कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन:सृजन

प्रविष्टि तिथि: 10 AUG 2026 5:23PM by PIB Delhi

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) वर्ष 2015 से अपनी प्रमुख योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास स्कीम (पीएमकेवीवाई) को कार्यान्वित कर रहा है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना और पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) के माध्यम से कौशलोन्नयन एवं पुनः कौशलीकरण प्रदान करना है। वित्त वर्ष 2022-23 से लागू पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, उद्योग की आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, ड्रोन, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स आदि जैसे उभरते और नवयुगीन पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उभरती प्रौद्योगिकी की मांगों को पूरा करने के लिए, 600 से अधिक नवयुगीन और भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। दिनांक 30.06.2026 तक की स्थिति के अनुसार, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत देशभर में लगभग 5.44 लाख उम्मीदवारों को नवयुगीन और भविष्योन्मुखी जॉब रोल्स में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

पीएमकेवीवाई स्कीम के अंतर्गत, वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2021-22 तक कार्यान्वित योजना के पहले तीन चरणों - पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0 में अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक में नियोजन का आकलन किया गया। पीएमकेवीवाई के इन चरणों में, एसटीटी में प्रमाणित 56.89 लाख उम्मीदवारों में से 24.37 लाख उम्मीदवारों को नियोजन प्राप्त हुआ, जिससे कुल नियोजन दर 42.8% हो गई। पीएमकेवीवाई 4.0, जो वित्त वर्ष 2022-23 से कार्यान्वित हो रही है, का उद्देश्य प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उनके विविध करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाना है और उन्हें उद्योग से संबंधित कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से ऑन-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) द्वारा उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित करना है।

अक्टूबर 2020 में नीति आयोग द्वारा कई राज्यों में पीएमकेवीवाई का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग 94% नियोक्ताओं ने बताया कि वे पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को अधिक संख्या में नियुक्त करेंगे। इसके अलावा, पूर्णकालिक/अंशकालिक रोजगार में रखे गए और आरपीएल घटक के तहत प्रशिक्षित 52% उम्मीदवारों को अप्रमाणित समकक्षों की तुलना में अधिक वेतन मिला या उन्हें लगा कि उन्हें अधिक वेतन मिलेगा। साथ ही, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा पीएमकेवीवाई 2.0 (2016-20) का तृतीय-पक्ष प्रभाव मूल्यांकन भी किया गया। मूल्यांकन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग 70.5% उम्मीदवारों को उनके वांछित कौशल क्षेत्र में नियुक्ति मिली।

इसके अतिरिक्त, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्त प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा वर्ष 2025 में किए गए पीएमकेवीवाई 4.0 के तृतीय-पक्ष मूल्यांकन में पाया गया कि पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण से अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रशिक्षण से पहले नियोजित और स्व-नियोजित उत्तरदाताओं का संयुक्त हिस्सा 26.6% था, जो प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4% हो गया, जो 18.8% अंकों की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है। साथ ही, 41.4% एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद अपनी आय में वृद्धि दर्ज की।

पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की वर्षवार और राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्र-वार संख्या अनुबंध I में दी गई है और क्षेत्रवार ब्यौरा अनुबंध II में दिया गया है।

पीएमकेवीवाई 4.0 एक मांग आधारित स्कीम है और इसमें राज्यवार धनराशि आवंटन का कोई प्रावधान नहीं है। पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन के लिए आवंटित और जारी की गई धनराशि का वर्षवार ब्यौरा नीचे दिया गया है:

(करोड़ रुपये में)

वित्त वर्ष

बजट अनुमान

संशोधित अनुमान

जारी की गई धनराशि

2023-24

1,558.00

920.00

510.52

2024-25

1,938.30

1,538.00

1,538.00

2025-26

1,915.00

1,100.00

265.57

2026-27

1,400.00

-

78.28

कुल

6,811.30

3,558.00

2,392.37

पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार और वित्त वर्ष-वार निधियों के उपयोग का ब्यौरा अनुबंध III में दिया गया है।

पीएमकेवीवाई के अंतर्गत, देश में गुणवत्तापूर्ण कौशलीकरण प्रदान करने में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय कौशल अर्हता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के माध्यम से प्रशिक्षण को मानकीकृत किया गया है, जिससे पाठ्यक्रम उद्योग की आवश्यकताओं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हो गए हैं। उद्योग-अग्रणी सेक्टर कौशल परिषदें (एसएससी) उद्योगों के साथ मिलकर कौशल अंतराल की पहचान करती हैं, पाठ्यक्रम विकसित करते हैं, योग्यता मानक परिभाषित करते हैं और एनएसक्यूएफ के अनुरूप प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन की देखरेख करते हैं। एक प्रमुख सुधार उद्योगों के माध्यम से ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) का एकीकरण है, जिससे वास्तविक उद्योग अनुभव सुनिश्चित होता है। इसके अलावा, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप जॉब रोल्स विकसित करने के लिए पंद्रह से अधिक उद्योगों को अवार्डिंग बॉडी (एबी) के रूप में नामित किया गया है, जैसे एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईबीएम, बजाज फिनसर्व, माइक्रोसॉफ्ट आदि। उद्योगों के सहयोग से, कौशल युक्त उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कौशल महोत्सव आयोजित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न उद्योगों को स्कीम के अंतर्गत शामिल किया गया है ताकि विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) का शुभारंभ किया है, जो एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है और कौशल विकास, शिक्षा, रोजगार और उद्यमशीलता प्रणालियों को आपस में जोड़कर सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक आजीवन पहुंच प्रदान करता है। प्रशिक्षित उम्मीदवारों का ब्यौरा इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिससे संभावित नियोक्ताओं को उपयुक्त कौशल वाले उम्मीदवारों की पहचान करने और उनसे संपर्क करने में सहायता मिलती है। सिद्ध उम्मीदवारों को संभावित नियोक्ताओं और संस्थानों से जोड़कर रोजगार और शिक्षुता के अवसरों तक पहुंच को भी सुगम बनाता है।

 

अनुबंध I

"पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन: सृजन" के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 3548 के भाग (ख) और (ग) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध।

पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार और वित्त वर्ष-वार संख्या नीचे दी गई है:

राज्य

वित्त वर्ष-23-24

वित्त वर्ष-24-25

वित्त वर्ष-25-26

वित्त वर्ष-26-27

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

अंडमान व निकोबार द्वीप समूह

648

131

909

939

30

0

337

0

आंध्र प्रदेश

32,449

19,163

35,471

23,085

3,094

3,759

6,930

1,705

अरुणाचल प्रदेश

4,152

705

10,054

5,934

125

510

74

0

असम

38,190

17,278

75,182

46,316

5,902

7,609

8,106

1,522

बिहार

23,613

12,506

99,982

54,471

4,451

13,039

2,812

1,080

चंडीगढ़

319

253

628

512

148

112

195

113

छत्तीसगढ

8,385

4,956

16,452

10,377

490

834

325

80

दिल्ली

10,686

6,149

12,277

8,441

2,769

2,701

493

150

गोवा

183

26

236

305

12

0

0

8

गुजरात

19,975

8,941

39,762

27,300

949

1,820

1,189

470

हरियाणा

27,411

12,966

75,942

50,803

8,308

15,887

1,509

583

हिमाचल प्रदेश

5,348

3,644

19,341

12,843

3,582

3,479

537

322

जम्मू और कश्मीर

28,895

15,280

85,557

68,307

4,689

8,523

3,306

930

झारखंड

8,796

5,321

30,034

17,835

1,785

3,434

460

270

कर्नाटक

13,025

6,631

69,486

32,251

7,339

22,515

2,279

870

केरल

8,832

4,416

10,449

5,427

1,118

1,268

192

174

लद्दाख

445

247

312

345

0

17

0

0

मध्य प्रदेश

34,884

19,849

2,59,871

1,47,966

16,686

45,163

14,322

2,562

महाराष्ट्र

35,284

16,746

75,368

45,334

8,180

13,360

1,780

961

मणिपुर

2,879

572

20,798

13,124

1,067

1,711

412

170

मेघालय

2,502

1,024

7,938

3,952

1,168

1,150

1,244

123

मिजोरम

3,533

1,055

6,871

3,586

1,384

1,342

395

115

नागालैंड

3,830

1,269

7,299

4,311

662

905

1,578

575

ओडिशा

21,457

12,296

26,231

16,399

2,189

2,522

815

688

पुदुचेरी

1,556

1,087

3,096

1,756

646

745

708

26

पंजाब

11,836

6,377

1,06,699

79,907

10,259

16,966

13,208

8,095

राजस्थान

23,564

11,379

2,80,156

2,03,959

10,856

36,673

736

206

सिक्किम

2,802

714

2,874

1,041

0

228

50

47

तमिलनाडु

34,533

19,093

85,689

62,587

10,786

16,178

3,640

2,455

तेलंगाना

15,390

10,885

22,188

16,038

6,344

5,829

2,660

652

दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव

301

107

1,407

883

75

337

54

58

त्रिपुरा

5,081

2,719

14,363

8,995

1,906

1,724

2,711

785

उत्तर प्रदेश

71,771

35,731

4,63,503

3,10,748

28,823

63,747

10,834

3,250

उत्तराखंड

11,669

6,442

35,364

22,470

3,650

5,316

562

460

पश्चिम बंगाल

25,768

12,157

36,410

22,231

3,916

5,277

1,301

742

कुल

5,39,992

2,78,115

20,38,319

13,30,778

1,53,388

3,04,680

85,754

30,247

अनुबंध II

"पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन: सृजन" के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 3548 के भाग (ख) और (ग) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध।

पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की सेक्टर-वार और वित्त वर्षवार संख्या नीचे दी गई है:

सेक्टर

वित्त वर्ष-23-24

वित्त वर्ष-24-25

वित्त वर्ष-25-26

वित्त वर्ष-26-27

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

एयरोस्पेस और विमानन

135

30

3,912

2,176

200

269

0

0

कृषि

13,186

6,122

1,05,478

62,384

3,147

5,416

15,964

10,411

परिधान

58,810

30,676

1,37,240

1,08,298

3,984

7,568

1,528

655

ऑटोमोटिव

14,162

5,842

71,197

48,458

1,803

8,799

4,410

217

बैंकिंग, वित्त सेवाएं और बीमा

1,882

531

3,785

1,935

483

429

83

0

सौंदर्य और स्वास्थ्य

34,287

18,613

1,23,668

90,934

7,813

12,631

1,175

360

पूंजीगत माल

8,522

4,467

20,994

11,872

3,748

4,906

1,959

197

निर्माण

15,095

5,587

53,391

29,697

2,331

5,394

8,891

3,226

घरेलू श्रमिक

0

0

0

0

0

0

294

0

इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर

61,333

26,321

4,85,201

3,05,070

24,642

66,738

7,669

1,475

खाद्य प्रसंस्करण

11,172

4,858

44,538

29,510

1,746

1,762

6,021

1,890

फर्नीचर और फिटिंग

5,405

2,644

3,805

2,013

675

612

71

19

रत्न और आभूषण

4,237

3,634

5,886

4,780

0

86

0

0

ग्रीन जॉब्स

21,009

12,193

40,699

30,521

4,847

6,980

3,505

1,196

हस्तशिल्प और कालीन

13,174

5,981

2,22,628

1,73,801

7,925

22,734

910

1

हेल्थकेयर

17,279

12,865

92,260

48,789

8,168

27,558

2,881

262

हाइड्रोकार्बन

10,557

7,276

7,062

5,822

627

1,107

0

0

बुनियादी ढांचा उपकरण

1,486

887

2,569

1,927

157

514

29

0

उपकरण स्वचालन निगरानी और संचार

4,126

2,343

11,459

7,888

142

593

85

21

लोहा और इस्पात

6,221

1,922

16,569

13,774

103

461

3,904

103

आईटी / आईटी-आईटीईएस

80,863

41,320

1,80,082

93,672

23,224

34,371

10,779

2,149

चमड़ा

7,368

5,160

13,129

8,739

1,368

3,756

2,602

1,927

लाइफ साईन्स

4,903

2,919

19,788

10,633

1,514

4,110

0

0

लॉजिस्टिक्स

18,657

9,525

28,323

17,607

3,701

4,832

700

573

प्रबंध

27,741

18,978

41,475

27,952

18,144

23,689

3,432

2,754

मीडिया और मनोरंजन

22,892

12,549

93,331

59,418

12,056

23,165

449

179

खनन

489

292

2,756

2,404

31

63

90

59

दिव्यांगजन

0

0

1,216

914

0

57

0

0

प्लंबिंग

5,519

2,667

6,640

5,112

420

638

624

139

पावर

4,637

1,986

25,743

13,873

522

4,788

425

40

रिटेल

743

242

9,609

7,085

640

662

35

33

रबड़

5,562

3,363

7,743

4,408

838

1,263

1,933

1,272

खेल

2,298

1,640

3,591

2,470

302

375

20

0

दूरसंचार

27,073

13,789

90,258

55,062

10,723

16,129

2,409

793

वस्त्र और हथकरघा

5,628

2,834

16,557

13,078

253

832

736

0

पर्यटन और आतिथ्य

23,541

8,059

45,737

28,702

7,111

11,393

2,141

296

कुल

5,39,992

2,78,115

20,38,319

13,30,778

1,53,388

3,04,680

85,754

30,247

अनुबंध III

 

"पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन: सृजन" के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 3548 के भाग (घ) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध।

पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार और वित्त वर्षवार निधियों के उपयोग का ब्यौरा नीचे दिया गया है:

राज्य

वित्त वर्ष-23-24

वित्त वर्ष-24-25

वित्त वर्ष-25-26

वित्त वर्ष-26-27

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

0.05

0.84

-

-

आंध्र प्रदेश

31.76

15.95

17.02

2.17

अरुणाचल प्रदेश

5.02

5.41

1.05

-

असम

39.59

42.21

17.84

0.42

बिहार

25.05

62.33

7.21

0.49

चंडीगढ़

0.47

0.57

0.00

-

छत्तीसगढ

10.77

8.37

5.88

0.06

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

0.27

0.90

-

0.01

दिल्ली

11.72

19.50

1.58

9.73

गोवा

0.24

0.07

-

-

गुजरात

13.06

18.79

0.97

0.04

हरियाणा

24.05

58.23

6.82

0.62

हिमाचल प्रदेश

6.54

14.46

5.57

0.28

जम्मू और कश्मीर

32.53

69.30

3.49

0.89

झारखंड

12.22

19.71

1.02

0.76

कर्नाटक

13.59

33.19

3.73

0.08

केरल

7.17

4.36

2.67

0.16

लद्दाख

0.80

0.59

-

-

मध्य प्रदेश

43.17

205.84

26.98

3.67

महाराष्ट्र

32.09

44.44

6.05

1.01

मणिपुर

5.16

10.08

19.81

0.19

मेघालय

2.92

4.36

(1.24)

0.08

मिजोरम

2.61

2.75

3.97

0.19

नागालैंड

3.14

4.27

1.43

0.06

ओडिशा

17.16

14.31

3.04

0.25

पुदुचेरी

2.11

1.24

0.00

-

पंजाब

22.42

104.17

8.88

0.51

राजस्थान

58.45

292.42

34.92

2.53

सिक्किम

3.01

1.26

0.09

-

तमिलनाडु

36.13

63.08

4.96

0.41

तेलंगाना

19.69

11.07

4.27

0.87

त्रिपुरा

5.32

8.94

1.83

0.28

उत्तर प्रदेश

79.06

352.64

64.90

5.52

उत्तराखंड

12.82

26.37

2.26

0.15

पश्चिम बंगाल

17.98

16.28

9.80

0.11

 

यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

*****

पीके/केसी/डीवी/डीए


(रिलीज़ आईडी: 2297300) आगंतुक पटल : 70
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu