सहकारिता मंत्रालय
वेल्लोर में सहकारी संस्थाओं का सुदृढ़ीकरण
प्रविष्टि तिथि:
11 AUG 2026 5:46PM by PIB Delhi
देशभर में, जिसमें तमिलनाडु का वेल्लोर जिला भी शामिल है, सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा तथा सहकारी क्षेत्र की पहलों के प्रभावी समन्वय, कार्यान्वयन एवं निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सहकारिता मंत्रालय द्वारा राज्य एवं जिला स्तर पर बहु-स्तरीय संस्थागत निगरानी तंत्र अपनाया गया है। इस उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन किया गया है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- अंतर-मंत्रालयी समिति (आईएमसी) – गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में;
- राष्ट्र-स्तरीय समन्वय समिति (एनएलसीसी) – सचिव, सहकारिता मंत्रालय की अध्यक्षता में ;
- राज्य सहकारी विकास समिति (एससीडीसी) – संबंधित राज्य/संघ राज्यक्षेत्र के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में; और
- जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) – संबंधित जिला के जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में ।
तमिलनाडु राज्य से प्राप्त सूचना के अनुसार, अब तक राज्य सहकारी विकास समिति (SCDC) की दो तथा जिला सहकारी विकास समिति (DCDC) की दो बैठकें आयोजित की गई हैं।
इसके अतिरिक्त, मंत्रालय द्वारा ‘सहकारी रैंकिंग फ्रेमवर्क’ प्रारंभ किया गया है, जिसमें ऑडिट अनुपालन, वित्तीय प्रदर्शन एवं परिचालन गतिविधियों सहित मानकीकृत मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन मानदंडों के आधार पर राज्य के सहकारी समितियों के पंजीयक (RCS) द्वारा सहकारी समितियों का स्वतंत्र मूल्यांकन किया जा सकता है तथा राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उनके सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
वेल्लोर जिले में क्षेत्रवार कुल सहकारी समितियों तथा उनमें से कार्यशील सहकारी समितियों की संख्या का विवरण संलग्नक - क में संलग्न है।
सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं, जिसमें वेल्लोर जिले में कार्यरत सहकारी संस्थाएँ भी शामिल हैं, के सुशासन, व्यावसायिक प्रबंधन, सेवा वितरण, परिचालन दक्षता एवं पहुँच को सुदृढ़ करने हेतु डिजिटल, वित्तीय एवं क्षमता निर्माण से संबंधित अनेक उपाय किए गए हैं:
- नई बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों के गठन की राष्ट्रीय योजना के तहत, दिनांक 15.07.2026 तक पांच साल की अवधि में प्रत्येक अनाच्छादित पंचायत/गांव में सहकारी कवरेज प्राप्त करने के लिए, वेल्लोर जिले में 11 डीसीएस सहित तमिलनाडु राज्य में 27 पैक्स, 940 डीसीएस और 36 एफसीएस पंजीकृत किए गए हैं ।
- प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण के लिए केंद्रीय क्षेत्र की परियोजना के अंतर्गत तमिलनाडु राज्य में 4,561 पैक्स स्वीकृत किए गए हैं और 55.73 करोड़ रूपए का संवितरण किया गया है। दिनांक 15.07.2026 तक, 4,532 पैक्स को हार्डवेयर प्रदायगी की गई है और वेल्लोर जिले में 64 पैक्स सहित 4,481 पैक्स को कॉमन ईआरपी-आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर ऑनबोर्ड किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता, लेखांकन, लेखा संपरीक्षा, निगरानी, डिजिटल सेवा प्रदायगी और सहकारी बैंकिंग संरचना के साथ एकीकरण में सुधार करना है।
- सहकारिता मंत्रालय द्वारा परिचालित और राज्य द्वारा अपनाए गई आदर्श उप-विधियाँ पैक्स को 25 से अधिक विविध व्यावसायिक कार्यकलापों को करने में सक्षम बनाते हैं ।
- तमिलनाडु राज्य से प्राप्त सूचना के अनुसार, वेल्लोर जिले में 55 PACS कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) एवं उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops) के रूप में कार्य कर रही हैं; 43 PACS द्वारा माइक्रो-ATM सुविधा प्रदान की जा रही है तथा 55 PACS प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) के रूप में कार्यरत हैं।
- इसके अतिरिक्त, 28 PACS द्वारा कृषि मशीनरी सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं, 9 PACS फार्मेसी/मेडिकल स्टोर संचालित कर रही हैं, एक PACS द्वारा सहकारी मेडिकल स्टोर संचालित किया जा रहा है तथा 43 PACS के पास गोदाम की सुविधा उपलब्ध है।
- पेशेवर प्रबंधन और दीर्घकालिक संस्थागत संधारणीयता में सुधार के लिए, राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । तमिलनाडु में, ऐसे कार्यक्रम नटेसन इंस्टीट्यूट ऑफ कोऑपरेटिव मैनेजमेंट, चेन्नई और इंस्टीट्यूट ऑफ कोऑपरेटिव मैनेजमेंट, मदुरै के माध्यम से कार्यान्वित किए जाते हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान, इन संस्थानों ने सहकारी शासन, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल साक्षरता, कम्प्यूटरीकरण और व्यापार विविधीकरण जैसे क्षेत्रों में राज्य में 1,31,499 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया है, जिसमें वेल्लोर जिले के 2,688 प्रतिभागी शामिल हैं ।
- इसके अलावा, तमिलनाडु में 4,097 पैक्स सचिवों को कॉमन सर्विस सेंटर सेवाओं के प्रभावी प्रयोग में प्रशिक्षित किया गया है; समितियों के सुशासन, पेशेवर प्रबंधन, व्यवसाय विविधीकरण और प्रभावी कामकाज पर जोर देने के साथ एम-पैक्स के 105 बीओडी/सचिवों के क्षमता निर्माण के लिए 4 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- सरकारी योजनाओं, संस्थागत ऋण, बाजार लिंकेज और व्यापार विविधीकरण के बारे में सूचना का प्रसार करने के लिए ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तमिलनाडु में इस तरह के 560 कार्यक्रमों से 72,885 सदस्य लाभान्वित हुए हैं, जिनमें वेल्लोर जिले के 2,234 सदस्य शामिल हैं ।
- नाबार्ड द्वारा PACS के सुदृढ़ीकरण हेतु महिला सशक्तिकरण, व्यवसाय विकास योजना (BDP) तैयार करने, PACS की वित्तीय स्थिति पर गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) के प्रभाव तथा कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसे प्रमुख विषयों पर विभिन्न सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान तमिलनाडु में, वेल्लोर सहित, कुल 578 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 15,635 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
- कृषि, डेयरी, मात्स्यिकी, हथकरघा, विपणन, प्रसंस्करण, भंडारण और संबद्ध क्षेत्रों में पात्र सहकारी परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के माध्यम से वित्तीय और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध है, जो निर्धारित पात्रता शर्तों और परियोजना मूल्यांकन के अधीन है। एनसीडीसी द्वारा पिछले पांच वर्षों के दौरान तमिलनाडु राज्य में वित्तीय सहायता का ब्योरा संलग्नक -ख में दिया गया है
***
संलग्नक -क
तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में सहकारी समितियों की क्षेत्र-वार संख्या
|
सं.
|
क्षेत्र
|
समितियों की कुल संख्या
|
कार्यशील सहकारी समितियों की संख्या
|
|
1
|
कृषि एवं संबद्ध सहकारी समिति
|
4
|
1
|
|
2
|
कृषि प्रसंस्करण/औद्योगिक सहकारी समिति
|
9
|
3
|
|
3
|
उपभोक्ता सहकारी समिति
|
7
|
7
|
|
4
|
क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट समिति
|
32
|
30
|
|
5
|
डेयरी सहकारी समिति
|
171
|
160
|
|
6
|
मात्स्यिकी सहकारी समिति
|
5
|
5
|
|
7
|
हथकरघा वस्त्र और बुनकर सहकारी समिति
|
36
|
36
|
|
8
|
आवासन सहकारी समिति
|
15
|
7
|
|
9
|
विपणन सहकारी समिति
|
2
|
2
|
|
10
|
बहुउद्देशीय सहकारी समिति
|
1
|
0
|
|
11
|
प्राथमिक कृषि ऋण समितियां
|
55
|
55
|
|
12
|
चीनी मिल सहकारी समिति
|
1
|
1
|
|
13
|
शहरी सहकारी बैंक (यूसीबी)
|
3
|
3
|
|
14
|
महिला कल्याण सहकारी समिति
|
4
|
4
|
|
|
कुल
|
345
|
314
|
स्रोत: एनसीडी पोर्टल पर दिनांक 15.07.2026 की स्थिति के अनुसार ।
संलग्नक -ख
तमिलनाडु राज्य में पिछले 5 वर्षों की कार्यकलाप-वार संवितरण
(करोड़ रुपये)
|
क्रम सं.
|
कार्यकलाप
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
2026-27
(31.07.2026 के अनुसार)
|
|
1
|
सेवा सहकारी समिति
|
16.42
|
0.52
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
2
|
आई सी डी पी
|
33.90
|
17.60
|
1.43
|
-
|
-
|
-
|
|
3
|
डेयरी और पशुधन
|
-
|
9.33
|
-
|
15.50
|
12.49
|
-
|
|
4
|
एफपीओ
|
0.38
|
2.34
|
2.53
|
2.50
|
3.03
|
0.65
|
|
5
|
मत्स्य पालन
|
0.04
|
0.57
|
0.17
|
0.40
|
300.00
|
-
|
|
6
|
मत्स्य पालन एफपीओ (एफएफपीओ)
|
-
|
0.12
|
0.15
|
5.78
|
9.29
|
0.02
|
|
|
कुल
|
50.74
|
30.48
|
4.28
|
24.18
|
324.81
|
0.67
|
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
*****
AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2297752)
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