सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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वर्ष 2022-23 से 2025-26 के दौरान संशोधित श्रृंखला के अनुसार स्थिर कीमतों (2022-23 आधार) पर विनिर्माण सकल बाजार मूल्य (जीवीएसी) की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 10.88 प्रतिशत रही

प्रविष्टि तिथि: 12 AUG 2026 3:44PM by PIB Delhi

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी के आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 कर दिया है। संशोधित श्रृंखला फरवरी 2026 में जारी की गई थी। संशोधित श्रृंखला (2022-23 आधार) के अनुसार, वर्तमान कीमतों पर भारत के सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान और 2022-23 से 2025-26 की अवधि के दौरान स्थिर कीमतों पर विनिर्माण जीवीए की वृद्धि दर नीचे दी गई है:

 

संकेतक

2022-23

2023-24

2024-25 (प्रथम संशोधित अनुमान)

2025-26 (अनंतिम अनुमान)

कुल सकल बाजार मूल्य में विनिर्माण का हिस्सा (प्रतिशत में)

14.7

14.7

14.5

14.8

पिछले वर्ष की तुलना में परिवर्तन (प्रतिशत में)

-

(+)12.7

(+)9.3

(+)10.7

नोट: एफआरई- प्रथम संशोधित अनुमान, पीई- अनंतिम अनुमान

स्रोत: 05.06.2026 को जारी जीडीपी के अनंतिम अनुमानों की प्रेस विज्ञप्ति

 

वर्ष 2022-23 से 2025-26 के दौरान संशोधित श्रृंखला के अनुसार स्थिर कीमतों (2022-23 आधार) पर विनिर्माण सकल लाभ की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) 10.88 प्रतिशत है।

 

संबंधित श्रृंखलाओं के अंतर्गत उपलब्ध आंकड़े कुल सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में विनिर्माण की हिस्सेदारी में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं दर्शाते हैं।

 

सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती बढ़ाने और बाहरी झटकों से इसकी संवेदनशीलता कम करने के लिए कई संरचनात्मक सुधार और पहल की हैं। इनमें उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं (पीएलआई), प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्‍स नीति, भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्या), सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने की पहल, सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना, व्यापार करने में सुगमता में सुधार और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) शामिल हैं। इन सभी पहलों का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाना, रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और भारत के विनिर्माण इकोसिस्‍टम की मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करना है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आज लोकसभा में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसकेजे/वाईबी


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