स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग-भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद राष्ट्रव्यापी ‘शाइन’ का आयोजन करेगा; स्कूली छात्रों को 'वैज्ञानिक के रूप में एक दिन बिताने' के लिए किया आमंत्रित
‘शाइन 2026’: अगली पीढ़ी के खोजकर्ताओं के लिए विज्ञान, स्वास्थ्य और नवाचार
दो-दिवसीय ‘शाइन 2026’ में देश भर में 83 स्थानों पर छात्र वैज्ञानिकों से रूबरू होंगे
कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 30,000 छात्र आईसीएमआर अनुसंधान, प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक नवाचार का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करेंगे
प्रविष्टि तिथि:
10 AUG 2026 8:59PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छात्रों से "एक दिन वैज्ञानिक के तौर पर बिताने" के आह्वान से प्रेरित होकर, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग-भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (डीएचआर-आईसीएमआर) 11-12 अगस्त 2026 को 'शाइन' (साइंस, हेल्थ एंड इनोवेशन फ़ॉर नेक्स्टजेन एक्सप्लोरर्स) का दूसरा संस्करण आयोजित करने जा रहा है। यह स्कूलों तक पहुँचने वाला एक देशव्यापी कार्यक्रम है।
यह दो दिन का कार्यक्रम देश भर की 83 जगहों पर आयोजित किया जाएगा, जिनमें आईसीएमआर संस्थान, डीएचआर-मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाइयां (एमआरएचआरयू) और उनसे जुड़ी फील्ड इकाइयां शामिल हैं। इससे स्कूली छात्रों को वैज्ञानिकों से बातचीत करने, वैज्ञानिक अनुसंधान को जानने और स्वास्थ्य व नवाचार की दुनिया को करीब से अनुभव करने का मौका मिलेगा।
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव तथा आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने भाग लेने वाले छात्रों का स्वागत किया और उन्हें वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करने, अनुसंधान प्रयोगशालाओं को देखने और स्वास्थ्य तथा नवाचार की दुनिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक का संदेश:
'शाइन’ सरकारी और निजी स्कूलों की कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को वास्तविक दुनिया की सार्वजनिक स्वास्थ्य से सम्बंधित चुनौतियों पर वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए आमंत्रित करता है।
भारत के 'विकसित भारत 2047' दृष्टिकोण के अनुरूप, इस पहल का उद्देश्य युवा शिक्षार्थियों के बीच सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधानों के लिए वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष, इसमें केवल आमंत्रण के ज़रिए ही हिस्सा लिया जा सकता है जिसमें आईसीएमआर प्रयोगशालाएं आसपास के सरकारी और निजी स्कूलों को इस पहल में भाग लेने के लिए आमंत्रित कर रही हैं, जिससे लगभग 30,000 छात्रों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
इन दो दिनों में, भाग लेने वाले छात्र कई तरह की संवादात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, जिनमें मार्गदर्शन के साथ प्रयोगशाला भ्रमण, अनुसंधान प्रदर्शनियाँ, पोस्टर वॉक, वीडियो प्रस्तुतियाँ और चल रहे वैज्ञानिक कार्यों का सीधा प्रदर्शन शामिल हैं। छात्रों को आईसीएमआर के वैज्ञानिकों के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे वे उनकी शोध यात्राओं, विशेषज्ञता के क्षेत्रों और सार्वजनिक स्वास्थ्य में उनके दैनिक कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
अपने संस्थानों और ग्रामीण अनुसंधान इकाइयों के दरवाजे युवा छात्रों के लिए खोलकर, 'शाइन' का उद्देश्य विज्ञान को प्रत्यक्ष और सुलभ बनाना है। यह छात्रों को दिखाता है कि अनुसंधान उनके अपने समुदायों के सामने आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान कैसे करता है और उन्हें वैज्ञानिक अन्वेषण में अपना भविष्य तलाशने के लिए प्रेरित करता है।
इस पहल के माध्यम से, आईसीएमआर भारत के युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को को बढ़ावा देने और शोधकर्ताओं की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है, जो 'विकसित भारत 2047' दृष्टिकोण के तहत देश के स्वास्थ्य और विकास के लक्ष्यों में अपना योगदान देंगे।
***
पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2297443)
आगंतुक पटल : 180