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कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
कौशल विकास पहलों का आकलन
प्रविष्टि तिथि:
10 AUG 2026 5:26PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की विभिन्न स्कीमों अर्थात् प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस) के अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से तथा शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस) के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य सहित देश के सभी वर्गों को कौशलीकरण, पुनर्कौशलीकरण तथा कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को भावी आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना तथा उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग-संगत कौशल से सुसज्जित करना है।
वर्ष 2019-20 से 2026-27 (दिनांक 30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रमुख कौशल विकास स्कीमों के अंतर्गत देशभर में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार तथा स्कीम-वार ब्यौरा अनुबंध-I से IV में दिया गया है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की स्कीमों में से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक के अंतर्गत केवल प्रथम तीन चरणों (पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 एवं पीएमकेवीवाई 3.0), जो वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक संचालित किए गए, में प्लेसमेंट को ट्रैक किया गया था। पीएमकेवीवाई (1.0 से 3.0) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 28,142 अभ्यर्थियों के नियोजित होने की सूचना प्राप्त हुई है। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल पाठ्यक्रमों, जिनमें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग-(ओजेटी) भी शामिल है, के माध्यम से विविध कैरियर विकल्पों का चयन करने के लिए सक्षम बनाने पर बल दिया गया है।
सरकार, कौशल भारत मिशन के अंतर्गत संचालित कौशलीकरण पहलों की समय-समय पर समीक्षा करती है। इन समीक्षाओं के दौरान नामांकन, प्रमाणन, प्लेसमेंट, स्वरोजगार परिणामों तथा नियोजकों से प्राप्त फीडबैक का आकलन किया जाता है, ताकि रोजगार क्षमता एवं भविष्य की कौशल आवश्यकताओं को सुदृढ़ बनाने में इन पहलों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जा सके। इन समीक्षाओं के आधार पर पाठ्यचर्या का निरंतर अद्यतनीकरण, उद्योगों के साथ सहयोग तथा कार्यान्वयन व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाते हैं, जिससे कौशल विकास कार्यक्रम, उभरती प्रौद्योगिकी प्रवृत्तियों तथा श्रम बाज़ार की आवश्यकताओं के अनुरूप बने रहें। इसके अतिरिक्त, व्यापक कौशल विकास स्कीमों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन सूचना प्रबंधन प्रणाली (एमआईएस) आधारित निगरानी, तृतीय पक्ष मूल्यांकन तथा लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक् के माध्यम से भी किया जाता है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा वर्तमान में संचालित सभी स्कीमों का सामान्यतः तथा विशेष रूप से संबंधित स्कीम के विस्तार की स्वीकृति के समय तृतीय पक्ष द्वारा मूल्यांकन कराया गया है। एमएसडीई द्वारा कार्यान्वित स्कीमों के मूल्यांकन का ब्यौरा निम्नानुसार है:
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 का स्वतंत्र तृतीय पक्ष प्रभाव मूल्यांकन भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई के अंतर्गत प्रदान किए गए प्रशिक्षण से अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) प्राप्त अभ्यर्थियों के रोजगार संबंधी परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रशिक्षण से पूर्व नियोजित एवं नियोजित एसटीटी अभ्यर्थियों का संयुक्त हिस्सा 26.6 प्रतिशत था, जो पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण के उपरांत बढ़कर 45.4 प्रतिशत हो गया, अर्थात् इसमें 18.8 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई। आय से संबंधित परिणामों में भी सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हुआ है। प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के उपरांत 41.4 प्रतिशत एसटीटी अभ्यर्थियों तथा 48.9 प्रतिशत पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) प्राप्त अभ्यर्थियों ने अपनी आय में वृद्धि होने की सूचना दी है। समग्र रूप से, पीएमकेवीवाई 4.0 ने औपचारिक कौशल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन तक पहुँच का उल्लेखनीय विस्तार किया है तथा बड़ी संख्या में लाभार्थियों के कौशल संबंधी आत्मविश्वास, रोजगार में भागीदारी और आय संबंधी परिणामों में मापनीय सुधार सुनिश्चित किया है।
जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस): जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) स्कीम की पहुँच, प्रभावशीलता तथा आजीविका संबंधी परिणामों का आकलन करने के लिए वर्ष 2025 में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा तृतीय पक्ष मूल्यांकन कराया गया। मूल्यांकन में स्कीम की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ सामने आईं। इसके अंतर्गत 33.94 लाख व्यक्तियों का नामांकन हुआ, जिनमें से 32 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा 31.52 लाख व्यक्तियों को प्रमाणित किया गया, जो समग्र रूप से 99 प्रतिशत की सफलता दर को दर्शाता है। प्रशिक्षणार्थियों में महिलाओं की भागीदारी 82 प्रतिशत रही, जबकि 73 प्रतिशत लाभार्थी वंचित वर्गों से थे, जिनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (36 प्रतिशत) तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (37 प्रतिशत) के लाभार्थी शामिल थे। इस स्कीम का आजीविका पर भी उल्लेखनीय प्रभाव देखा गया। प्रशिक्षण प्राप्त 90 प्रतिशत पूर्व प्रशिक्षणार्थियों ने अर्जित कौशल का उपयोग आय अर्जित करने के लिए किया, 82 प्रतिशत लाभार्थी प्रशिक्षण के छह माह के भीतर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ गए तथा प्रशिक्षण से पूर्व आय अर्जित न करने वाले 60 प्रतिशत व्यक्तियों ने प्रशिक्षण के उपरांत आय अर्जित करना प्रारंभ किया। लाभार्थियों की औसत मासिक आय में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई।
राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस-2): प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (पीएमएनएपीएस-2) का वर्ष 2022-23 से 2025-26 (30 नवम्बर, 2025 तक के आँकड़ों के आधार पर) तृतीय पक्ष मूल्यांकन अध्ययन भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा किया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार, मूल्यांकन अवधि के दौरान पीएमएनएपीएस-2 ने उल्लेखनीय स्तर पर प्रगति की। इस स्कीम के अंतर्गत 46 लाख के संचयी लक्ष्य की तुलना में 34.69 लाख शिक्षुओं को जोड़ा गया, जो लगभग 75 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था के संस्थागत क्रियान्वयन से वित्तीय पारदर्शिता तथा धनराशि के संवितरण की पूर्वानुमेयता में सुधार हुआ है।
‘कौशल विकास पहलों का आकलन’ के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा अतारांकित प्रश्न संख्या 3504 के भाग (क) से (घ) के उत्तर में उलिलखित अनुबंध।
अनुबंध-।
वर्ष 2019-20 से 2026-27 (30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान पीएमकेवीवाई स्कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2019-20
|
2020-21
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
2026-27
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
1,259
|
1,464
|
613
|
310
|
648
|
909
|
30
|
337
|
|
आंध्र प्रदेश
|
1,05,667
|
66,404
|
13,199
|
5,798
|
32,449
|
35,471
|
3,094
|
6,930
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
15,700
|
51,991
|
8,884
|
667
|
4,152
|
10,054
|
125
|
74
|
|
असम
|
1,98,896
|
3,62,506
|
24,517
|
8,721
|
38,190
|
75,182
|
5,902
|
8,106
|
|
बिहार
|
1,91,902
|
96,288
|
47,643
|
12,213
|
23,613
|
99,982
|
4,451
|
2,812
|
|
चंडीगढ़
|
9,507
|
3,834
|
893
|
491
|
319
|
628
|
148
|
195
|
|
छत्तीसगढ
|
46,548
|
16,151
|
9,495
|
4,356
|
8,385
|
16,452
|
490
|
325
|
|
दिल्ली
|
1,46,205
|
55,121
|
19,965
|
2,262
|
10,686
|
12,277
|
2,769
|
493
|
|
गोवा
|
4,300
|
1,709
|
604
|
176
|
183
|
236
|
12
|
0
|
|
गुजरात
|
1,55,195
|
48,489
|
35,001
|
6,503
|
19,975
|
39,762
|
949
|
1,189
|
|
हरियाणा
|
1,75,386
|
54,719
|
18,191
|
8,963
|
27,411
|
75,942
|
8,308
|
1,509
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
48,870
|
15,612
|
8,724
|
3,539
|
5,348
|
19,341
|
3,582
|
537
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
1,22,659
|
58,927
|
21,339
|
7,352
|
28,895
|
85,557
|
4,689
|
3,306
|
|
झारखंड
|
1,20,103
|
15,452
|
34,233
|
5,302
|
8,796
|
30,034
|
1,785
|
460
|
|
कर्नाटक
|
1,65,247
|
53,066
|
23,153
|
8,410
|
13,025
|
69,486
|
7,339
|
2,279
|
|
केरल
|
78,523
|
31,077
|
12,968
|
5,673
|
8,832
|
10,449
|
1,118
|
192
|
|
लद्दाख
|
1,937
|
181
|
731
|
246
|
445
|
312
|
0
|
0
|
|
लक्षद्वीप
|
60
|
90
|
120
|
0
|
0
|
120
|
0
|
0
|
|
मध्य प्रदेश
|
2,23,483
|
95,403
|
46,659
|
21,345
|
34,884
|
2,59,871
|
16,686
|
14,322
|
|
महाराष्ट्र
|
6,37,002
|
1,48,352
|
39,864
|
14,913
|
35,284
|
75,368
|
8,180
|
1,780
|
|
मणिपुर
|
28,962
|
34,540
|
6,424
|
1,146
|
2,879
|
20,798
|
1,067
|
412
|
|
मेघालय
|
11,999
|
17,769
|
3,406
|
1,245
|
2,502
|
7,938
|
1,168
|
1,244
|
|
मिजोरम
|
10,837
|
11,433
|
4,742
|
1,162
|
3,533
|
6,871
|
1,384
|
395
|
|
नागालैंड
|
17,364
|
14,399
|
4,184
|
1,803
|
3,830
|
7,299
|
662
|
1,578
|
|
ओडिशा
|
2,39,050
|
68,828
|
12,645
|
12,116
|
21,457
|
26,231
|
2,189
|
815
|
|
पुदुचेरी
|
7,172
|
3,241
|
1,622
|
689
|
1,556
|
3,096
|
646
|
708
|
|
पंजाब
|
97,681
|
57,054
|
18,539
|
7,568
|
11,836
|
1,06,699
|
10,259
|
13,208
|
|
राजस्थान
|
4,46,900
|
97,822
|
38,511
|
9,232
|
23,564
|
2,80,156
|
10,856
|
736
|
|
सिक्किम
|
5,123
|
3,634
|
1,322
|
381
|
2,802
|
2,874
|
0
|
50
|
|
तमिलनाडु
|
1,85,108
|
72,404
|
29,057
|
8,029
|
34,533
|
85,689
|
10,786
|
3,640
|
|
तेलंगाना
|
1,08,145
|
33,999
|
13,107
|
8,040
|
15,390
|
22,188
|
6,344
|
2,660
|
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
|
5,338
|
222
|
252
|
31
|
301
|
1,407
|
75
|
54
|
|
त्रिपुरा
|
50,388
|
46,676
|
4,490
|
1,608
|
5,081
|
14,363
|
1,906
|
2,711
|
|
उत्तर प्रदेश
|
6,56,829
|
2,39,286
|
69,015
|
25,568
|
71,771
|
4,63,503
|
28,823
|
10,834
|
|
उत्तराखंड
|
68,250
|
29,412
|
10,522
|
2,942
|
11,669
|
35,364
|
3,650
|
562
|
|
पश्चिम बंगाल
|
1,77,880
|
53,221
|
31,406
|
12,370
|
25,768
|
36,410
|
3,916
|
1,301
|
अनुबंध- II
वर्ष 2019-20 से 2026-27 (30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान जेएसएस स्कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2019-20
|
2020-21
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
2026-27
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
-
|
-
|
900
|
1,800
|
1,800
|
1,800
|
1,797
|
-
|
|
आंध्र प्रदेश
|
10,901
|
8,580
|
11,699
|
16,200
|
10,800
|
10,769
|
10,795
|
-
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
570
|
-
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
|
|
असम
|
9,243
|
8,883
|
9,139
|
12,600
|
9,000
|
10,799
|
10,798
|
40
|
|
बिहार
|
22,708
|
16,314
|
28,769
|
56,594
|
37,786
|
36,733
|
37,073
|
698
|
|
चंडीगढ़
|
1,836
|
1,120
|
1,600
|
2,700
|
1,800
|
1,770
|
1,462
|
-
|
|
छत्तीसगढ
|
13,483
|
10,480
|
18,151
|
37,777
|
23,376
|
24,967
|
25,158
|
380
|
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
|
1,558
|
897
|
2,379
|
3,255
|
3,179
|
2,417
|
3,197
|
20
|
|
दिल्ली
|
5,487
|
4,940
|
5,440
|
8,099
|
5,398
|
5,391
|
5,363
|
20
|
|
गोवा
|
1,741
|
1,664
|
1,740
|
2,700
|
1,800
|
1,700
|
1,799
|
20
|
|
गुजरात
|
18,640
|
16,840
|
19,228
|
23,917
|
14,160
|
14,311
|
14,889
|
240
|
|
हरियाणा
|
9,002
|
8,705
|
8,939
|
10,728
|
7,181
|
3,333
|
3,437
|
-
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
1,400
|
1,504
|
8,424
|
28,244
|
18,630
|
18,052
|
18,865
|
120
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
3,429
|
3,554
|
2,396
|
500
|
1,020
|
680
|
2,297
|
-
|
|
झारखंड
|
5,383
|
4,424
|
9,964
|
25,220
|
22,439
|
20,976
|
23,063
|
60
|
|
कर्नाटक
|
16,201
|
15,525
|
18,735
|
31,492
|
21,532
|
21,509
|
21,377
|
100
|
|
केरल
|
16,247
|
13,900
|
16,148
|
24,300
|
16,198
|
15,929
|
16,199
|
100
|
|
लद्दाख
|
-
|
-
|
-
|
600
|
212
|
-
|
717
|
-
|
|
लक्षद्वीप
|
-
|
-
|
-
|
1,481
|
1,772
|
900
|
999
|
25
|
|
मध्य प्रदेश
|
50,449
|
45,501
|
52,222
|
70,259
|
49,089
|
51,477
|
52,082
|
540
|
|
महाराष्ट्र
|
38,023
|
35,102
|
38,479
|
52,934
|
37,273
|
36,861
|
37,612
|
720
|
|
मणिपुर
|
5,387
|
5,327
|
6,285
|
10,278
|
7,197
|
7,219
|
7,200
|
240
|
|
मेघालय
|
-
|
-
|
-
|
1,660
|
1,800
|
1,780
|
1,759
|
-
|
|
मिजोरम
|
-
|
-
|
900
|
2,472
|
1,800
|
963
|
922
|
|
|
नागालैंड
|
1,800
|
1,800
|
1,812
|
1,999
|
2,631
|
540
|
2,560
|
-
|
|
ओडिशा
|
30,677
|
25,820
|
40,635
|
71,765
|
50,828
|
52,123
|
52,151
|
338
|
|
पंजाब
|
3,434
|
1,607
|
3,567
|
4,138
|
3,560
|
2,980
|
3,458
|
180
|
|
राजस्थान
|
9,069
|
9,493
|
12,443
|
20,651
|
14,831
|
15,534
|
16,180
|
120
|
|
तमिलनाडु
|
14,244
|
11,727
|
14,045
|
19,784
|
14,780
|
15,124
|
15,818
|
-
|
|
तेलंगाना
|
12,452
|
8,497
|
10,398
|
15,639
|
10,300
|
10,787
|
10,793
|
200
|
|
त्रिपुरा
|
1,631
|
1,101
|
2,610
|
5,397
|
3,600
|
3,480
|
3,567
|
-
|
|
उत्तर प्रदेश
|
85,436
|
77,335
|
88,648
|
1,22,510
|
84,573
|
82,475
|
82,532
|
560
|
|
उत्तराखंड
|
10,776
|
8,800
|
12,433
|
20,687
|
14,393
|
13,978
|
14,304
|
380
|
|
पश्चिम बंगाल
|
14,125
|
10,356
|
13,868
|
17,904
|
12,599
|
13,133
|
14,118
|
60
|
अनुबंध- III
वर्ष 2019-20 से 2026-27 (30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान एनएपीएस स्कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2019-20
|
2020-21
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
2026-27
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
0
|
3
|
9
|
41
|
48
|
199
|
177
|
92
|
|
आंध्र प्रदेश
|
3,863
|
4,394
|
15,501
|
16,424
|
21,701
|
22,075
|
26,446
|
6,448
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
0
|
3
|
18
|
42
|
65
|
66
|
204
|
48
|
|
असम
|
2,204
|
2,452
|
14,007
|
9,660
|
8,174
|
5,801
|
10,028
|
1,394
|
|
बिहार
|
1,166
|
1,236
|
6,476
|
5,543
|
5,317
|
5,502
|
9,013
|
2,549
|
|
चंडीगढ़
|
346
|
280
|
813
|
668
|
1,231
|
1,692
|
1,739
|
244
|
|
छत्तीसगढ
|
5,073
|
1,650
|
2,631
|
4,875
|
5,249
|
5,362
|
6,820
|
994
|
|
दिल्ली
|
5,118
|
7,785
|
17,799
|
15,817
|
15,957
|
22,471
|
30,330
|
8,381
|
|
गोवा
|
1,720
|
2,032
|
3,432
|
4,406
|
11,882
|
11,770
|
12,412
|
2,244
|
|
गुजरात
|
45,132
|
56,920
|
69,568
|
76,222
|
83,957
|
90,796
|
1,09,027
|
24,788
|
|
हरियाणा
|
18,916
|
31,859
|
42,338
|
62,867
|
66,714
|
66,504
|
85,979
|
23,171
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
1,911
|
1,769
|
5,670
|
6,825
|
10,212
|
9,257
|
10,891
|
2,277
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
305
|
260
|
832
|
989
|
859
|
1,026
|
1,230
|
201
|
|
झारखंड
|
2,137
|
5,034
|
8,258
|
9,151
|
11,883
|
9,686
|
10,674
|
2,416
|
|
कर्नाटक
|
13,818
|
17,279
|
41,972
|
58,629
|
78,457
|
92,843
|
1,16,343
|
25,924
|
|
केरल
|
3,899
|
6,427
|
8,975
|
11,275
|
13,104
|
15,317
|
15,519
|
3,805
|
|
लद्दाख
|
0
|
6
|
18
|
28
|
66
|
50
|
19
|
17
|
|
लक्षद्वीप
|
0
|
18
|
4
|
9
|
6
|
8
|
14
|
0
|
|
मध्य प्रदेश
|
6,960
|
9,525
|
17,093
|
21,205
|
22,706
|
26,823
|
34,210
|
10,066
|
|
महाराष्ट्र
|
37,203
|
71,454
|
1,46,903
|
1,86,010
|
2,63,245
|
2,78,423
|
3,01,910
|
59,230
|
|
मणिपुर
|
16
|
11
|
90
|
32
|
18
|
187
|
219
|
36
|
|
मेघालय
|
51
|
105
|
117
|
181
|
212
|
328
|
175
|
34
|
|
मिजोरम
|
4
|
1
|
4
|
4
|
12
|
146
|
280
|
22
|
|
नागालैंड
|
14
|
1
|
27
|
22
|
15
|
24
|
40
|
33
|
|
ओडिशा
|
3,397
|
3,681
|
8,296
|
10,458
|
10,755
|
10,757
|
12,416
|
1,965
|
|
पुदुचेरी
|
481
|
299
|
1,090
|
1,343
|
2,469
|
4,268
|
5,953
|
969
|
|
पंजाब
|
2,856
|
4,463
|
11,659
|
15,361
|
14,761
|
15,510
|
25,649
|
5,773
|
|
राजस्थान
|
4,077
|
6,412
|
9,478
|
15,204
|
18,230
|
22,328
|
32,243
|
7,056
|
|
सिक्किम
|
128
|
162
|
308
|
202
|
298
|
439
|
508
|
204
|
|
तमिलनाडु
|
13,607
|
24,913
|
49,929
|
72,311
|
1,01,553
|
1,01,788
|
1,43,236
|
33,145
|
|
तेलंगाना
|
9,687
|
13,996
|
38,454
|
31,821
|
37,775
|
34,017
|
47,501
|
12,080
|
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
|
97
|
597
|
1,282
|
1,006
|
2,878
|
3,570
|
4,100
|
1,156
|
|
त्रिपुरा
|
437
|
255
|
244
|
368
|
383
|
449
|
533
|
95
|
|
उत्तर प्रदेश
|
12,588
|
19,967
|
38,042
|
56,946
|
71,505
|
78,966
|
1,06,269
|
24,514
|
|
उत्तराखंड
|
2,491
|
4,360
|
9,986
|
16,436
|
21,058
|
22,887
|
30,643
|
7,074
|
|
पश्चिम बंगाल
|
6,185
|
7,368
|
18,791
|
26,109
|
29,538
|
23,324
|
35,153
|
8,531
|
अनुबंध- IV
वर्ष 2019 से 2025 सत्र की अवधि के दौरान सीटीएस स्कीम के अंतर्गत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार नामांकित उम्मीदवारों की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2019-20
|
2020-21
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
441
|
619
|
531
|
450
|
481
|
838
|
829
|
|
आंध्र प्रदेश
|
56,264
|
49,142
|
45,612
|
48,110
|
50,568
|
52,447
|
54213
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
564
|
577
|
497
|
674
|
733
|
669
|
697
|
|
असम
|
2,965
|
3,210
|
3,500
|
3,548
|
5,325
|
4,256
|
5725
|
|
बिहार
|
112,408
|
105,030
|
110,399
|
90,830
|
125,625
|
116,293
|
116754
|
|
चंडीगढ़
|
968
|
831
|
910
|
907
|
1,083
|
898
|
1175
|
|
छत्तीसगढ
|
21,831
|
19,571
|
22,320
|
20,816
|
24,226
|
22,237
|
23970
|
|
दिल्ली
|
9,757
|
8,672
|
8,774
|
9,261
|
10,288
|
9,368
|
10970
|
|
गोवा
|
1,727
|
1,742
|
2,080
|
2,126
|
2,255
|
2,161
|
2404
|
|
गुजरात
|
69,531
|
85,391
|
81,236
|
84,648
|
98,454
|
78,811
|
90790
|
|
हरियाणा
|
53,251
|
54,275
|
49,032
|
45,161
|
54,944
|
51,465
|
53477
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
22,203
|
17,923
|
20,332
|
22,691
|
23,371
|
18,801
|
16973
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
4,396
|
7,545
|
8,062
|
8,130
|
8,504
|
8,226
|
10047
|
|
झारखंड
|
33,463
|
25,626
|
29,760
|
35,573
|
40,108
|
40,263
|
48331
|
|
कर्नाटक
|
73,714
|
54,244
|
66,238
|
73,068
|
78,724
|
64,447
|
71839
|
|
केरल
|
35,201
|
31,632
|
35,493
|
34,741
|
33,196
|
30,445
|
30132
|
|
लद्दाख
|
151
|
118
|
171
|
326
|
368
|
375
|
421
|
|
लक्षद्वीप
|
246
|
435
|
374
|
303
|
360
|
341
|
210
|
|
मध्य प्रदेश
|
73,278
|
71,096
|
63,306
|
69,194
|
73,224
|
69,309
|
79970
|
|
महाराष्ट्र
|
110,734
|
102,680
|
112,997
|
121,884
|
128,009
|
115,889
|
130810
|
|
मणिपुर
|
80
|
82
|
108
|
668
|
812
|
721
|
894
|
|
मेघालय
|
512
|
514
|
508
|
738
|
714
|
992
|
1000
|
|
मिजोरम
|
274
|
242
|
256
|
334
|
396
|
260
|
328
|
|
नागालैंड
|
228
|
222
|
186
|
267
|
240
|
379
|
324
|
|
ओडिशा
|
49,043
|
49,694
|
57,401
|
54,005
|
65,801
|
54,855
|
61348
|
|
पुदुचेरी
|
789
|
687
|
689
|
737
|
796
|
695
|
704
|
|
पंजाब
|
39,747
|
47,590
|
39,992
|
39,986
|
43,997
|
40,370
|
44247
|
|
राजस्थान
|
136,224
|
101,614
|
95,342
|
99,263
|
109,648
|
90,937
|
88418
|
|
सिक्किम
|
207
|
260
|
181
|
424
|
312
|
353
|
431
|
|
तमिलनाडु
|
35,024
|
27,315
|
28,496
|
35,078
|
41,127
|
35,466
|
39119
|
|
तेलंगाना
|
32,775
|
29,468
|
27,183
|
26,480
|
29,579
|
33,583
|
40452
|
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
|
319
|
318
|
443
|
666
|
908
|
822
|
841
|
|
त्रिपुरा
|
1,497
|
2,043
|
1,603
|
2,470
|
2,452
|
2,240
|
2714
|
|
उतार प्रदेश
|
336,119
|
279,998
|
273,714
|
269,106
|
333,024
|
317,044
|
385871
|
|
उत्तराखंड
|
11,052
|
8,344
|
8,918
|
10,807
|
11,499
|
8,661
|
11526
|
|
पश्चिम बंगाल
|
32,506
|
30,696
|
29,207
|
37,711
|
44,211
|
40,216
|
42323
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यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2297299)
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