भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों की  बैठक आयोजित की


ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों ने ‘नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों सहित निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को मजबूत करने’ पर संयुक्त बयान अपनाया

ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों ने प्रभावी प्रतिस्पर्धा प्रवर्तन को बढ़ावा देने और तेजी से आपस में जुड़े बाजारों में चुनौतियों का समाधान करने के लिए सहयोग, बातचीत और ज्ञान-साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई

प्रविष्टि तिथि: 09 AUG 2026 3:21PM by PIB Delhi

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने  8 अगस्त को राजस्थान के उदयपुर में ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों की बैठक आयोजित की। यह बैठक वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत हुई।

इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया गया। इसका उद्देश्य निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धा कानून व नीति में उभरती चुनौतियों का समाधान करने में सहयोग को मजबूत करना था।

सीसीआई अध्यक्ष श्रीमती रवनीत कौर ने उद्घाटन भाषण में  ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों की साझा जिम्मेदारी पर जोर दिया। इस जिम्मेदारी के अंतर्गत ऐसे प्रतिस्पर्धी बाजारों को बनाए रखना और बढ़ावा देना है जो दक्षता, उपभोक्ता कल्याण, नवाचार और व्यवसायों को योग्यता के आधार पर प्रतिस्पर्धा करने के अवसर प्रदान करते हैं।

सीसीआई की अध्यक्ष नेडिजिटल बाजारों और उभरती प्रौद्योगिकियों की तेजी से बढ़ती सीमा-पार प्रकृति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा प्रवर्तन के लिए जानकारीपूर्ण, प्रभावी और भविष्य के लिए तैयार दृष्टिकोण विकसित करने के लिए ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के बीच निरंतर सहयोग और ज्ञान-साझा करना आवश्यक होगा।

सीसीआई की अध्यक्ष ने नवीकरणीय ऊर्जा और स्थिरता की दिशा में वैश्विक बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के बीच निरंतर सहयोग निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों को बढ़ावा देने में योगदान देगा। इसके साथ ही यह सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा के साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बाजार की बदलती गतिशीलता और प्रवर्तन की उभरती चुनौतियों के बीच, प्रतिस्पर्धा कानून के अंतर्गत किए जाने वाले हस्तक्षेप सिद्धांतों पर आधारित, साक्ष्य-आधारित और प्रतिस्पर्धा कानून के मुख्य उद्देश्यों पर मजबूती से टिके होने चाहिए।

बैठक के दौरान, ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा कानून और नीति में हाल के बदलावों पर विचार-विमर्श किया। इसमें महत्वपूर्ण प्रवर्तन पहल, संस्थागत विकास और घरेलू बाजारों में उभरती चुनौतियां शामिल थीं।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत, सीसीआई ने "ब्रिक्स में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उभरता प्रतिस्पर्धा परिदृश्य" शीर्षक से संयुक्त ब्रिक्स अध्ययन का नेतृत्व किया। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों में नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों में बदलती प्रतिस्पर्धा की गतिशीलता को बेहतर ढंग से समझना और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करना था। बैठक के दौरान इस अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए।

बैठक के दौरान, ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों का संयुक्त बयान अपनाया गया, जिसका शीर्षक है "नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों सहित निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को मजबूत करना"। यह संयुक्त बयान प्रतिस्पर्धी, अभिनव, सुदृढ़शील और टिकाऊ नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों को बढ़ावा देने और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े उभरते प्रतिस्पर्धा मुद्दों से निपटने में ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के बीच ज्ञान साझा करने को बढ़ाने के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ब्राजील की आर्थिक रक्षा प्रशासनिक परिषद (सीएडीई) ने प्रतिभागियों को 2027 में ब्राजील में होने वाले 10वें ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा सम्मेलन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी।

बैठक का समापन ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों के समापन भाषणों के साथ हुआ। उन्होंने प्रभावी प्रतिस्पर्धा प्रवर्तन को बढ़ावा देने और तेजी से आपस में जुड़े बाजारों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर सहयोग, बातचीत और ज्ञान साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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पीके/केसी/पीके/एसएस  


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