श्रम और रोजगार मंत्रालय
ईपीएफओ अब नियामक नहीं, सुविधादाता की भूमिका में : श्री अजीत कुमार
विश्वास योजना-2026 से नियोक्ताओं को मिलेगा बड़ा लाभ, अग्रिम निकासी के नियम हुए सरल
प्रविष्टि तिथि:
08 AUG 2026 7:03PM by PIB Jaipur
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अब केवल नियामक संस्था के रूप में नहीं, बल्कि नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के लिए सुविधादाता (Facilitator) के रूप में कार्य कर रहा है। उद्योगों की प्रगति में मानव संसाधन को सबसे महत्वपूर्ण निवेश बताते हुए अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त, राजस्थान अंचल श्री अजीत कुमार ने कहा कि ईपीएफओ द्वारा प्रक्रियाओं को सरल बनाने और हितधारकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
दी एसएसआई एसोसिएशन, कोटा द्वारा आयोजित परिचर्चा में उद्यमियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए श्री अजीत कुमार ने विश्वास योजना-2026, एमनेस्टी योजना, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY), सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 तथा इसके अंतर्गत अधिसूचित नई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का भविष्य निधि ब्याज भी सभी पात्र सदस्यों के खातों में समय पर जमा किया जा चुका है।
अग्रिम निकासी के नियम हुए सरल
श्री अजीत कुमार ने बताया कि नई कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026 के तहत अग्रिम निकासी के प्रावधानों को अधिक सरल एवं सदस्य हितैषी बनाया गया है। बीमारी के उपचार के लिए अग्रिम निकासी पर अब कोई सीमा नहीं होगी। शिक्षा के लिए सदस्यता अवधि में अधिकतम 10 बार, विवाह के लिए 5 बार तथा आवास संबंधी जरूरतों के लिए 5 बार तक अग्रिम निकासी की सुविधा होगी। सभी प्रकार की अग्रिम निकासी के लिए न्यूनतम 12 माह की सदस्यता आवश्यक होगी तथा पात्रता के अनुसार सदस्य अपने खाते में उपलब्ध कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान सहित ब्याज की 75 प्रतिशत तक राशि निकाल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के अंतर्गत ईपीएफओ ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026, कर्मचारी पेंशन योजना-2026 तथा कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना (EDLI)-2026 अधिसूचित की हैं।
विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान से मिलेगा लाभ
उन्होंने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच नियुक्त एवं वर्तमान में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को ईपीएफओ के दायरे में लाने का अवसर मिलेगा। जिन कर्मचारियों से पूर्व में कर्मचारी अंशदान नहीं काटा गया है, उनका अंशदान माफ किए जाने तथा नियोक्ता द्वारा निर्धारित अंशदान, ब्याज एवं प्रशासनिक शुल्क जमा करने का प्रावधान है। विलंब क्षति राशि मात्र ₹100 निर्धारित की गई है।
विश्वास योजना-2026 से अनुपालन में मिलेगी राहत
श्री अजीत कुमार ने बताया कि विलंबित अंशदान से संबंधित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए विश्वास योजना-2026 लागू की गई है। इसके तहत देय क्षति राशि को तर्कसंगत एवं कम किया गया है तथा यह योजना 14 जून 2024 से पूर्व की अंशदान अवधि से संबंधित मामलों पर लागू होगी। उन्होंने नियोक्ताओं से योजना का अधिकतम लाभ उठाकर लंबित मामलों का समाधान करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि बिना औपचारिक छूट अधिसूचना के भविष्य निधि ट्रस्ट संचालित कर रहे प्रतिष्ठानों के नियमितीकरण के लिए एमनेस्टी योजना भी लागू की गई है। इसके माध्यम से अनुपालन संबंधी आवश्यक राहत देते हुए पुराने मामलों एवं विवादों के समाधान का अवसर उपलब्ध कराया गया है।
रोजगार सृजन को मिलेगा प्रोत्साहन
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि योजना के तहत पहली बार रोजगार पाने वाले युवाओं तथा अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना का लाभ ₹1 लाख तक मासिक वेतन वाले पात्र कर्मचारियों को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीकृत भविष्य निधि एवं पेंशन भुगतान प्रणाली से सदस्यों एवं पेंशनभोगियों को भुगतान प्रक्रिया में सुविधा मिली है। वहीं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के सहयोग से पेंशनभोगी घर बैठे डाक सेवक के माध्यम से निःशुल्क डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय आयुक्त-द्वितीय श्री सुधीर कुमार बत्रा ने ईपीएफओ द्वारा किए जा रहे विभिन्न नवाचारों एवं सुधारों की जानकारी देते हुए पात्र प्रतिष्ठानों से विश्वास योजना-2026 का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में दी एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक श्री गोविन्द राम मित्तल ने श्री अजीत कुमार का स्वागत किया और ईपीएफओ के सुधारों, विशेषकर विश्वास योजना-2026 को नियोक्ताओं के लिए उपयोगी बताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दीपक मेहता ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की परिचर्चाएं उद्योग जगत और ईपीएफओ के बीच संवाद एवं जागरुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण हैं।
परिचर्चा में एसोसिएशन के पदाधिकारियों, सदस्य उद्यमियों तथा विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

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(रिलीज़ आईडी: 2296601)
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