|
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन:सृजन
प्रविष्टि तिथि:
10 AUG 2026 5:23PM by PIB Delhi
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) वर्ष 2015 से अपनी प्रमुख योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास स्कीम (पीएमकेवीवाई) को कार्यान्वित कर रहा है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना और पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) के माध्यम से कौशलोन्नयन एवं पुनः कौशलीकरण प्रदान करना है। वित्त वर्ष 2022-23 से लागू पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, उद्योग की आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, ड्रोन, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स आदि जैसे उभरते और नवयुगीन पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उभरती प्रौद्योगिकी की मांगों को पूरा करने के लिए, 600 से अधिक नवयुगीन और भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। दिनांक 30.06.2026 तक की स्थिति के अनुसार, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत देशभर में लगभग 5.44 लाख उम्मीदवारों को नवयुगीन और भविष्योन्मुखी जॉब रोल्स में प्रशिक्षित किया जा चुका है।
पीएमकेवीवाई स्कीम के अंतर्गत, वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2021-22 तक कार्यान्वित योजना के पहले तीन चरणों - पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0 में अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक में नियोजन का आकलन किया गया। पीएमकेवीवाई के इन चरणों में, एसटीटी में प्रमाणित 56.89 लाख उम्मीदवारों में से 24.37 लाख उम्मीदवारों को नियोजन प्राप्त हुआ, जिससे कुल नियोजन दर 42.8% हो गई। पीएमकेवीवाई 4.0, जो वित्त वर्ष 2022-23 से कार्यान्वित हो रही है, का उद्देश्य प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उनके विविध करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाना है और उन्हें उद्योग से संबंधित कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से ऑन-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) द्वारा उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित करना है।
अक्टूबर 2020 में नीति आयोग द्वारा कई राज्यों में पीएमकेवीवाई का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग 94% नियोक्ताओं ने बताया कि वे पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को अधिक संख्या में नियुक्त करेंगे। इसके अलावा, पूर्णकालिक/अंशकालिक रोजगार में रखे गए और आरपीएल घटक के तहत प्रशिक्षित 52% उम्मीदवारों को अप्रमाणित समकक्षों की तुलना में अधिक वेतन मिला या उन्हें लगा कि उन्हें अधिक वेतन मिलेगा। साथ ही, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा पीएमकेवीवाई 2.0 (2016-20) का तृतीय-पक्ष प्रभाव मूल्यांकन भी किया गया। मूल्यांकन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग 70.5% उम्मीदवारों को उनके वांछित कौशल क्षेत्र में नियुक्ति मिली।
इसके अतिरिक्त, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्त प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा वर्ष 2025 में किए गए पीएमकेवीवाई 4.0 के तृतीय-पक्ष मूल्यांकन में पाया गया कि पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण से अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रशिक्षण से पहले नियोजित और स्व-नियोजित उत्तरदाताओं का संयुक्त हिस्सा 26.6% था, जो प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4% हो गया, जो 18.8% अंकों की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है। साथ ही, 41.4% एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद अपनी आय में वृद्धि दर्ज की।
पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की वर्षवार और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार संख्या अनुबंध I में दी गई है और क्षेत्रवार ब्यौरा अनुबंध II में दिया गया है।
पीएमकेवीवाई 4.0 एक मांग आधारित स्कीम है और इसमें राज्यवार धनराशि आवंटन का कोई प्रावधान नहीं है। पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन के लिए आवंटित और जारी की गई धनराशि का वर्षवार ब्यौरा नीचे दिया गया है:
(करोड़ रुपये में)
|
वित्त वर्ष
|
बजट अनुमान
|
संशोधित अनुमान
|
जारी की गई धनराशि
|
|
2023-24
|
1,558.00
|
920.00
|
510.52
|
|
2024-25
|
1,938.30
|
1,538.00
|
1,538.00
|
|
2025-26
|
1,915.00
|
1,100.00
|
265.57
|
|
2026-27
|
1,400.00
|
-
|
78.28
|
|
कुल
|
6,811.30
|
3,558.00
|
2,392.37
|
पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार और वित्त वर्ष-वार निधियों के उपयोग का ब्यौरा अनुबंध III में दिया गया है।
पीएमकेवीवाई के अंतर्गत, देश में गुणवत्तापूर्ण कौशलीकरण प्रदान करने में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय कौशल अर्हता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के माध्यम से प्रशिक्षण को मानकीकृत किया गया है, जिससे पाठ्यक्रम उद्योग की आवश्यकताओं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हो गए हैं। उद्योग-अग्रणी सेक्टर कौशल परिषदें (एसएससी) उद्योगों के साथ मिलकर कौशल अंतराल की पहचान करती हैं, पाठ्यक्रम विकसित करते हैं, योग्यता मानक परिभाषित करते हैं और एनएसक्यूएफ के अनुरूप प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन की देखरेख करते हैं। एक प्रमुख सुधार उद्योगों के माध्यम से ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) का एकीकरण है, जिससे वास्तविक उद्योग अनुभव सुनिश्चित होता है। इसके अलावा, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप जॉब रोल्स विकसित करने के लिए पंद्रह से अधिक उद्योगों को अवार्डिंग बॉडी (एबी) के रूप में नामित किया गया है, जैसे एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईबीएम, बजाज फिनसर्व, माइक्रोसॉफ्ट आदि। उद्योगों के सहयोग से, कौशल युक्त उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कौशल महोत्सव आयोजित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न उद्योगों को स्कीम के अंतर्गत शामिल किया गया है ताकि विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) का शुभारंभ किया है, जो एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है और कौशल विकास, शिक्षा, रोजगार और उद्यमशीलता प्रणालियों को आपस में जोड़कर सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक आजीवन पहुंच प्रदान करता है। प्रशिक्षित उम्मीदवारों का ब्यौरा इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिससे संभावित नियोक्ताओं को उपयुक्त कौशल वाले उम्मीदवारों की पहचान करने और उनसे संपर्क करने में सहायता मिलती है। सिद्ध उम्मीदवारों को संभावित नियोक्ताओं और संस्थानों से जोड़कर रोजगार और शिक्षुता के अवसरों तक पहुंच को भी सुगम बनाता है।
अनुबंध I
"पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन: सृजन" के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 3548 के भाग (ख) और (ग) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध।
पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार और वित्त वर्ष-वार संख्या नीचे दी गई है:
|
राज्य
|
वित्त वर्ष-23-24
|
वित्त वर्ष-24-25
|
वित्त वर्ष-25-26
|
वित्त वर्ष-26-27
|
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
|
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह
|
648
|
131
|
909
|
939
|
30
|
0
|
337
|
0
|
|
आंध्र प्रदेश
|
32,449
|
19,163
|
35,471
|
23,085
|
3,094
|
3,759
|
6,930
|
1,705
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
4,152
|
705
|
10,054
|
5,934
|
125
|
510
|
74
|
0
|
|
असम
|
38,190
|
17,278
|
75,182
|
46,316
|
5,902
|
7,609
|
8,106
|
1,522
|
|
बिहार
|
23,613
|
12,506
|
99,982
|
54,471
|
4,451
|
13,039
|
2,812
|
1,080
|
|
चंडीगढ़
|
319
|
253
|
628
|
512
|
148
|
112
|
195
|
113
|
|
छत्तीसगढ
|
8,385
|
4,956
|
16,452
|
10,377
|
490
|
834
|
325
|
80
|
|
दिल्ली
|
10,686
|
6,149
|
12,277
|
8,441
|
2,769
|
2,701
|
493
|
150
|
|
गोवा
|
183
|
26
|
236
|
305
|
12
|
0
|
0
|
8
|
|
गुजरात
|
19,975
|
8,941
|
39,762
|
27,300
|
949
|
1,820
|
1,189
|
470
|
|
हरियाणा
|
27,411
|
12,966
|
75,942
|
50,803
|
8,308
|
15,887
|
1,509
|
583
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
5,348
|
3,644
|
19,341
|
12,843
|
3,582
|
3,479
|
537
|
322
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
28,895
|
15,280
|
85,557
|
68,307
|
4,689
|
8,523
|
3,306
|
930
|
|
झारखंड
|
8,796
|
5,321
|
30,034
|
17,835
|
1,785
|
3,434
|
460
|
270
|
|
कर्नाटक
|
13,025
|
6,631
|
69,486
|
32,251
|
7,339
|
22,515
|
2,279
|
870
|
|
केरल
|
8,832
|
4,416
|
10,449
|
5,427
|
1,118
|
1,268
|
192
|
174
|
|
लद्दाख
|
445
|
247
|
312
|
345
|
0
|
17
|
0
|
0
|
|
मध्य प्रदेश
|
34,884
|
19,849
|
2,59,871
|
1,47,966
|
16,686
|
45,163
|
14,322
|
2,562
|
|
महाराष्ट्र
|
35,284
|
16,746
|
75,368
|
45,334
|
8,180
|
13,360
|
1,780
|
961
|
|
मणिपुर
|
2,879
|
572
|
20,798
|
13,124
|
1,067
|
1,711
|
412
|
170
|
|
मेघालय
|
2,502
|
1,024
|
7,938
|
3,952
|
1,168
|
1,150
|
1,244
|
123
|
|
मिजोरम
|
3,533
|
1,055
|
6,871
|
3,586
|
1,384
|
1,342
|
395
|
115
|
|
नागालैंड
|
3,830
|
1,269
|
7,299
|
4,311
|
662
|
905
|
1,578
|
575
|
|
ओडिशा
|
21,457
|
12,296
|
26,231
|
16,399
|
2,189
|
2,522
|
815
|
688
|
|
पुदुचेरी
|
1,556
|
1,087
|
3,096
|
1,756
|
646
|
745
|
708
|
26
|
|
पंजाब
|
11,836
|
6,377
|
1,06,699
|
79,907
|
10,259
|
16,966
|
13,208
|
8,095
|
|
राजस्थान
|
23,564
|
11,379
|
2,80,156
|
2,03,959
|
10,856
|
36,673
|
736
|
206
|
|
सिक्किम
|
2,802
|
714
|
2,874
|
1,041
|
0
|
228
|
50
|
47
|
|
तमिलनाडु
|
34,533
|
19,093
|
85,689
|
62,587
|
10,786
|
16,178
|
3,640
|
2,455
|
|
तेलंगाना
|
15,390
|
10,885
|
22,188
|
16,038
|
6,344
|
5,829
|
2,660
|
652
|
|
दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव
|
301
|
107
|
1,407
|
883
|
75
|
337
|
54
|
58
|
|
त्रिपुरा
|
5,081
|
2,719
|
14,363
|
8,995
|
1,906
|
1,724
|
2,711
|
785
|
|
उत्तर प्रदेश
|
71,771
|
35,731
|
4,63,503
|
3,10,748
|
28,823
|
63,747
|
10,834
|
3,250
|
|
उत्तराखंड
|
11,669
|
6,442
|
35,364
|
22,470
|
3,650
|
5,316
|
562
|
460
|
|
पश्चिम बंगाल
|
25,768
|
12,157
|
36,410
|
22,231
|
3,916
|
5,277
|
1,301
|
742
|
|
कुल
|
5,39,992
|
2,78,115
|
20,38,319
|
13,30,778
|
1,53,388
|
3,04,680
|
85,754
|
30,247
|
अनुबंध II
"पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन: सृजन" के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 3548 के भाग (ख) और (ग) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध।
पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की सेक्टर-वार और वित्त वर्षवार संख्या नीचे दी गई है:
|
सेक्टर
|
वित्त वर्ष-23-24
|
वित्त वर्ष-24-25
|
वित्त वर्ष-25-26
|
वित्त वर्ष-26-27
|
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
प्रशिक्षित
|
प्रमाणित
|
|
एयरोस्पेस और विमानन
|
135
|
30
|
3,912
|
2,176
|
200
|
269
|
0
|
0
|
|
कृषि
|
13,186
|
6,122
|
1,05,478
|
62,384
|
3,147
|
5,416
|
15,964
|
10,411
|
|
परिधान
|
58,810
|
30,676
|
1,37,240
|
1,08,298
|
3,984
|
7,568
|
1,528
|
655
|
|
ऑटोमोटिव
|
14,162
|
5,842
|
71,197
|
48,458
|
1,803
|
8,799
|
4,410
|
217
|
|
बैंकिंग, वित्त सेवाएं और बीमा
|
1,882
|
531
|
3,785
|
1,935
|
483
|
429
|
83
|
0
|
|
सौंदर्य और स्वास्थ्य
|
34,287
|
18,613
|
1,23,668
|
90,934
|
7,813
|
12,631
|
1,175
|
360
|
|
पूंजीगत माल
|
8,522
|
4,467
|
20,994
|
11,872
|
3,748
|
4,906
|
1,959
|
197
|
|
निर्माण
|
15,095
|
5,587
|
53,391
|
29,697
|
2,331
|
5,394
|
8,891
|
3,226
|
|
घरेलू श्रमिक
|
0
|
0
|
0
|
0
|
0
|
0
|
294
|
0
|
|
इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर
|
61,333
|
26,321
|
4,85,201
|
3,05,070
|
24,642
|
66,738
|
7,669
|
1,475
|
|
खाद्य प्रसंस्करण
|
11,172
|
4,858
|
44,538
|
29,510
|
1,746
|
1,762
|
6,021
|
1,890
|
|
फर्नीचर और फिटिंग
|
5,405
|
2,644
|
3,805
|
2,013
|
675
|
612
|
71
|
19
|
|
रत्न और आभूषण
|
4,237
|
3,634
|
5,886
|
4,780
|
0
|
86
|
0
|
0
|
|
ग्रीन जॉब्स
|
21,009
|
12,193
|
40,699
|
30,521
|
4,847
|
6,980
|
3,505
|
1,196
|
|
हस्तशिल्प और कालीन
|
13,174
|
5,981
|
2,22,628
|
1,73,801
|
7,925
|
22,734
|
910
|
1
|
|
हेल्थकेयर
|
17,279
|
12,865
|
92,260
|
48,789
|
8,168
|
27,558
|
2,881
|
262
|
|
हाइड्रोकार्बन
|
10,557
|
7,276
|
7,062
|
5,822
|
627
|
1,107
|
0
|
0
|
|
बुनियादी ढांचा उपकरण
|
1,486
|
887
|
2,569
|
1,927
|
157
|
514
|
29
|
0
|
|
उपकरण स्वचालन निगरानी और संचार
|
4,126
|
2,343
|
11,459
|
7,888
|
142
|
593
|
85
|
21
|
|
लोहा और इस्पात
|
6,221
|
1,922
|
16,569
|
13,774
|
103
|
461
|
3,904
|
103
|
|
आईटी / आईटी-आईटीईएस
|
80,863
|
41,320
|
1,80,082
|
93,672
|
23,224
|
34,371
|
10,779
|
2,149
|
|
चमड़ा
|
7,368
|
5,160
|
13,129
|
8,739
|
1,368
|
3,756
|
2,602
|
1,927
|
|
लाइफ साईन्स
|
4,903
|
2,919
|
19,788
|
10,633
|
1,514
|
4,110
|
0
|
0
|
|
लॉजिस्टिक्स
|
18,657
|
9,525
|
28,323
|
17,607
|
3,701
|
4,832
|
700
|
573
|
|
प्रबंध
|
27,741
|
18,978
|
41,475
|
27,952
|
18,144
|
23,689
|
3,432
|
2,754
|
|
मीडिया और मनोरंजन
|
22,892
|
12,549
|
93,331
|
59,418
|
12,056
|
23,165
|
449
|
179
|
|
खनन
|
489
|
292
|
2,756
|
2,404
|
31
|
63
|
90
|
59
|
|
दिव्यांगजन
|
0
|
0
|
1,216
|
914
|
0
|
57
|
0
|
0
|
|
प्लंबिंग
|
5,519
|
2,667
|
6,640
|
5,112
|
420
|
638
|
624
|
139
|
|
पावर
|
4,637
|
1,986
|
25,743
|
13,873
|
522
|
4,788
|
425
|
40
|
|
रिटेल
|
743
|
242
|
9,609
|
7,085
|
640
|
662
|
35
|
33
|
|
रबड़
|
5,562
|
3,363
|
7,743
|
4,408
|
838
|
1,263
|
1,933
|
1,272
|
|
खेल
|
2,298
|
1,640
|
3,591
|
2,470
|
302
|
375
|
20
|
0
|
|
दूरसंचार
|
27,073
|
13,789
|
90,258
|
55,062
|
10,723
|
16,129
|
2,409
|
793
|
|
वस्त्र और हथकरघा
|
5,628
|
2,834
|
16,557
|
13,078
|
253
|
832
|
736
|
0
|
|
पर्यटन और आतिथ्य
|
23,541
|
8,059
|
45,737
|
28,702
|
7,111
|
11,393
|
2,141
|
296
|
|
कुल
|
5,39,992
|
2,78,115
|
20,38,319
|
13,30,778
|
1,53,388
|
3,04,680
|
85,754
|
30,247
|
अनुबंध III
"पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रमों का पुन: सृजन" के संबंध में दिनांक 10.08.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 3548 के भाग (घ) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध।
पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष (30.06.2026 तक) के दौरान पीएमकेवीवाई 4.0 के कार्यान्वयन के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार और वित्त वर्षवार निधियों के उपयोग का ब्यौरा नीचे दिया गया है:
|
राज्य
|
वित्त वर्ष-23-24
|
वित्त वर्ष-24-25
|
वित्त वर्ष-25-26
|
वित्त वर्ष-26-27
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
0.05
|
0.84
|
-
|
-
|
|
आंध्र प्रदेश
|
31.76
|
15.95
|
17.02
|
2.17
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
5.02
|
5.41
|
1.05
|
-
|
|
असम
|
39.59
|
42.21
|
17.84
|
0.42
|
|
बिहार
|
25.05
|
62.33
|
7.21
|
0.49
|
|
चंडीगढ़
|
0.47
|
0.57
|
0.00
|
-
|
|
छत्तीसगढ
|
10.77
|
8.37
|
5.88
|
0.06
|
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
|
0.27
|
0.90
|
-
|
0.01
|
|
दिल्ली
|
11.72
|
19.50
|
1.58
|
9.73
|
|
गोवा
|
0.24
|
0.07
|
-
|
-
|
|
गुजरात
|
13.06
|
18.79
|
0.97
|
0.04
|
|
हरियाणा
|
24.05
|
58.23
|
6.82
|
0.62
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
6.54
|
14.46
|
5.57
|
0.28
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
32.53
|
69.30
|
3.49
|
0.89
|
|
झारखंड
|
12.22
|
19.71
|
1.02
|
0.76
|
|
कर्नाटक
|
13.59
|
33.19
|
3.73
|
0.08
|
|
केरल
|
7.17
|
4.36
|
2.67
|
0.16
|
|
लद्दाख
|
0.80
|
0.59
|
-
|
-
|
|
मध्य प्रदेश
|
43.17
|
205.84
|
26.98
|
3.67
|
|
महाराष्ट्र
|
32.09
|
44.44
|
6.05
|
1.01
|
|
मणिपुर
|
5.16
|
10.08
|
19.81
|
0.19
|
|
मेघालय
|
2.92
|
4.36
|
(1.24)
|
0.08
|
|
मिजोरम
|
2.61
|
2.75
|
3.97
|
0.19
|
|
नागालैंड
|
3.14
|
4.27
|
1.43
|
0.06
|
|
ओडिशा
|
17.16
|
14.31
|
3.04
|
0.25
|
|
पुदुचेरी
|
2.11
|
1.24
|
0.00
|
-
|
|
पंजाब
|
22.42
|
104.17
|
8.88
|
0.51
|
|
राजस्थान
|
58.45
|
292.42
|
34.92
|
2.53
|
|
सिक्किम
|
3.01
|
1.26
|
0.09
|
-
|
|
तमिलनाडु
|
36.13
|
63.08
|
4.96
|
0.41
|
|
तेलंगाना
|
19.69
|
11.07
|
4.27
|
0.87
|
|
त्रिपुरा
|
5.32
|
8.94
|
1.83
|
0.28
|
|
उत्तर प्रदेश
|
79.06
|
352.64
|
64.90
|
5.52
|
|
उत्तराखंड
|
12.82
|
26.37
|
2.26
|
0.15
|
|
पश्चिम बंगाल
|
17.98
|
16.28
|
9.80
|
0.11
|
यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।
*****
पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2297300)
|