का उपयोग करके डेटासेट्स और एआई मॉडल की खोज करने में सक्षम बनाता है। इससे राष्ट्रीय एआई संसाधनों तक पहुँच आसान होती है और डेवलपर्स एवं नॉन-डेवलपर्स दोनों के लिए तकनीकी बाधाएँ दूर होती हैं।
इस पहल पर बोलते हुए, इंडियाएआई मिशन के निदेशक, श्री मोहम्मद वाई. सफिरुल्ला के (आईएएस) ने कहा:
"एआई को सबके लिए सुलभ बनाने के हमारे माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इसके क्रांतिकारी लाभ देश के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचें। यह प्रतिबद्धता तीन आधारभूत स्तंभों—पीपल (जनता), प्लैनेट (ग्रह), और प्रोग्रेस (प्रगति)—पर टिकी है, जो कि फरवरी 2026 में आयोजित इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रमुखता से प्रदर्शित एक दर्शन था। हमारे यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम के हिस्से के रूप में, हम इस वर्ष देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में भारत के समृद्ध एआई इकोसिस्टम के बहुआयामी पहलुओं को प्रदर्शित करने के लिए कार्य करेंगे।"
इस सहयोग का स्वागत करते हुए, चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट और सह-संस्थापक, डॉ. मधु चितकारा ने कहा:
"आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे सीखने, नवाचार करने और जटिल चुनौतियों का समाधान निकालने के तरीके को बदल रहा है। चितकारा यूनिवर्सिटी में, हमने हमेशा अपने छात्रों को उन तकनीकों के लिए तैयार करने में विश्वास किया है जो भविष्य को आकार देंगी। एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम के माध्यम से इंडियाएआई मिशन के साथ हमारा यह सहयोग, एआई के ज्ञान, कौशल और जिम्मेदारीपूर्ण दृष्टिकोण से लैस भविष्य के लिए तैयार पेशेवरों को विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल हमारे छात्रों को अत्याधुनिक एआई संसाधनों से जुड़ने और भारत को वैश्विक एआई लीडर बनाने के दृष्टिकोण में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएगी।"
एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम के अगले चरण के हिस्से के रूप में, छात्रों को एआईकोश ओपन-सोर्स कम्युनिटी और यूनिवर्सिटी के संस्थागत प्रोफाइल के माध्यम से डेटासेट्स योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्हें मौजूदा डेटासेट्स को और बेहतर बनाने तथा जनहित से जुड़े मामलों का समाधान करने वाले प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट एआई एप्लिकेशन्स विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। छात्र संचालित उत्कृष्ट योगदानों पर भविष्य में मान्यता देने हेतु विचार किया जा सकता है, जिससे एआई साक्षरता और डेटासेट एक्सप्लोरेशन से लेकर नवाचार और वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान तक का मार्ग प्रशस्त होगा।
एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसे छात्रों, शोधकर्ताओं और फैकल्टी सदस्यों को भारत के नेशनल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से परिचित कराकर उच्च शैक्षणिक संस्थानों में एआई को अपनाने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। आज, एआईकोश 14,000 से अधिक डेटासेट्स, 300 से अधिक एआई मॉडल और 30 से अधिक टूलकिट्स की उपलब्ध करता है, जिससे शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, डेवलपर्स और छात्रों को विश्वसनीय राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग करके एआई समाधान बनाने में मदद मिलती है।
चितकारा यूनिवर्सिटी में आयोजित यह कार्यक्रम एआई-सक्षम प्रतिभाशाली कार्यबल का निर्माण करने तथा देश के लिए एक समावेशी, जिम्मेदार और नवाचार-संचालित एआई इकोसिस्टम बनाने के इंडियाएआई मिशन के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। एआईकोश यूनिवर्सिटी एंगेजमेंट प्रोग्राम के माध्यम से, यह मिशन देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के साथ निरंतर जुड़ता रहेगा और कैंपस-स्तर पर ऐसी एआई कम्युनिटीज को बढ़ावा देगा जो डेटासेट्स, मॉडल, एप्लिकेशन्स, अनुसंधान और जिम्मेदार एआई उपयोग में अपना योगदान दे सकें।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2295764)
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