सहकारिता मंत्रालय
सहकारी समितियों के लिए रैंकिंग फ्रेमवर्क का उद्देश्य
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 5:10PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (NCD) का उपयोग करते हुए प्राथमिक सहकारी समितियों की क्षेत्र-वार तथा राज्य/जिला/ब्लॉक वार रैंक प्रदान के लिए एक रैंकिंग फ्रेमवर्क शुरू किया गया है। इस रैंकिंग फ्रेमवर्क का शुभारंभ 24.01.2025 को किया गया था। इसके माध्यम से राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (आरसीएस), NCD पोर्टल के माध्यम से 12 क्षेत्रों की प्राथमिक सहकारी समितियों की रैंकिंग तैयार कर सकते हैं। यह रैंकिंग फ्रेमवर्क सहकारी समितियों के भीतर पारदर्शिता, दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ाने में मदद करता है, साथ ही उनकी विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धी क्षमता में भी सुधार करता है ।
यह रैंकिंग फ्रेमवर्क राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के आरसीएस को ऑडिट अनुपालन, सहकारी गतिविधियाँ/सेवाएँ, वित्तीय प्रदर्शन, अवसंरचना तथा बुनियादी पहचान संबंधी जानकारी जैसे पाँच प्रमुख श्रेणियों/मापदंडों के आधार पर सहकारी समितियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में सक्षम बनाता है। इस रैंकिंग फ्रेमवर्क के अंतर्गत इन श्रेणियों के अनुसार विभिन्न मापदंडों/संकेतकों को सामान्यतः इसी क्रम में वेटेज स्कोर प्रदान किया गया है तथा कुल 100 अंकों का भारांक निर्धारित किया गया है।
सहकारी रैंकिंग फ्रेमवर्क, सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने, सहकारी समितियों को कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि, निष्पादन के लिए बेंचमार्क और प्रतिस्पर्धा और नवाचार को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । इस रैंकिंग फ्रेमवर्क का उपयोग प्रत्येक क्षेत्र में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली सहकारी समितियों की सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रसार के लिए किया जा सकता है, ताकि अन्य समितियां इन सर्वोत्तम प्रथाओं को सीख सकें और अंगीकार कर सकें ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2298381)
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