वित्त मंत्रालय
आईसीओएएस दिवस 2026 के अवसर पर आईसीओएएस समुदाय ने आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत में सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की
व्यय सचिव श्री वी. वुआलनम ने भारत सरकार के लागत प्रबंधन में आईसीओएएस अधिकारियों के बहुमूल्य और अथक प्रयासों की सराहना की
रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह: रक्षा क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व परिवर्तन के समय वित्तीय विवेक और व्यावसायिक विशेषज्ञता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है
रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार: लागत प्रबंधन में आईसीओएएस अधिकारियों का सहयोग केवल खर्च कम करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे बेहतर निवेश निर्णय लेने में भी मदद मिलती है
प्रविष्टि तिथि:
09 AUG 2026 7:34PM by PIB Delhi
रक्षा मंत्रालय में रक्षा विभाग सचिव श्री राजेश कुमार सिंह आज नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के तत्वावधान में आयोजित भारतीय लागत लेखा सेवा (आईसीओएएस) के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग सचिव श्री संजीव कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में इस अवसर पर मौजूद रहे। इस वर्ष का समारोह "आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन में आईसीओएएस अधिकारियों की भूमिका" विषय के अंतर्गत मनाया गया, जो भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में लागत और वित्तीय दक्षता के बढ़ते महत्व को दर्शाता है, जिससे विकसित भारत का निर्माण हो सके।



रक्षा विभाग सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने मुख्य भाषण देते हुए सरकारी मंत्रालयों और विभागों में लागत प्रबंधन प्रथाओं को सुदृढ़ करने में आईसीओएएस अधिकारियों की व्यावसायिकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और अटूट समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में विवेकपूर्ण लागत सुधार, संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और सुदृढ़ वित्तीय निगरानी के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में सेवा ने निरंतर उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है।


विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने संबोधन में, रक्षा उत्पादन विभाग सचिव श्री संजीव कुमार ने स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने में लागत लेखांकन विशेषज्ञता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे न केवल भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि निर्यात बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी। उन्होंने रक्षा उत्पादन प्रणाली में आईसीओएएस अधिकारियों की अनूठी और रणनीतिक भूमिका की सराहना की और बदलते रक्षा अधिग्रहण परिदृश्यों के अनुरूप सेवा और उसके कामकाज को नए सिरे से परिभाषित करने तथा राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन देने के लिए आईसीओएएस अधिकारियों और रणनीतिक क्षेत्रों के बीच गहन तालमेल विकसित करने का आह्वान किया।


वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (डीओई) सचिव श्री वी. वुआलनम ने वीडियो संदेश के माध्यम से आईसीओएएस दिवस 2026 के अवसर पर अधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत सरकार में प्रभावी लागत प्रबंधन में आईसीओएएस अधिकारियों के बहुमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ, आईसीओएएस अधिकारी लागत दक्षता, उचित जोखिम आवंटन और सुदृढ़ परियोजना संरचना सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस मौके पर, आईसीओएएस का एक स्मारक ई-ब्रॉचर जारी किया गया, जिसमें सेवा के विकास, प्रमुख कार्यों, उल्लेखनीय उपलब्धियों और क्षमता-निर्माण संबंधी पहलों का विस्तृत विवरण उल्लिखित है।


कार्यक्रम के शुरुआती भाग में, मुख्य सलाहकार (लागत) और आईसीओएएस के प्रमुख श्री आनंद कुमार पाल ने आईसीओएएस सेवा के अधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनसे भारत सरकार के वित्तीय विश्लेषक बनने के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों से सत्यनिष्ठा और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बरकरार रखने और नवीनतम वित्तीय मॉडलिंग उपकरणों, डेटा विजुअलाइजेशन की एडवांस तकनीकों और दूरदर्शी वित्तीय सलाह एवं सुदृढ़ नीति निर्माण में सहायक विश्लेषणात्मक फ्रेमवर्क को अपनाने पर भी बल दिया, जिससे विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

श्री रोहिन कोप्पुरावुरी, संयुक्त निदेशक (लागत) ने सेवा की यात्रा, विकास, इसके योगदान और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन की बढ़ती मांगों को पूरा करने और "खर्च किए गए प्रत्येक रुपये के लिए अधिकतम मूल्य" सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में अपनाई जाने वाली कार्ययोजना पर एक प्रस्तुति दी।

उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हुए, छः युवा आईसीओएएस अधिकारियों को रक्षा विभाग सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की ओर से 'सर्वोत्तम', 'अति उत्तम', 'उत्तम' और 'प्रोत्साहन' प्रशंसा प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया, जो सेवा के युवा अधिकारियों के सराहनीय प्रयासों को प्रोत्साहित करने और मान्यता देने के लिए स्थापित किए गए हैं।


उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जो नवाचार, निरंतर सीखने और व्यावसायिक उत्कृष्टता के प्रति आईसीओएएस की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

पहले तकनीकी सत्र में, श्री नंदकुमारम ने "सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल” विषय पर बात की और सरकारी स्तर पर लागत और वित्तीय प्रबंधन कार्यों के लिए सार्वजनिक वित्त मूल्य श्रृंखला में दक्षता बढ़ाने और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के हस्तक्षेप में इसकी बदलावकारी क्षमता का विस्तार से वर्णन किया।


दूसरे तकनीकी सत्र में श्री अरविंद राज ने अधिकारियों को "तनाव प्रबंधन" विषय पर संबोधित किया और अधिकारियों को व्यस्त आधिकारिक जिम्मेदारियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर लचीलेपन बनाए रखने में मदद करने के लिए बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और व्यावहारिक रणनीतियां साझा कीं।


इस समारोह में विभिन्न मंत्रालयों व विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिससे नीति निर्माण, लागत प्रबंधन और कुशल सार्वजनिक व्यय में आईसीओएएस की अपरिहार्य भूमिका की पुष्टि हुई।

इस प्रकार आईसीओएएस दिवस 2026 क्षमता निर्माण, जानकारी के आदान-प्रदान और रणनीतिक संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जिसने आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से लचीले विकसित भारत के प्रति सेवा की अटूट प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2296918)
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