वस्‍त्र मंत्रालय
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हथकरघा उत्पादक कंपनियां

प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 1:30PM by PIB Delhi

केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के तहत, उन्नत करघें और सहायक उपकरण, वर्कशेड के निर्माण, लाइटिंग यूनिट्स, उत्पाद और डिजाइन विकास आदि विभिन्न इंटरवेंशन्स के लिए आवश्यकता आधारित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पिछले तीन वर्षों के दौरान देश भर में एनएचडीपी के तहत उपलब्ध कराए गए उन्नत करघों और सहायक उपकरणों, निर्मित वर्कशेड, लाइटिंग यूनिट्स का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार ब्यौरा अनुलग्नक- में दिया गया है।

सरकार हथकरघा बुनकरों को पेशेवर रूप में स्थापित करने और सदस्य-स्वामित्व वाले उद्यमों में संगठित करने के लिए एक प्रमुख संस्थागत तंत्र के रूप में हथकरघा उत्पादक कंपनियों (एचपीसी) के गठन और उनके सुदृढ़ीकरण को बढ़ावा देती है। एनएचडीपी के तहत वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान 237 हथकरघा उत्पादक कंपनियों का गठन किया गया।

रियायती ऋण/बुनकर मुद्रा योजना, राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) का ही एक घटक है जिसका उद्देश्य देश भर में हथकरघा क्षेत्र को बैंकों/वित्तीय संस्थानों से समय पर और पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल की अपनी ऋण आवश्यकताओं को आसान और किफायती तरीके से पूरा कर सकें। व्यक्तिगत हथकरघा बुनकर/बुनकर उद्यमी को ऋण राशि का 20% (अधिकतम 25,000 हजार रूपये तक) मार्जिन मनी के तौर पर सहायता प्रदान की जाती है। वहीं, हथकरघा संगठनों को ऋण राशि का 20% (अधिकतम 20.00 लाख रूपये तक, अर्थात प्रत्येक 100 बुनकर/कामगार के लिए 2.00 लाख रूपये) मार्जिन मनी के तौर पर सहायता प्रदान की जाती है। हालांकि, केवल हथकरघा संगठन ही 3 वर्ष की अवधि के लिए 6% की रियायती ब्याज दर पर ऋण प्राप्त करने के पात्र हैं, बशर्ते भारत सरकार द्वारा ब्याज पर दी जाने वाली सब्सिडी (इंटरेस्ट सबवेंशन) की सीमा 7% तक हो। हथकरघा संगठनों को दिए जाने वाले लोन पर 3 वर्ष की अवधि के लिए क्रेडिट गारंटी शुल्क भी प्रदान की जाती है।

भागीदार बैंकों द्वारा वित्तीय सहायता अर्थात मार्जिन मनी, ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी शुल्क का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए, पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से एक सेंट्रलाइज़्ड ऑनलाइन दावा भुगतान सिस्टम "हैंडलूम वीवर मुद्रा पोर्टल" विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से मार्जिन मनी सीधे लाभार्थियों के ऋण खाते में और ब्याज सब्सिडी सीधे संबंधित बैंकों को ट्रांसफर की जाती है।

इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए, पात्र हथकरघा बुनकर/कामगार को भरे हुए आवेदन-पत्र और आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ संबंधित बैंक में अप्रोच करना होगा। लाभार्थी को लोन देने से पहले, आवेदक की पात्रता के बारे में संतुष्ट होने संबंधी ज़िम्मेदारी स्वयं बैंक की होगी। वर्ष 2021-22 से 2026-27 (30.06.2026 तक) के दौरान एनएचडीपी के तहत रियायती ऋण/बुनकर मुद्रा योजना के तहत मंज़ूर किए गए ऋणों की संख्या और राशि का राज्य-वार ब्यौरा अनुलग्नक-'  में दिया गया है।

अनुलग्नक-

वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक पूरे देश में एचएसएस मदों (करघा और सहायक उपकरण), लाइटिंग यूनिट और वर्कशेड के तहत  राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार लाभ प्राप्त करने वाले बुनकर

क्र.सं.

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

अपग्रेड किए गए करघों और  सहायक उपकरणों  की सं.

व्यक्तिगत  वर्कशेड की सं.

लाइटिंग यूनिट की सं.

1

2

3

4

5

1

आंध्र प्रदेश

4850

964

780

2

अरुणाचल प्रदेश

849

239

652

3

असम

1441

694

0

4

बिहार

310

175

42

5

छत्तीसगढ़

2473

59

45

6

गुजरात

533

0

15

7

हरियाणा

66

20

0

8

हिमाचल प्रदेश

423

267

105

9

जम्मू और कश्मीर

54

32

145

10

झारखंड

533

141

610

11

कर्नाटक

4040

103

524

12

केरल

3945

530

697

13

मध्य प्रदेश

145

60

0

14

महाराष्ट्र

407

79

219

15

मणिपुर

8796

168

150

16

मेघालय

20

60

0

17

मिजोरम

30

170

0

18

नागालैंड

254

24

1

19

ओडिशा

1251

40

160

20

पंजाब

0

15

1

21

राजस्थान

163

56

81

22

तमिलनाडु

6577

618

428

23

तेलंगाना

1561

98

38

24

त्रिपुरा

210

27

0

25

उत्तर प्रदेश

258

128

206

26

उत्तराखंड

36

44

0

27

पश्चिम बंगाल

26

108

0

 

कुल

39251

4919

4899

 

अनुलग्नक-

वर्ष 2021-22 से 2026-27 (30.06.2026 तक) के दौरान एनएचडीपी के एक घटक 'रियायती क्रेडिट/बुनकर मुद्रा योजना' के तहत मंज़ूर किए गए ऋणों की संख्या और राशि का राज्य-वार ब्यौरा

क्र.सं.

राज्य का नाम

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

2026-27

स्वीकृत ऋणों की सं.

स्वीकृत  ऋण राशि (लाख रुपये में)

स्वीकृत ऋणों की सं.

स्वीकृत  ऋण राशि (लाख रुपये में

स्वीकृत ऋणों की सं.

स्वीकृत  ऋण राशि (लाख रुपये में

स्वीकृत ऋणों की सं.

स्वीकृत  ऋण राशि (लाख रुपये में

स्वीकृत ऋणों की सं.

स्वीकृत  ऋण राशि (लाख रुपये में

स्वीकृत ऋणों की सं.

स्वीकृत  ऋण राशि (लाख रुपये में

1

आंध्र प्रदेश

3409

2067.12

1318

907.40

1712

1566.80

2528

2489.03

1645

1702.39

102

123.15

2

बिहार

0

0.00

75

46.75

35

35.90

0

0.00

9

9.50

0

0.00

3

गोवा

0

0.00

1

0.45

0

0.00

1

1.90

0

0.00

0

0.00

4

हिमाचल प्रदेश

0

0.00

1

1.00

0

0.00

0

0.00

0

0.00

0

0.00

5

जम्मू और कश्मीर

781

704.91

947

983.90

627

794.59

365

521.58

281

437.10

63

93.94

6

कर्नाटक

14

7.90

65

54.23

105

52.50

199

106.91

78

38.55

0

0.00

7

केरल

165

86.00

335

180.80

197

121.50

185

100.50

333

220.82

168

130.75

8

मध्य प्रदेश

44

95.40

88

233.50

0

0.00

102

158.00

44

21.90

4

2.00

9

महाराष्ट्र

0

0.00

0

0.00

0

0.00

0

0.00

3

8.04

0

0.00

10

ओडिशा

20

13.20

5

4.00

1

0.50

31

26.50

2

2.00

0

0.00

11

पुदुचेरी

0

0.00

0

0.00

0

0.00

1

1.00

0

0.00

0

0.00

12

पंजाब

0

0.00

2

0.50

0

0.00

0

0.00

0

0.00

0

0.00

13

राजस्थान

4

2.00

0

0.00

0

0.00

0

0.00

0

0.00

0

0.00

14

तमिलनाडु

4742

2345.61

4051

2084.81

4575

2566.74

5203

3100.38

3509

2086.96

503

295.50

15

तेलंगाना

243

291.90

752

508.84

472

584.71

160

152.41

1

1.00

47

46.54

16

उत्तर प्रदेश

72

57.92

81

77.81

86

102.62

70

96.15

8

9.58

0

 

17

पश्चिम बंगाल

10

4.75

18

8.50

12

4.75

0

0.00

0

0.00

0

0.00

18

असम

22

12.75

29

15.60

29

11.20

324

208.80

428

137.20

80

56.50

19

मणिपुर

0

0.00

21

10.50

62

31.00

42

21.00

0

0.00

0

0.00

 

कुल योग

9526

5689.46

7789

5118.59

7913

5872.81

9211

6984.16

6341

4675.04

967

748.38

****

पीके/केसी/एसएस/एसके

 


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