कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

कौशल विकास पहलों का आकलन

प्रविष्टि तिथि: 10 AUG 2026 5:26PM by PIB Delhi

भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की विभिन्न स्कीमों अर्थात् प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस) के अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से तथा शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस) के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य सहित देश के सभी वर्गों को कौशलीकरण, पुनर्कौशलीकरण तथा कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को भावी आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना तथा उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग-संगत कौशल से सुसज्जित करना है।

वर्ष 2019-20 से 2026-27 (दिनांक 30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान कौशल विकास और  उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रमुख कौशल विकास स्कीमों के अंतर्गत देशभर में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार तथा स्कीम-वार ब्यौरा अनुबंध-I से IV में दिया गया है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की स्कीमों में से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक के अंतर्गत केवल प्रथम तीन चरणों (पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 एवं पीएमकेवीवाई 3.0), जो वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक संचालित किए गए, में प्लेसमेंट को ट्रैक किया गया था। पीएमकेवीवाई (1.0 से 3.0) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 28,142 अभ्यर्थियों के नियोजित होने की सूचना प्राप्त हुई है। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल पाठ्यक्रमों, जिनमें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग-(ओजेटी) भी शामिल है, के माध्यम से विविध कैरियर विकल्पों का चयन करने के लिए सक्षम बनाने पर बल दिया गया है।

सरकार, कौशल भारत मिशन के अंतर्गत संचालित कौशलीकरण पहलों की समय-समय पर समीक्षा करती है। इन समीक्षाओं के दौरान नामांकन, प्रमाणन, प्‍लेसमेंट, स्वरोजगार परिणामों तथा नियोजकों से प्राप्त फीडबैक का आकलन किया जाता है, ताकि रोजगार क्षमता एवं भविष्य की कौशल आवश्यकताओं को सुदृढ़ बनाने में इन पहलों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जा सके। इन समीक्षाओं के आधार पर पाठ्यचर्या का निरंतर अद्यतनीकरण, उद्योगों के साथ सहयोग तथा कार्यान्वयन व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाते हैं, जिससे कौशल विकास कार्यक्रम, उभरती प्रौद्योगिकी प्रवृत्तियों तथा श्रम बाज़ार की आवश्यकताओं के अनुरूप बने रहें। इसके अतिरिक्त, व्यापक कौशल विकास स्कीमों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन सूचना प्रबंधन प्रणाली (एमआईएस) आधारित निगरानी, तृतीय पक्ष मूल्यांकन तथा लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक्‍ के माध्यम से भी किया जाता है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा वर्तमान में संचालित सभी स्कीमों का सामान्यतः तथा विशेष रूप से संबंधित स्कीम के विस्तार की स्वीकृति के समय तृतीय पक्ष द्वारा मूल्यांकन कराया गया है। एमएसडीई द्वारा कार्यान्वित स्कीमों के मूल्यांकन का ब्यौरा निम्नानुसार है:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 का स्वतंत्र तृतीय पक्ष प्रभाव मूल्यांकन भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई के अंतर्गत प्रदान किए गए प्रशिक्षण से अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) प्राप्त अभ्यर्थियों के रोजगार संबंधी परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रशिक्षण से पूर्व नियोजित एवं नियोजित एसटीटी अभ्यर्थियों का संयुक्त हिस्‍सा 26.6 प्रतिशत था, जो पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण के उपरांत बढ़कर 45.4 प्रतिशत हो गया, अर्थात् इसमें 18.8 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई। आय से संबंधित परिणामों में भी सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हुआ है। प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के उपरांत 41.4 प्रतिशत एसटीटी अभ्यर्थियों तथा 48.9 प्रतिशत पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) प्राप्त अभ्यर्थियों ने अपनी आय में वृद्धि होने की सूचना दी है। समग्र रूप से, पीएमकेवीवाई 4.0 ने औपचारिक कौशल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन तक पहुँच का उल्लेखनीय विस्तार किया है तथा बड़ी संख्या में लाभार्थियों के कौशल संबंधी आत्मविश्वास, रोजगार में भागीदारी और आय संबंधी परिणामों में मापनीय सुधार सुनिश्चित किया है।

जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस): जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) स्कीम की पहुँच, प्रभावशीलता तथा आजीविका संबंधी परिणामों का आकलन करने के लिए वर्ष 2025 में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा तृतीय पक्ष मूल्यांकन कराया गया। मूल्यांकन में स्कीम की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ सामने आईं। इसके अंतर्गत 33.94 लाख व्यक्तियों का नामांकन हुआ, जिनमें से 32 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा 31.52 लाख व्यक्तियों को प्रमाणित किया गया, जो समग्र रूप से 99 प्रतिशत की सफलता दर को दर्शाता है। प्रशिक्षणार्थियों में महिलाओं की भागीदारी 82 प्रतिशत रही, जबकि 73 प्रतिशत लाभार्थी वंचित वर्गों से थे, जिनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (36 प्रतिशत) तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (37 प्रतिशत) के लाभार्थी शामिल थे। इस स्कीम का आजीविका पर भी उल्लेखनीय प्रभाव देखा गया। प्रशिक्षण प्राप्त 90 प्रतिशत पूर्व प्रशिक्षणार्थियों ने अर्जित कौशल का उपयोग आय अर्जित करने के लिए किया, 82 प्रतिशत लाभार्थी प्रशिक्षण के छह माह के भीतर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ गए तथा प्रशिक्षण से पूर्व आय अर्जित न करने वाले 60 प्रतिशत व्यक्तियों ने प्रशिक्षण के उपरांत आय अर्जित करना प्रारंभ किया। लाभार्थियों की औसत मासिक आय में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई।

राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस-2): प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम  (पीएमएनएपीएस-2) का वर्ष 2022-23 से 2025-26 (30 नवम्बर, 2025 तक के आँकड़ों के आधार पर) तृतीय पक्ष मूल्यांकन अध्ययन भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा किया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार, मूल्यांकन अवधि के दौरान पीएमएनएपीएस-2 ने उल्लेखनीय स्तर पर प्रगति की। इस स्कीम के अंतर्गत 46 लाख के संचयी लक्ष्य की तुलना में 34.69 लाख शिक्षुओं को जोड़ा गया, जो लगभग 75 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था के संस्थागत क्रियान्वयन से वित्तीय पारदर्शिता तथा धनराशि के संवितरण की पूर्वानुमेयता में सुधार हुआ है।

‘कौशल विकास पहलों का आकलन’ के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्‍तरार्थ लोक सभा तारांकित प्रश्न संख्या 3504 के भाग () से () के उत्तर में उलिलखित अनुबंध

अनुबंध-।

 

वर्ष 2019-20 से 2026-27 (30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान पीएमकेवीवाई स्‍कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:

राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र

2019-20

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

2026-27

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

1,259

1,464

613

310

648

909

30

337

आंध्र प्रदेश

1,05,667

66,404

13,199

5,798

32,449

35,471

3,094

6,930

अरुणाचल प्रदेश

15,700

51,991

8,884

667

4,152

10,054

125

74

असम

1,98,896

3,62,506

24,517

8,721

38,190

75,182

5,902

8,106

बिहार

1,91,902

96,288

47,643

12,213

23,613

99,982

4,451

2,812

चंडीगढ़

9,507

3,834

893

491

319

628

148

195

छत्तीसगढ

46,548

16,151

9,495

4,356

8,385

16,452

490

325

दिल्ली

1,46,205

55,121

19,965

2,262

10,686

12,277

2,769

493

गोवा

4,300

1,709

604

176

183

236

12

0

गुजरात

1,55,195

48,489

35,001

6,503

19,975

39,762

949

1,189

हरियाणा

1,75,386

54,719

18,191

8,963

27,411

75,942

8,308

1,509

हिमाचल प्रदेश

48,870

15,612

8,724

3,539

5,348

19,341

3,582

537

जम्मू और कश्मीर

1,22,659

58,927

21,339

7,352

28,895

85,557

4,689

3,306

झारखंड

1,20,103

15,452

34,233

5,302

8,796

30,034

1,785

460

कर्नाटक

1,65,247

53,066

23,153

8,410

13,025

69,486

7,339

2,279

केरल

78,523

31,077

12,968

5,673

8,832

10,449

1,118

192

लद्दाख

1,937

181

731

246

445

312

0

0

लक्षद्वीप

60

90

120

0

0

120

0

0

मध्य प्रदेश

2,23,483

95,403

46,659

21,345

34,884

2,59,871

16,686

14,322

महाराष्ट्र

6,37,002

1,48,352

39,864

14,913

35,284

75,368

8,180

1,780

मणिपुर

28,962

34,540

6,424

1,146

2,879

20,798

1,067

412

मेघालय

11,999

17,769

3,406

1,245

2,502

7,938

1,168

1,244

मिजोरम

10,837

11,433

4,742

1,162

3,533

6,871

1,384

395

नागालैंड

17,364

14,399

4,184

1,803

3,830

7,299

662

1,578

ओडिशा

2,39,050

68,828

12,645

12,116

21,457

26,231

2,189

815

पुदुचेरी

7,172

3,241

1,622

689

1,556

3,096

646

708

पंजाब

97,681

57,054

18,539

7,568

11,836

1,06,699

10,259

13,208

राजस्थान

4,46,900

97,822

38,511

9,232

23,564

2,80,156

10,856

736

सिक्किम

5,123

3,634

1,322

381

2,802

2,874

0

50

तमिलनाडु

1,85,108

72,404

29,057

8,029

34,533

85,689

10,786

3,640

तेलंगाना

1,08,145

33,999

13,107

8,040

15,390

22,188

6,344

2,660

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

5,338

222

252

31

301

1,407

75

54

त्रिपुरा

50,388

46,676

4,490

1,608

5,081

14,363

1,906

2,711

उत्‍तर प्रदेश

6,56,829

2,39,286

69,015

25,568

71,771

4,63,503

28,823

10,834

उत्तराखंड

68,250

29,412

10,522

2,942

11,669

35,364

3,650

562

पश्चिम बंगाल

1,77,880

53,221

31,406

12,370

25,768

36,410

3,916

1,301

अनुबंध- II

 

वर्ष 2019-20 से 2026-27 (30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान जेएसएस स्‍कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:

राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र

2019-20

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

2026-27

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

-

-

900

1,800

1,800

1,800

1,797

-

आंध्र प्रदेश

10,901

8,580

11,699

16,200

10,800

10,769

10,795

-

अरुणाचल प्रदेश

570

-

-

-

-

-

 

 

असम

9,243

8,883

9,139

12,600

9,000

10,799

10,798

40

बिहार

22,708

16,314

28,769

56,594

37,786

36,733

37,073

698

चंडीगढ़

1,836

1,120

1,600

2,700

1,800

1,770

1,462

-

छत्तीसगढ

13,483

10,480

18,151

37,777

23,376

24,967

25,158

380

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

1,558

897

2,379

3,255

3,179

2,417

3,197

20

दिल्ली

5,487

4,940

5,440

8,099

5,398

5,391

5,363

20

गोवा

1,741

1,664

1,740

2,700

1,800

1,700

1,799

20

गुजरात

18,640

16,840

19,228

23,917

14,160

14,311

14,889

240

रियाणा

9,002

8,705

8,939

10,728

7,181

3,333

3,437

-

हिमाचल प्रदेश

1,400

1,504

8,424

28,244

18,630

18,052

18,865

120

जम्मू और कश्मीर

3,429

3,554

2,396

500

1,020

680

2,297

-

झारखंड

5,383

4,424

9,964

25,220

22,439

20,976

23,063

60

कर्नाटक

16,201

15,525

18,735

31,492

21,532

21,509

21,377

100

केरल

16,247

13,900

16,148

24,300

16,198

15,929

16,199

100

लद्दाख

-

-

-

600

212

-

717

-

लक्षद्वीप

-

-

-

1,481

1,772

900

999

25

मध्य प्रदेश

50,449

45,501

52,222

70,259

49,089

51,477

52,082

540

महाराष्ट्र

38,023

35,102

38,479

52,934

37,273

36,861

37,612

720

मणिपुर

5,387

5,327

6,285

10,278

7,197

7,219

7,200

240

मेघालय

-

-

-

1,660

1,800

1,780

1,759

-

मिजोरम

-

-

900

2,472

1,800

963

922

 

नागालैंड

1,800

1,800

1,812

1,999

2,631

540

2,560

-

ओडिशा

30,677

25,820

40,635

71,765

50,828

52,123

52,151

338

पंजाब

3,434

1,607

3,567

4,138

3,560

2,980

3,458

180

राजस्थान

9,069

9,493

12,443

20,651

14,831

15,534

16,180

120

तमिलनाडु

14,244

11,727

14,045

19,784

14,780

15,124

15,818

-

तेलंगाना

12,452

8,497

10,398

15,639

10,300

10,787

10,793

200

त्रिपुरा

1,631

1,101

2,610

5,397

3,600

3,480

3,567

-

उत्‍तर प्रदेश

85,436

77,335

88,648

1,22,510

84,573

82,475

82,532

560

उत्तराखंड

10,776

8,800

12,433

20,687

14,393

13,978

14,304

380

पश्चिम बंगाल

14,125

10,356

13,868

17,904

12,599

13,133

14,118

60

अनुबंध- III

 

वर्ष 2019-20 से 2026-27 (30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान एनएपीएस स्‍कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:

राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र

2019-20

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

2026-27

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

0

3

9

41

48

199

177

92

आंध्र प्रदेश

3,863

4,394

15,501

16,424

21,701

22,075

26,446

6,448

अरुणाचल प्रदेश

0

3

18

42

65

66

204

48

असम

2,204

2,452

14,007

9,660

8,174

5,801

10,028

1,394

बिहार

1,166

1,236

6,476

5,543

5,317

5,502

9,013

2,549

चंडीगढ़

346

280

813

668

1,231

1,692

1,739

244

छत्तीसगढ

5,073

1,650

2,631

4,875

5,249

5,362

6,820

994

दिल्ली

5,118

7,785

17,799

15,817

15,957

22,471

30,330

8,381

गोवा

1,720

2,032

3,432

4,406

11,882

11,770

12,412

2,244

गुजरात

45,132

56,920

69,568

76,222

83,957

90,796

1,09,027

24,788

रियाणा

18,916

31,859

42,338

62,867

66,714

66,504

85,979

23,171

हिमाचल प्रदेश

1,911

1,769

5,670

6,825

10,212

9,257

10,891

2,277

जम्मू और कश्मीर

305

260

832

989

859

1,026

1,230

201

झारखंड

2,137

5,034

8,258

9,151

11,883

9,686

10,674

2,416

कर्नाटक

13,818

17,279

41,972

58,629

78,457

92,843

1,16,343

25,924

केरल

3,899

6,427

8,975

11,275

13,104

15,317

15,519

3,805

लद्दाख

0

6

18

28

66

50

19

17

लक्षद्वीप

0

18

4

9

6

8

14

0

मध्य प्रदेश

6,960

9,525

17,093

21,205

22,706

26,823

34,210

10,066

महाराष्ट्र

37,203

71,454

1,46,903

1,86,010

2,63,245

2,78,423

3,01,910

59,230

मणिपुर

16

11

90

32

18

187

219

36

मेघालय

51

105

117

181

212

328

175

34

मिजोरम

4

1

4

4

12

146

280

22

नागालैंड

14

1

27

22

15

24

40

33

ओडिशा

3,397

3,681

8,296

10,458

10,755

10,757

12,416

1,965

पुदुचेरी

481

299

1,090

1,343

2,469

4,268

5,953

969

पंजाब

2,856

4,463

11,659

15,361

14,761

15,510

25,649

5,773

राजस्थान

4,077

6,412

9,478

15,204

18,230

22,328

32,243

7,056

सिक्किम

128

162

308

202

298

439

508

204

तमिलनाडु

13,607

24,913

49,929

72,311

1,01,553

1,01,788

1,43,236

33,145

तेलंगाना

9,687

13,996

38,454

31,821

37,775

34,017

47,501

12,080

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

97

597

1,282

1,006

2,878

3,570

4,100

1,156

त्रिपुरा

437

255

244

368

383

449

533

95

उत्‍त प्रदेश

12,588

19,967

38,042

56,946

71,505

78,966

1,06,269

24,514

उत्तराखंड

2,491

4,360

9,986

16,436

21,058

22,887

30,643

7,074

पश्चिम बंगाल

6,185

7,368

18,791

26,109

29,538

23,324

35,153

8,531

अनुबंध- IV

 

वर्ष 2019 से 2025 सत्र की अवधि के दौरान सीटीएस स्‍कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार नामांकित उम्मीदवारों की संख्या:

 

राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र

2019-20

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

441

619

531

450

481

838

829

आंध्र प्रदेश

56,264

49,142

45,612

48,110

50,568

52,447

54213

अरुणाचल प्रदेश

564

577

497

674

733

669

697

असम

2,965

3,210

3,500

3,548

5,325

4,256

5725

बिहार

112,408

105,030

110,399

90,830

125,625

116,293

116754

चंडीगढ़

968

831

910

907

1,083

898

1175

छत्तीसगढ

21,831

19,571

22,320

20,816

24,226

22,237

23970

दिल्ली

9,757

8,672

8,774

9,261

10,288

9,368

10970

गोवा

1,727

1,742

2,080

2,126

2,255

2,161

2404

गुजरात

69,531

85,391

81,236

84,648

98,454

78,811

90790

रियाणा

53,251

54,275

49,032

45,161

54,944

51,465

53477

हिमाचल प्रदेश

22,203

17,923

20,332

22,691

23,371

18,801

16973

जम्मू और कश्मीर

4,396

7,545

8,062

8,130

8,504

8,226

10047

झारखंड

33,463

25,626

29,760

35,573

40,108

40,263

48331

कर्नाटक

73,714

54,244

66,238

73,068

78,724

64,447

71839

केरल

35,201

31,632

35,493

34,741

33,196

30,445

30132

लद्दाख

151

118

171

326

368

375

421

लक्षद्वीप

246

435

374

303

360

341

210

मध्य प्रदेश

73,278

71,096

63,306

69,194

73,224

69,309

79970

महाराष्ट्र

110,734

102,680

112,997

121,884

128,009

115,889

130810

मणिपुर

80

82

108

668

812

721

894

मेघालय

512

514

508

738

714

992

1000

मिजोरम

274

242

256

334

396

260

328

नागालैंड

228

222

186

267

240

379

324

ओडिशा

49,043

49,694

57,401

54,005

65,801

54,855

61348

पुदुचेरी

789

687

689

737

796

695

704

पंजाब

39,747

47,590

39,992

39,986

43,997

40,370

44247

राजस्थान

136,224

101,614

95,342

99,263

109,648

90,937

88418

सिक्किम

207

260

181

424

312

353

431

तमिलनाडु

35,024

27,315

28,496

35,078

41,127

35,466

39119

तेलंगाना

32,775

29,468

27,183

26,480

29,579

33,583

40452

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

319

318

443

666

908

822

841

त्रिपुरा

1,497

2,043

1,603

2,470

2,452

2,240

2714

उतार प्रदेश

336,119

279,998

273,714

269,106

333,024

317,044

385871

उत्तराखंड

11,052

8,344

8,918

10,807

11,499

8,661

11526

पश्चिम बंगाल

32,506

30,696

29,207

37,711

44,211

40,216

42323

 

यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

***

पीके/केसी/डीवी/डीए


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