वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने जेम की 10वीं वर्षगांठ के समारोह में जेम प्लेटफॉर्म पर शीर्ष खरीदारों और विक्रेताओं को सम्मानित किया


श्री गोयल ने सार्वजनिक खरीद को कुशल, समावेशी, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जेम प्लेटफॉर्म की सराहना की

जेम का अगला दशक अंतिम छोर तक पहुंच, एआई, एकीकरण, ऋण, स्थिरता और विश्वविद्यालयों तक पहुंच पर केंद्रित होगा: श्री गोयल

जेम ने अपने 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर कस्टमाइज़्ड 'माई स्टैम्प' लॉन्च किया

जेम ने हेल्पडेस्क सेवाओं के लिए राष्ट्रव्यापी शॉर्ट कोड “14550” पेश किया

प्रविष्टि तिथि: 10 AUG 2026 9:49PM by PIB Delhi

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सरकारी खरीद को ज़्यादा कुशल, किफायती, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक नए, यूज़र-फ्रेंडली और एआई-सक्षम प्लेटफ़ॉर्म की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के 10वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, श्री गोयल ने कहा कि यह नया प्लेटफ़ॉर्म खरीदारों और विक्रेताओं को खरीद प्रक्रिया और नई तकनीकों का बेहतर और समझदारी से इस्तेमाल करने में मदद करेगा।

आने वाले दशक के लिए पांच प्राथमिकताएं बताते हुए, श्री गोयल ने इन बातों पर ज़ोर दिया: ज़िलों में रजिस्ट्रेशन, कैटलॉगिंग, प्रशिक्षण एवं शिकायतों के समाधान का दायरा बढ़ाकर जेम के सुविधा केंद्रों के ज़रिए अंतिम छोर तक पहुंच को मज़बूत करना; प्राइस इंटेलिजेंस, कीमतों की उचितता एवं मार्केटप्लेस की विश्वसनीयता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज़्यादा इस्तेमाल; राज्यों, सरकारी उद्यमों, पंचायतों और सहकारी समितियों को एक सहज राष्ट्रीय खरीद इकोसिस्टम से जोड़ना; जेम सहाय और ट्रेड्स लिंकेज को बढ़ाकर और सतत खरीद को मुख्यधारा में लाकर क्रेडिट और सस्टेनेबिलिटी पर ज़्यादा ध्यान देना; और युवा नवोन्मेषकों और नए खरीदारों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों तक पहुंच बनाना शामिल है।

इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन और वाणिज्य विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल के साथ-साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, खरीदार, विक्रेता, उद्यमी और अन्य हितधारक भी शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में सरकारी खरीदार, विक्रेता, उद्यमी, नीति-निर्माता और वे अन्य लोग शामिल हुए जो 2016 में जेम की शुरुआत से ही शामिल रहे हैं। इस मौके पर प्लेटफ़ॉर्म के विकास के साथ-साथ उन कंपनियों और लोगों के योगदान पर भी चर्चा की गई जिनकी भागीदारी ने इस बदलाव को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाया और इसे सार्थक बनाया।

09 अगस्त 2016 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत लॉन्च किया गया, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और कुशल शासन की दृष्टि से प्रेरित, जेम एक डिजिटल मार्केटप्लेस से एक एकीकृत सार्वजनिक खरीद प्लेटफ़ॉर्म में विकसित हो गया है जो देशभर के सरकारी खरीदारों और उद्यमों को जोड़ता है।

जेम के समुदाय में 25 लाख से अधिक विक्रेता और 1.37 लाख से अधिक खरीदार संगठन हैं। इस प्लेटफॉर्म ने 3.78 करोड़ से अधिक ऑर्डरों के माध्यम से 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संचयी खरीद को सुगम बनाया है। अब इसमें 12.28 लाख सूक्ष्म और लघु उद्यम हैं, जिन्होंने 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ऑर्डर पूरे किए हैं, जो संचयी जीवीएम का 45.6 प्रतिशत है। 2.24 लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले एमएसई ने 1 लाख  रुपये से अधिक मूल्य के 50 लाख से अधिक ऑर्डर पूरे किए हैं, जबकि 42,242 स्टार्टअप्स ने 65,633 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ऑर्डर प्राप्त किए हैं।

जेम के विकास में तकनीकी हमेशा से अहम रही है। डिजिटल प्रक्रियाओं ने पारदर्शिता और ट्रेसेबिलिटी को मज़बूत किया है, जबकि सरकारी डिजिटल प्रणाली के साथ मेल-मिलाप ने खरीद और उससे जुड़े लेन-देन को और भी आसान बना दिया है।

सभा का स्वागत करते हुए, जेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मिहिर कुमार ने कहा, "हमें इस बात पर गर्व है कि हमने कितनी प्रगति की है। लेकिन जेम की असली पहचान सिर्फ़ हमारे द्वारा हासिल किए गए बड़े पैमाने से नहीं, बल्कि उस भावना से होती है जिसके साथ हम लगातार सुधार करते रहते हैं यानी प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने वालों की ज़रूरतों को सुनना, उनमें सुधार करना और उनकी ज़रूरतों के प्रति तत्पर रहना।"

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक अनुकूलित माई स्टैम्प भी जारी किया गया। यह स्टैम्प डिजिटल गवर्नेंस, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस, भारतीय उद्यमों के प्रोत्साहन और समावेशी आर्थिक विकास में जेम के योगदान को मान्यता देता है, साथ ही विकसित भारत के विज़न के अनुरूप एक पारदर्शी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार सार्वजनिक खरीद पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

जेम ने अपने हेल्पडेस्क के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय पाँच-अंकीय शॉर्ट कोड “14550” भी लॉन्च किया। नया नंबर जेम के लिए एक सरल और पहचानने योग्य संचार पहचान प्रदान करता है और मौजूदा हेल्पडेस्क अवसंरचना के साथ आभासी रुप से जुड़ा हुआ है ताकि सेवाओं की निरंतरता बनी रहे। इससे खरीदारों, विक्रेताओं और अन्य हितधारकों के लिए समर्थन तक पहुंचना और आधिकारिक जेम संचार को पहचानना आसान हो जाएगा।

स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकार के विभागों के उत्कृष्ट खरीदारों और विक्रेताओं को भारत की सार्वजनिक खरीद प्रणाली को सुदृढ़ और आगे बढ़ाने में उनके योगदान के लिए सम्मानित और अभिनंदित भी किया गया।

जैसे-जैसे जेम अपने दूसरे दशक में प्रवेश कर रहा है, प्लेटफ़ॉर्म अपने विस्तार को तेज कर रहा है। अगला चरण गहरी तकनीक को अपनाने, ज्यादा भागीदारी, बिजनेस करने में आसानियत, मजबूत खरीदारी जानकारी, तेज़ प्रक्रियाओं और सार्वजनिक पैसे के लिए ज्यादा मूल्य देने के निरंतर प्रयासों पर केंद्रित होगा।

भारतीय उद्यमों के लिए, उद्देश्य सरकारी खरीद को और अधिक सुलभ और पूर्वानुमेय बाजार बनाना है, जबकि खरीदारों के लिए, ध्यान एक अधिक स्मार्ट, अधिक कुशल और लगातार अधिक डेटा-संचालित खरीद अनुभव प्रदान करने पर है।

भारत विकसित भारत के विज़न की ओर आगे बढ़ रहा है, जेम का लक्ष्य भारत में सार्वजनिक खरीद को और अधिक रूपांतरित करना और देश के डिजिटल सार्वजनिक खरीद मॉडल को एक विश्वसनीय वैश्विक मानक के रूप में स्थापित करना है।

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पीके/केसी/एके


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