महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
मिशन शक्ति दिशानिर्देशों के तहत, वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर एकीकृत और तत्काल सहायता प्रदान करता है
मंत्रालय ने मिशन शक्ति डैशबोर्ड भी विकसित किया है, जो मिशन शक्ति के अंतर्गत योजनाओं के कामकाज की वास्तविक समय निगरानी में सहायक है
प्रविष्टि तिथि:
07 AUG 2026 4:26PM by PIB Delhi
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि मिशन शक्ति के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित एवं संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर समेकित एवं त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक वन स्टॉप सेंटर के लिए निर्धारित न्यूनतम आधारभूत संरचना एवं सेवा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाता है। इनमें परामर्श हेतु पर्याप्त स्थान, अस्थायी आश्रय, चिकित्सा एवं विधिक सहायता, दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच, योजना के लोगो से युक्त समर्पित वाहन, प्रशिक्षित कार्मिकों की उपलब्धता तथा पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ प्रभावी समन्वय की व्यवस्था शामिल है। इन प्रावधानों का उद्देश्य संकटग्रस्त महिलाओं को समयबद्ध, समन्वित एवं समग्र सहायता प्रदान करना है। इसकी स्थापना के विचार के बाद 1 अप्रैल, 2015 से 30 जून, 2026 तक देशभर में 1,033 वन स्टॉप सेंटरों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 991 वन स्टॉप सेंटर अभी संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को परामर्श, चिकित्सा, विधिक सहायता, अस्थायी आश्रय तथा अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उत्तर प्रदेश में अभी 124 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं और इनके माध्यम से 34 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में, वन स्टॉप सेंटर एक समर्पित सरकारी भवन में संचालित हो रहा है, जिसमें निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मिशन शक्ति केंद्र प्रायोजित योजना है और इस योजना के कार्यान्वयन की दायित्व राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों पर है। मिशन शक्ति के दिशानिर्देशों के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। देश भर में ओएससी के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त कर्मचारी और बुनियादी ढांचागत सहायता प्रदान की जाती है।
राज्य सरकार के विभिन्न अधिकारी ओएससी का निरीक्षण/प्रदर्शन मूल्यांकन करते हैं और निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तुरंत दूर किया जाता है।
इसके अलावा वर्ष में एक बार, कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर योजना की प्रगति की निगरानी करता है और उद्देश्यों की प्राप्ति तथा महिलाओं और बच्चों को दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा करता है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय के अधिकारी समय-समय पर बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के क्षेत्रीय दौरों से योजना की निरंतर समीक्षा करते हैं।
मंत्रालय ने मिशन शक्ति डैशबोर्ड भी विकसित किया है, जो जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिशन शक्ति के अंतर्गत योजनाओं के कामकाज की वास्तविक समय में निगरानी की सुविधा प्रदान करता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों के साथ मिलकर, मिशन शक्ति के तहत लाभार्थियों की बढ़ती आवश्यकताओं, दृश्यता और समय पर सहायता की व्यवस्था सुदृढ बनाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
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पीके/केसी/एकेवी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2296255)
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