पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
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सागरमाला परियोजना, राष्ट्रीय जलमार्ग और तटीय शिपिंग

प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 3:48PM by PIB Delhi

15वें वित्तीय चक्र के अंत में, सागरमाला योजना के अंतर्गत परियोजनाओं का राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) द्वारा एक स्वतंत्र तृतीय-पक्षीय प्रभाव मूल्यांकन किया गया। सागरमाला योजना के विभिन्न स्तंभों के अंतर्गत इन परियोजनाओं में बंदरगाह आधुनिकीकरण, बंदरगाह संपर्क, तटीय समुदाय विकास और तटीय शिपिंग एवं अंतर्देशीय जलमार्ग विकास शामिल हैं। सागरमाला योजना के बंदरगाह आधारित औद्योगीकरण स्तंभ के अंतर्गत किसी भी परियोजना को वित्तीय सहायता के लिए मंजूरी नहीं दी गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राष्ट्रीय जलमार्गों पर कुल माल ढुलाई 218 मिलियन मीट्रिक टन दर्ज की गई। राष्ट्रीय जलमार्गों पर माल यातायात को बढ़ावा देने के लिए, माल मालिकों को 35 प्रतिशत प्रोत्साहन प्रदान करने और इनलैंड एंड कोस्टल शिपिंग लिमिटेड द्वारा भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल के तहत एनडब्ल्यू-1 (गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली), एनडब्ल्यू-2 (ब्रह्मपुत्र नदी) और एनडब्ल्यू -16 (बराक नदी) पर निर्धारित सेवा शुरू करने के लिए सरकार द्वारा एक योजना को अनुमोदित किया गया है।

प्रमुख बंदरगाहों का औसत टर्नअराउंड समय वित्त वर्ष 2021-22 में 52.87 घंटे से घटकर 2025-26 में 48.84 घंटे हो गया है। विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स (सीपीपीआई) जहाजों के बंदरगाह में बिताए गए समय के आधार पर कंटेनर बंदरगाहों के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ और तुलनात्मक मूल्यांकन प्रदान करता है। सीपीपीआई 2025 के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह 22 वें स्थान पर है, हांगकांग 9वें, सिंगापुर 21वें और शंघाई 23वें स्थान पर है।

तटीय शिपिंग और अंतर्देशीय जल परिवहन में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम निम्नलिखित हैं:

सागरमाला योजना के तहत तटीय बर्थ, रो-रो/रो-पैक्स और यात्री जेट्टी, पोर्ट-कनेक्टिविटी परियोजनाओं के माध्यम से तटीय-शिपिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय बजट 2026-27 में, तटीय माल ढुलाई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य सड़क और रेल परिवहन से तटीय जलमार्गों और अंतर्देशीय जलमार्गों की ओर माल ढुलाई के तरीके को बदलने के लिए प्रोत्साहन देना है, ताकि वर्ष 2047 तक इन दोनों का संयुक्त माल ढुलाई हिस्सा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया जा सके। इस योजना से माल ढुलाई के लिए उपलब्ध साधनों का विस्तार होने और जहाजों, टर्मिनलों, जहाज मरम्मत, माल प्रबंधन और बहुआयामी लॉजिस्टिक्स में निजी निवेश के अवसरों की उम्मीद है।

ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 (एनडब्ल्यू-5) के विकास की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई है, जिसका उद्देश्य तालचेर और अंगुल के खनिज समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों और पारादीप और धामरा के बंदरगाहों से जोड़ना है।

कार्गो ओनर्स द्वारा अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन क्षेत्र के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 35 प्रतिशत प्रोत्साहन प्रदान करने और अंतर्देशीय और तटीय शिपिंग लिमिटेड (आईसीएसएल) द्वारा भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल के माध्यम से एनडब्ल्यू-1, एनडब्ल्यू-2 और एनडब्ल्यू-16 पर माल ढुलाई के लिए निर्धारित सेवा प्रदान करने की योजना को सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है।

केंद्रीय बजट 2025-26 में भारतीय पोत अधिनियम, 2021 के तहत पंजीकृत अंतर्देशीय जहाजों पर टन भार कर योजना के विस्तार की घोषणा की गई थी, जिससे राष्ट्रीय जलमार्गों, नदियों और नहरों पर चलने वाले अंतर्देशीय जहाजों को लाभ हुआ है।

राष्ट्रीय जलमार्ग (जेटी/टर्मिनल का निर्माण) विनियम 2025 को अधिसूचित कर दिया गया है, जो निजी कंपनियों को अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनलों में निवेश करने और उनका संचालन करने की अनुमति देता है। यह विनियम अंतर्देशीय जलमार्ग क्षेत्र के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने हेतु एक स्पष्ट नियामक ढांचा प्रदान करता है।

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/जेके/एसवी   

 


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