पंचायती राज मंत्रालय
पश्चिमी बंगाल में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) का कार्यान्वयन
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 2:35PM by PIB Delhi
पंचायत, "स्थानीय स्वशासन" होने के नाते, राज्य का विषय है और भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची का हिस्सा है। हालांकि, वित्त वर्ष 2022-23 से पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केंद्र प्रायोजित योजना को लागू किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधियों (ईआर), पंचायत पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण प्रदान करके पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की क्षमता को मजबूत बनाना है, ताकि वे नेतृत्व की भूमिकाओं के प्रति अपनी शासन क्षमताओं का विकास कर सकें और पश्चिम बंगाल सहित सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों को प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाया जा सके।
विभिन्न प्रशिक्षणों के अलावा, यह योजना पश्चिम बंगाल सहित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को सीमित पैमाने पर ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन, कंप्यूटर और सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के सह-स्थापन जैसी पंचायत अवसंरचनात्मक सुविधाए प्रदान करने में सहायता करती है।
संशोधित आरजीएसए के तहत, आरजीएसए की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक कार्य योजना (एएपी) के आधार पर विभिन्न घटकों के तहत इकाइयों को मंजूरी देती है। पिछले चार वित्तीय वर्षों (2022-23 से 2025-26) के दौरान, इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल राज्य को केंद्रीय हिस्से के रूप में 130.65 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई थी, जिसमें से राज्य द्वारा 268.26 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया है। निधियों के उपयोग में केंद्र का हिस्सा, राज्य का हिस्सा और पिछले वर्षों से अव्ययित शेष राशि शामिल है।
वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक पश्चिम बंगाल राज्य के कुल 5,17,632 निर्वाचित प्रतिनिधियों को ग्रामीण शासन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक योजना के तहत 199 पंचायत भवनों के निर्माण और 1,712 कंप्यूटरों की खरीद को मंजूरी दी गई। राज्य द्वारा बताया गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 (दिनांक 5 अगस्त, 2026 की स्थिति के अनुसार) के दौरान 124 पंचायत भवन बनाए गए हैं और 1,185 कंप्यूटर खरीदे गए हैं।
राज्य द्वारा यह भी बताया गया है कि इस योजना के तहत आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के सभी हितधारकों को आमंत्रित किया गया है।
संशोधित आरजीएसए की प्रकृति मांग-आधारित है। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्य योजनाओं, राज्य द्वारा व्यय की गति और धनराशि जारी करने के लिए अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत करने के आधार पर धनराशि जारी की जाती है। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा निधियों का उपयोग केवल प्राथमिकता के अनुसार अनुमोदित घटकों के लिए किया जाता है। इस योजना के तहत मंत्रालय द्वारा राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को ही धनराशि जारी की जाती है। वित्त वर्ष 2026-27 (दिनांक 10 जुलाई, 2026 की स्थिति के अनुसार) में पश्चिम बंगाल राज्य को पहली किस्त में केंद्रीय हिस्से के रूप में 8.00 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।
राज्य द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, संशोधित आरजीएसए की योजना के तहत वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक 199 ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिनमें से दिनांक 5 अगस्त, 2026 की स्थिति के अनुसार 124 भवन पूरे हो चुके हैं और शेष 75 भवनों का निर्माण कार्य पूरा होने के अलग-अलग चरणों में हैं। राज्य द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में आरजीएसए की वार्षिक कार्य योजना में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, 3,339 में से केवल 87 ग्राम पंचायतों के पास अपना भवन नहीं है। संशोधित आरजीएसए की योजना के तहत, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को घटकवार धनराशि जारी नहीं की गई है। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने अपनी प्राथमिकता के अनुसार अपने वार्षिक कार्य योजना (एएपी) के अनुमोदित घटकों के आधार पर धनराशि का उपयोग किया है।
पंचायतों के ई-सक्षमीकरण को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रालय द्वारा ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) का कार्यान्वयन किया जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर पारदर्शिता, कार्यदक्षता और शासन मजबूत हुआ है। सरकारी ई मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 267 पंचायतों ने जीईएम को अपनाया/ऑन-बोर्ड किया है। दिनांक 06.08.2026 की स्थिति के अनुसार, योजना वर्ष 2026-27 के लिए पश्चिम बंगाल राज्य में 1,881 ग्राम पंचायतों द्वारा अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत अब तक कुल 10,111 चुने हुए प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी गई है।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 12 अगस्त 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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(रिलीज़ आईडी: 2298165)
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