आयुष
आयुष को जन-जन तक पहुंचाने और सुशासन को सशक्त बनाने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका: श्री प्रतापराव जाधव
आयुष मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग और जनसंपर्क को और सुदृढ़ करने पर जोर
आयुष मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की तीसरी बैठक नई दिल्ली में आयोजित
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 5:33PM by PIB Delhi
आयुष मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की तीसरी बैठक आज कर्तव्य भवन-I, नई दिल्ली में आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में सांसद राहुल सिंह लोधी और ज्ञानेश्वर पाटिल तथा आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित समिति के सदस्य और मंत्रालय एवं उसके अधीनस्थ संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि हिंदी सलाहकार समिति केवल एक औपचारिक समिति नहीं है, बल्कि यह मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ करने तथा हिंदी को जनकल्याण और जनसंचार का प्रभावी माध्यम बनाने का महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने कहा कि देश ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और उनके व्यापक प्रयोग पर विशेष बल दिया है। श्री जाधव ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री द्वारा हिंदी के निरंतर प्रयोग से वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रति सम्मान और स्वीकार्यता को नई ऊंचाई मिली है।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि उनके कार्यालय में अधिक से अधिक आधिकारिक कार्य हिंदी में किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे हिंदी में कार्य करने को केवल औपचारिक या संवैधानिक दायित्व न मानें, बल्कि इसे सुशासन, पारदर्शिता और प्रभावी जनसंपर्क का माध्यम बनाते हुए अपने दैनिक कार्यों का हिस्सा बनाएं।
भारतीय भाषाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री जाधव ने कहा कि आयुष भारत की समृद्ध और प्राचीन ज्ञान परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा तथा होम्योपैथी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियां देश के साथ-साथ विश्वभर में निरंतर लोकप्रिय हो रही हैं।
आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि आधिकारिक कार्य, पत्राचार, प्रकाशन, वेबसाइट, सोशल मीडिया और जनसंपर्क गतिविधियों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी के प्रयोग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किए जाने की जानकारी भी दी।
बैठक में आयुष संबंधी ज्ञान, अनुसंधान, वैज्ञानिक साहित्य, जनकल्याणकारी योजनाओं और मंत्रालय की उपलब्धियों को हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में व्यापक रूप से उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। इस दिशा में भारतीय भाषाओं के माध्यम से आयुष की जानकारी को अधिक सुलभ बनाकर इसकी पहुंच को जनसामान्य तक और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान मंत्रालय की हिंदी गृह पत्रिका ‘अप्रतिम आयुष’ का भी विमोचन किया गया। आयुष मंत्रालय के राजभाषा विभाग की उपनिदेशक पूर्णिमा बोस ने सभी का स्वागत किया। सहायक निदेशक डॉ. प्रकाश कुमार ने बैठक का संचालन किया। बैठक में गैर-सरकारी सदस्य मार्कण्डेय राय, थिनलेस दोरजे, सुनील मेहरू, रम्या कृष्ण कनापार्थी एवं हेमचंद्र वैद्य भी उपस्थित रहे।




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SR/SV/SG
(रिलीज़ आईडी: 2298426)
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