कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
मिशन कर्मयोगी
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 2:04PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) मिशन कर्मयोगी को भारत सरकार द्वारा सितंबर 2020 में अनुमोदित किया गया था। इसका उद्देश्य 'नियम-आधारित' से 'भूमिका-आधारित' मानव संसाधन प्रणाली में परिवर्तन करना और भारतीय लोकाचार में निहित रहते हुए वैश्विक दृष्टिकोण वाले सिविल सेवकों का निर्माण करना है।
मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत स्थापित आईजीओटी कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग पोर्टल का विस्तार और पहुंच लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में, पोर्टल पर 1.7 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। इस पर विभिन्न क्षेत्रों, कार्यात्मक और व्यवहारिक दक्षताओं से संबंधित 5,600 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें कुल 6,953 घंटे का शिक्षण शामिल है। ये पाठ्यक्रम अंग्रेजी और हिंदी सहित 23 भाषाओं में उपलब्ध हैं, जिससे व्यापक पहुंच सुनिश्चित होती है और यह क्षेत्रीय एवं भाषाई आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। आईजीओटी पर अब तक 14.42 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण किए जा चुके हैं।
सरकार के सभी स्तरों पर निरंतर क्षमता विकास और डिजिटल शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए, केंद्र सरकार, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को आईजीओटी से जोड़ा गया है। भूमिका-आधारित प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए, सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों (एमडीओ) के लिए क्षमता विकास योजनाएँ बनाई जा रही हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) और एसपीवी कर्मयोगी भारत (केबी) के साथ मिलकर प्रगति की निरंतर निगरानी करता है और इस संबंध में सभी हितधारकों को आवश्यक सहायता प्रदान करता है। सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल शिक्षा की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा सप्ताह - कर्मयोगी सप्ताह (अक्टूबर 2024 में आयोजित) और साधना सप्ताह (अप्रैल 2026) जैसी विशेष पहलों के माध्यम से निरंतर सीखने की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
***
पीके/केसी/एवाई/ओपी
(रिलीज़ आईडी: 2298305)
आगंतुक पटल : 136