सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत 19,216.46 करोड़ रुपये वितरित किए


अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति में 17,224.63 करोड़ रुपये; डीबीटी और नियमित समीक्षा से छात्रवृत्ति वितरण को सुव्यवस्थित करने में मदद

प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 6:52PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति (एससी) के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान कुल 19,216.46 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।

यह जानकारी केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज लोकसभा में श्री राजा ए. के प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने बताया कि इन छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत वितरित कुल राशि वर्ष 2023-24 में 6,094.48 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 6,200.59 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 में 6,921.39 करोड़ रुपये हो गई।

उन्होंने आगे बताया कि इन छात्रवृत्ति योजनाओं में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति, अनुसूचित जाति और अन्य के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, उच्च स्तरीय शिक्षा योजना (टीसीएस) तथा अनुसूचित जाति और अन्य पात्र अभ्यर्थियों के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (एनओएस) योजना शामिल हैं।

डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति के अंतर्गत पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान 17,224.63 करोड़ रुपये वितरित किए गए। जारी की गई राशि वर्ष 2023-24 में 5,475.42 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 5,562.26 करोड़ रुपये और 2025-26 में 6,186.95 करोड़ रुपये हो गई।

मंत्री ने आगे बताया कि अनुसूचित जाति और अन्य के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत तीन वर्षों की अवधि में1,469.92 करोड़ रुपये वितरित किए गए, जिसमें 2023-24 में 446.66 करोड़ रुपये, 2024-25 में 460.90 करोड़ रुपये और 2025-26 में 562.36 करोड़ रुपये जारी किए गए। उच्च स्तरीय शिक्षा योजना के अंतर्गत 304.29 करोड़ रुपये जबकि इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 217.62 करोड़ रुपये जारी किए गए।

अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत तमिलनाडुको केंद्रीय सहायता के रूप में 2023-24 में 713.70 करोड़ रुपये, 2024-25 में 1,032.09 करोड़ रुपये और 2025-26 में 1,034.94 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। महाराष्ट्र को इन तीन वर्षों के दौरान क्रमशः1,652.98 करोड़ रुपये, 929.92 करोड़ रुपये और 1,095.80 करोड़ रुपये जबकि उत्तर प्रदेश को क्रमशः 674.83 करोड़ रुपये, 366.02 करोड़ रुपये और 617.64 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

अनुसूचित जाति और अन्य के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत तमिलनाडु को 2023-24 में 70.56 करोड़ रुपये, 2024-25 में 109.45 करोड़ रुपये और 2025-26 में 121.49 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

अनुसूचित जाति के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति और अनुसूचित जाति और अन्य के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति केंद्र प्रायोजित योजनाएँ हैं, जिनके अंतर्गत संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपना हिस्सा जारी किए जाने के बाद विभाग केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से केंद्रीय हिस्सा जारी करता है। राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति और अनुसूचित जाति के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा योजना केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएँ हैं।

राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भारतीय मिशनों को प्राधिकरण पत्र (एलओए) के माध्यम से अग्रिम रूप से धनराशि जारी की जाती है, जबकि उच्च स्तरीय शिक्षा योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे धनराशि जारी की जाती है।

मंत्री ने बताया कि छात्रवृत्ति जारी करने में होने वाले विलंब से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विभाग नियमित रूप से छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करता है। इन उपायों में क्षमता निर्माण कार्यक्रम, तकनीकी सहायता, राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविर और कार्यशालाएँ शामिल हैं, जिनमें राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और अन्य हितधारक भाग लेते हैं।

सरकार ने आगे बताया है कि लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी ने भुगतान प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया है और विलंब को कम किया है।

अनुसूचित जाति के लिए युवा उपलब्धि हासिल करने वालों हेतु उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति (श्रेयस-एससी) के अंतर्गत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए उच्च स्तरीय छात्रवृत्ति को केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में लागू किया जाता है और इसलिए इसमें राज्य-वार या जिला-वार आवंटन नहीं किया जाता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान इस योजना के अंतर्गत 304.29 करोड़ रुपये जारी किए गए।

सरकार देशभर में पात्र अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति जारी करने की सुविधा प्रदान करने के लिए डिजिटल भुगतान तंत्र, नियमित समीक्षा, तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण संबंधी पहलों के माध्यम से छात्रवृत्ति योजनाओं के कार्यान्वयन को लगातार सुदृढ़ कर रही है।

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पीके/केसी/एके


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