मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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डेयरी क्षेत्र का आधुनिकीकरण और दूध उत्पादन में वृद्धि


एनपीडीडी और एएचआईडीएफ से डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा

प्रविष्टि तिथि: 12 AUG 2026 3:08PM by PIB Delhi

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने कहा कि भारत सरकार का पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) दुग्ध उत्पादन क्षेत्र को सुदृढ़, आधुनिक और बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों के प्रयासों को पूरकता और सहयोग देने हेतु विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों को लागू कर रहा है। इन पहलों का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना, डेयरी अवसंरचना और मूल्य शृंखला के विकास को बेहतर बनाना, दुग्ध प्रसंस्करण एवं विपणन सुविधाओं को सुदृढ़ करना तथा डेयरी क्षेत्र की समग्र दक्षता और सततता में सुधार करना है।

  • राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी): एनपीडीडी के तहत देश में संगठित दुग्ध खरीद की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए दुग्ध खरीद, शीतलीकरण और गुणवत्ता आश्वासन संबंधी अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु 50 प्रतिशत अनुदान सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, आधुनिक दुग्ध खरीद, दुग्ध प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और शीत श्रृंखला अवसंरचना की स्थापना हेतु 75% केंद्रीय अनुदान सहायता तथा गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना की स्थापना हेतु 70% केंद्रीय अनुदान सहायता केवल पहाड़ी क्षेत्रों और उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) में प्रदान की जाती है।
  • पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (एएचआईडीएफ): एएचआईडीएफ के तहत सहकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और कोल्ड चेन अवसंरचना परियोजनाओं की स्थापना के लिए पात्र लाभार्थियों को 3% ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है।

 

जून 2026 तक, राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के अंतर्गत वित्तीय सहायता से 36,611 नई डेयरी सहकारी समितियों (डीसीएस) का गठन किया गया है और ग्राम स्तर पर 34,557 डीसीएस को सुदृढ़ किया गया है। इसके अतिरिक्त, लगभग 168 लाख लीटर प्रतिदिन (एलएलपीडी) की दुग्ध शीतलीकरण क्षमता का सृजन किया गया है तथा 76,748 गुणवत्ता परीक्षण उपकरण वितरित किए गए हैं। पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (एएचआईडीएफ) के अंतर्गत, सहकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में कुल 418 एलएलपीडी दूध प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन क्षमता वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।


वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक देश में दूध उत्पादन और प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता का वर्षवार विवरण निम्नलिखित है:

वर्ष

दूध उत्पादन (मिलियन मीट्रिक टन)/वर्ष

प्रति व्यक्ति उपलब्धता (ग्राम/दिन)

2020-21

209.96

427.00

2021-22

222.07

446.00

2022-23

230.58

459.00

2023-24

239.30

471.00

2024-25

247.87

485.00

 

वर्तमान योजनाओं का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र में दूध संग्रहण, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाना है। इन प्रयासों से दूध उत्पादकों के लिए एक संगठित बाजार उपलब्ध होता है और उनकी आय में सुधार होता है।

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पीके/केसी/जीके


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