भारी उद्योग मंत्रालय
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भारी उद्योग मंत्रालय ने समर्थ केंद्रों के तहत लगभग 33,000 लोगों को प्रशिक्षित किया

प्रविष्टि तिथि: 12 AUG 2026 11:26AM by PIB Delhi

भारतीय पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की योजना के अंतर्गत भारी उद्योग मंत्रालय ने कौशल विकास के लिए निम्नलिखित पहल शुरू की हैं:-

1. उद्योग 4.0 को बढ़ावा देने के लिए चार स्मार्ट एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग एंड रैपिड ट्रांसफॉर्मेशन हब (समर्थ- एसएएमएआरटीएच) केंद्रों की स्थापना।

2. उन्नत वेल्डिंग प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास हेतु भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल), त्रिची के वेल्डिंग अनुसंधान संस्थान (डब्ल्यूआरआई) में कॉमन इंजीनियरिंग फैसिलिटी सेंटर (सीईएफसी) की स्थापना।

3. एएसडीसी द्वारा 23 योग्यता पैकेजों का विकास

4. सीजीएसएससी द्वारा 23 योग्यता पैकेजों का विकास

5. आईएएससी एसएससी द्वारा 12 योग्यता पैकेजों का निर्माण

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की दी गई जानकारी के अनुसार, मंत्रालय ने अपनी योजनाओं और पहलों के माध्यम से कौशल विकास परितंत्र को मजबूत करने के लिए कई पहल की है। इस मंत्रालय द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) शामिल हैं, जो भारी उद्योगों और विनिर्माण सेक्टर सहित सभी क्षेत्रों में लागू हैं।

भारी उद्योग मंत्रालय ने समर्थ केंद्रों के तहत लगभग 33,000 लोगों को प्रशिक्षित किया है। इसके अलावा, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल), त्रिची के वेल्डिंग अनुसंधान संस्थान (डब्ल्यूआरआई) में कॉमन इंजीनियरिंग फैसिलिटी सेंटर के तहत पिछले तीन वर्षों में लगभग 8,500 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया गया है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने अपनी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया है। पीएमकेवीवाई 4.0 इस योजना का वर्तमान संस्करण है, जो वित्त वर्ष 2022-23 से लागू है। पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत पिछले तीन वर्षों में 27,31,699 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है।

पिछले तीन वर्षों के दौरान पूंजीगत सामान और विनिर्माण क्षेत्र में शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के अंतर्गत पाठ्यक्रमों में आईटीआई में कुल नामांकन 12,53,158 है।

(ग) और (घ): कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पीएमकेवीवाई 4.0 एक मांग आधारित योजना है जिसमें प्रशिक्षण केंद्रों को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर कुशल कारीगरों की कमी को ध्यान में रखते हुए मान्यता/संबद्धता प्रदान की जाती है। 30.06.2026 तक, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत 16,946 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसमें 6,993 शैक्षणिक संस्थान जैसे स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, विश्वविद्यालय, कौशल विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक शामिल हैं।

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