संस्कृति मंत्रालय
छात्रों के बीच भारतीय शास्त्रीय नृत्यों को बढ़ावा
प्रविष्टि तिथि:
10 AUG 2026 4:38PM by PIB Delhi
सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप स्कूली शिक्षा में भारतीय शास्त्रीय नृत्यों को शामिल करने को बढ़ावा देती है, जो कला-एकीकृत, अनुभवात्मक और बहुविषयक शिक्षा पर बल देती है। संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन, सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों के लिए भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य परंपराओं को शामिल करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। मध्य प्रदेश में, इन कार्यक्रमों में कथक, राय, मटकी, कर्मा और ग्रिडा जैसे नृत्य रूप शामिल हैं। स्थानीय और क्षेत्रीय कला रूपों को बढ़ावा देने के लिए सीसीआरटी का दमोह (मध्य प्रदेश) में एक क्षेत्रीय केंद्र भी है।
इसके अतिरिक्त, संगीत नाटक अकादमी स्कूली बच्चों के बीच भारतीय प्रदर्शन कलाओं को बढ़ावा देने के लिए व्याख्यान, कार्यशालाओं और प्रदर्शनों से युक्त कला धरोहर श्रृंखला का आयोजन करती है।
सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले 10-14 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों और पारंपरिक कला प्रदर्शन करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना (सीटीएसएस) का संचालन करता है। यह योजना भारतीय शास्त्रीय नृत्य और अन्य सांस्कृतिक विधाओं में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करती है। प्रत्येक छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता को 3,600 रुपये प्रति वर्ष के साथ-साथ गुरु/शिक्षक को भुगतान की गई 9,000 रुपये प्रति वर्ष तक की शिक्षण फीस की प्रतिपूर्ति भी मिलती है, जो योजना के दिशानिर्देशों के अधीन है। छात्रवृत्ति प्रारंभ में दो वर्षों के लिए प्रदान की जाती है और संतोषजनक प्रगति के आधार पर इसका नवीनीकरण किया जा सकता है।
सीसीआरटी सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति (सीटीएसएस) योजना के तहत, पिछले पांच वर्षों में देश भर में भारतीय शास्त्रीय नृत्य में प्रदान की गई छात्रवृत्तियों की संख्या इस प्रकार है:
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वर्ष
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सीटीएसएस योजना के तहत देश भर में प्रदान की गई छात्रवृत्तियों की संख्या
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2021-22
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225
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2022-23
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178
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2023-24
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289
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2024-25
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269
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2025-26
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313
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इसके अतिरिक्त, संस्कृति मंत्रालय विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति (एसवाईए) योजना भी लागू करता है, जिसके तहत 18-25 वर्ष आयु वर्ग के युवा कलाकारों को, जिनमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य में विशेषज्ञता रखने वाले भी शामिल हैं, दो साल की अवधि के लिए उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रति माह 5,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
संस्कृति मंत्रालय अपने स्वायत्त संगठनों, जैसे कि सीसीआरटी, संगीत नाटक अकादमी और कलाक्षेत्र फाउंडेशन के माध्यम से स्कूली छात्रों के बीच भारतीय शास्त्रीय नृत्यों को बढ़ावा देता है। पिछले पांच वर्षों के दौरान इन संगठनों को जारी किए गए वार्षिक अनुदान इस प्रकार हैं:
(करोड़ रुपये में)
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2021-22
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2022-23
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2023-24
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2024-25
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2025-26
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106.94
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114.81
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123.62
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169.55
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150.61
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इसके अतिरिक्त, विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों को छात्रवृत्ति (एसवाईए) योजना के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान जारी की गई धनराशि का विवरण निम्नलिखित है:
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क्रम संख्या
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वित्तीय वर्ष
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जारी की गई राशि
(करोड़ रुपये में)
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1.
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2021-22
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3.90
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2.
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2022-23
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1.19
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3.
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2023-24
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4.52
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4.
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2024-25
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3.26
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5.
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2025-26
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5.38
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केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेजे/एचबी
(रिलीज़ आईडी: 2297273)
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