सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
आर्थिक तंगी से इसरो वैज्ञानिक बनने के सपने तक: छात्रवृत्ति से गणेश कुमार को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली
प्रविष्टि तिथि:
10 AUG 2026 6:55PM by PIB Delhi
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच विद्यार्थियों को अपने सपने साकार करने एवं बेहतर भविष्य का अवसर बनाने में मदद कर सकती है। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए, आर्थिक मुश्किलें कॉलेज की पढ़ाई जारी रखने और उपलब्ध अच्छे संसाधनों तक पहुंचने में एक बड़ी बाधा बन सकती हैं।
आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति से किस प्रकार मदद मिल सकती है इसका उदाहरण हैं 19 वर्षीय के गणेश कुमार हैं। वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं और एक निम्न-मध्यम वर्ग के परिवार से हैं। उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा और वह अपनी पढ़ाई के लिए सबसे अच्छे संसाधन नहीं जुटा पाए। इन चुनौतियों के बावजूद गणेश इसरो वैज्ञानिक बनने का सपना देखते रहे और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते रहे।
कॉलेज की फीस जमा करने से जुड़ा वित्तीय दबाव गणेश और उसके परिवार के लिए तनाव उत्पन्न कर रहा था। 2026 में उन्हें 80,000 रुपये की छात्रवृत्ति मिली। इस सहायता ने उनकी कॉलेज फीस जमा करने के तनाव को कम किया और उनकी आर्थिक समस्याओं से थोड़ी राहत दी।
कॉलेज की फीस वाली आर्थिक बोझ कम होने से, गणेश को तुरंत होने वाले आर्थिक दबाव से बहुत राहत मिली और वह अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं। छात्रवृत्ति से उन्हें एक बड़ी आर्थिक चुनौती से निपटने में मदद मिली है और इसरो वैज्ञानिक बनने के अपने सपने को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए उनकी पढ़ाई में भी सहयोग मिला है।
गणेश कुमार की कहानी से यह पता चलता है कि समय पर मिलने वाली छात्रवृति से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे छात्रों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। कॉलेज की फीस जमा करने के आर्थिक बोझ को कम करने में मिली और इस मदद के कारण वह अपनी पढ़ाई जारी रख पाए हैं और इसरो वैज्ञानिक के रूप में भारत के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष क्षेत्र में योगदान देने का अपना सपना पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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पीके/केसी/एके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2297335)
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