संस्‍कृति मंत्रालय
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सांस्कृतिक कूटनीति के लिए राष्ट्रीय रूपरेखा तैयार करना

प्रविष्टि तिथि: 10 AUG 2026 4:36PM by PIB Delhi

संस्कृति मंत्रालय वैश्विक सहभागिता योजना (जीईएस) के माध्यम से अन्य देशों के साथ भारत के सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देता है। यह एक व्यापक योजना है, जिसका उद्देश्य भारत की अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहभागिता एवं सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से संरचित द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग के जरिए भारत की सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक विविधता तथा समकालीन रचनात्मक परंपराओं को बढ़ावा दिया जाता है। यह योजना सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण, दस्तावेजीकरण, क्षमता निर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संगठनों के साथ सहभागिता में सहयोग प्रदान करती है।

वैश्विक सहभागिता योजना के अंतर्गत चार घटक शामिल हैं, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (आईसीईपी), प्रोजेक्ट मौसम, बृहत्तर भारत तथा भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत एवं विविध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण की योजना। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (आईसीईपी) के अंतर्गत मंत्रालय द्वारा भारत महोत्सव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों को विदेश भेजना तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी), समझौता ज्ञापन (एमओयू) और अन्य द्विपक्षीय सांस्कृतिक सहयोग तंत्रों का क्रियान्वयन किया जाता है। वर्तमान में मंत्रालय के 98 देशों के साथ वैध सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी) हैं, जो संस्कृति, संग्रहालय, विरासत, प्रदर्शनकारी कलाओं तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक संस्थागत ढांचा प्रदान करते हैं। यह योजना ब्रिक्स, जी20, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) तथा बिम्सटेक सहित बहुपक्षीय सांस्कृतिक मंचों में भारत की भागीदारी को भी सुगम बनाती है।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), जो विदेश मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन है, विदेशों में स्थित अपने भारतीय सांस्कृतिक केन्द्रों तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नेटवर्क के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देकर और जन-जन के बीच संपर्क को सुदृढ़ करके इन पहलों को पूरक सहयोग प्रदान करती है। आईसीसीआर भारत के विविध सांस्कृतिक स्वरूप को विदेशों में सक्रिय रूप से प्रदर्शित करता है। इसके लिए भारत में आयोजित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में विदेशी कलाकारों को आमंत्रित कर कलात्मक आदान-प्रदान को सुगम बनाया जाता है। इसके अलावा, आईसीसीआर दृश्य कला प्रदर्शनियों का आयोजन करता है, भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत को प्रदर्शित करने के लिए कला आवास कार्यक्रम (आर्ट रेजीडेंसीज) आयोजित करता है तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसरों को विदेशों में मनाता है।

यह जानकारी केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/केपी


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