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कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
कौशल विकास कार्यक्रम
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 3:40PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न स्कीमों, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस) के अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस) के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से केरल राज्य सहित देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशलों से सुसज्जित करके भविष्य के लिए तैयार करना है। कौशल भारत मिशन (सिम) के तहत कुछ प्रमुख स्कीमें इस प्रकार हैं:
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई): पीएमकेवीवाई स्कीम का उद्देश्य केरल राज्य सहित पूरे देश के युवाओं को अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना और पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) के माध्यम से कौशलोन्नय और पुनः कौशलीकरण प्रदान करना है।
जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) स्कीम: इस स्कीम का उद्देश्य 15-45 वर्ष की आयु वर्ग के निरक्षर, नव-साक्षर, प्राथमिक स्तर की शिक्षा प्राप्त व्यक्तियों और 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र व्यक्तियों के लिए आयु में समुचित छूट देने के साथ व्यावसायिक कौशल प्रदान करना है। ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी निम्न-आय वाले क्षेत्रों में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस): यह स्कीम शिक्षुता प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और शिक्षुओं को वजीफा भुगतान हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करके उनकी सहभागिता बढ़ाने के लिए है। प्रशिक्षण में बुनियादी प्रशिक्षण और ऑन-द- जॉब प्रशिक्षण/कार्यस्थल पर उद्योग में व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है।
शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस): यह स्कीम देशभर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से दीर्घकालिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए है। आईटीआई विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों को शामिल करते हुए कई व्यावसायिक/कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, जिनका उद्देश्य उद्योग को कुशल कार्यबल प्रदान करना और युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करना है।
एमएसडीई की प्रमुख कौशल विकास स्कीमों के तहत वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान केरल सहित पूरे देश में प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्षवार और स्कीम-वार ब्यौरा अनुलग्नक I से IV में दिया गया है।
एमएसडीई की स्कीमों में से, पीएमकेवीवाई के 2015-16 से 2021-22 तक लागू किए गए पहले तीन चरणों (पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0) अल्पकालिक प्रशिक्षण घटक के तहत ही नियोजन को ट्रैक किया गया था। पीएमकेवीवाई (1.0 से 3.0) के तहत केरल में 26,385 उम्मीदवारों के नियोजित होने की रिपोर्ट है। पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उद्योग से संबंधित कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से मार्गदर्शन देकर उन्हें विभिन्न करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाना है, जिसमें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) भी शामिल है।
सरकार कौशल भारत मिशन के अंतर्गत कौशल विकास पहलों की समय-समय पर समीक्षा करती है, जिसमें नामांकन, प्रमाणन, नियुक्ति, स्वरोजगार के परिणाम और नियोक्ताओं की प्रतिक्रिया का आकलन करके रोजगार क्षमता और भविष्य के कौशल को मजबूत करने में उनकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाता है। ये समीक्षाएँ पाठ्यचर्या के निरंतर अद्यतन करने, उद्योग सहयोग और कार्यान्वयन विधियों में सुधार का समर्थन करती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कौशलीकरण कार्यक्रम विकसित हो रही प्रौद्योगिकी प्रवृत्तियों और श्रम बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप बने रहें। व्यापक कौशल विकास स्कीमों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन एमआईएस-आधारित निगरानी, तृतीय-पक्ष आकलन और लाभार्थियों की प्रतिक्रिया के माध्यम से भी किया जाता है। वर्ष 2025 में अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा किए गए इन स्कीमों के स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकनों से पता चला है कि ये प्रमुख कौशलीकरण पहल औपचारिक प्रशिक्षण और प्रमाणन तक पहुंच को सफलतापूर्वक विस्तारित करती हैं, साथ ही लाभार्थियों के एक बड़े हिस्से में कौशल आत्मविश्वास, रोजगार भागीदारी और आय परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाती हैं।
इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रदान किए गए कौशल उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप हों और इस प्रकार रोजगार के अवसरों में सुधार हो, एमएसडीई ने अन्य बातों के साथ-साथ देश भर में निम्नलिखित विशिष्ट कदम उठाए हैं:
- राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की स्थापना तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियम और मानक स्थापित करने वाले एक व्यापक विनियामक के रूप में की गई है। एनसीवीईटी उद्योग निकायों को अवार्डिंग बॉडीज (एबी) और/या मूल्यांकन एजेंसियों (एए) के रूप में मान्यता देता है।
- अवार्डिंग बॉडीज से यह अपेक्षा की जाती है कि वे उद्योग की मांग के अनुसार योग्यताएं विकसित करें और उन्हें राष्ट्रीय व्यवसाय वर्गीकरण, 2015 के अनुसार चिन्हित व्यवसायों के साथ संरेखित करें तथा उद्योग से मान्यता प्राप्त करें। एनसीवीईटी ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार 10209 योग्यताओं का अनुमोदन किया है, जिनमें से 2975 योग्यताएं वैध और सक्रिय हैं तथा 7234 योग्यताएं संग्रहीत हैं।
- प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) आईटीआई के छात्रों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उद्योगों के सहयोग से फ्लेक्सी समझौता ज्ञापन स्कीम और प्रशिक्षण की दोहरी प्रणाली (डीएसटी) को लागू कर रहा है।
- राज्य और क्षेत्रीय स्तरों पर संस्थानों के लिए उद्योग से जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए डीजीटी ने आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, ऑटोडेस्क, एडब्ल्यूएस, शेल आदि जैसी आईटी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये साझेदारियां आधुनिक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक हैं।
- पीएमकेवीवाई के तहत, नवयुगीन/भविष्य के कौशल से संबंधित जॉब रोल्स को खासकर एआई/एमएल, रोबोटिक्स, मेकाट्रॉनिक्स, ड्रोन प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में, आगामी बाजार मांग और उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
- डीजीटी ने सीटीएस के तहत नवयुगीन/भविष्य के कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए हैं ताकि 5जी नेटवर्क, एआई प्रोग्रामिंग, साइबर सुरक्षा, ड्रोन प्रौद्योगिकी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स आदि जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
- एमएसडीई ने स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) शुरू किया है, जो एक एकीकृत प्लेटफ़ार्म है और कौशलीकरण, शिक्षा, रोजगार और उद्यमशीलता इको सिस्टम को आपस में जोड़कर जीवनभर चलने वाली सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। स्किल इंडिया डिजिटल हब के माध्यम से, उम्मीदवार कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और शिक्षुता के अवसरों तक पहुंच सकते हैं। प्रशिक्षित उम्मीदवारों का विवरण सिद्ध पोर्टल पर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से वे संभावित नियोक्ताओं से जुड़ सकते हैं।
- उद्योग के लिए तैयार कार्यबल को उभरते आर्थिक अवसरों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में अहमदाबाद और मुंबई में दो (02) भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) स्थापित किए गए हैं।
- संबंधित क्षेत्रों के उद्योग जगत के अग्रणियों के नेतृत्व में 36 क्षेत्र कौशल परिषदों (एसएससी) की स्थापना की गई है, जिन्हें संबंधित क्षेत्रों की कौशल विकास आवश्यकताओं की पहचान करने के साथ-साथ कौशल दक्षता मानकों को निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।
- कौशल महोत्सव और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेले का आयोजन मंत्रालय द्वारा देश भर में प्रमाणित उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए किया गया है।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 में व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा के साथ अधिक एकीकृत करने और अकादमिक एवं व्यावसायिक शिक्षा के बीच सुगम आवागमन को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, यूजीसी और एआईसीटीई के सहयोग से विकसित शिक्षुता-आधारित डिग्री कार्यक्रम (एईडीपी) डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रमों में नामांकित छात्रों को उनके पाठ्यचर्या के अभिन्न अंग के रूप में शिक्षुता प्रशिक्षण प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। यह कार्यक्रम रोजगार क्षमता को बढ़ाता है, परिणाम-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देता है, उद्योग-अकादमिक संबंधों को मजबूत करता है और उद्योग-संबंधी कौशल प्राप्त करने में सहायता प्रदान करता है।
- सरकार ने पीएम-सेतु (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशलीकरण एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन) के तहत देश भर में 1,000 सरकारी आईटीआई को उन्नत बनाने के लिए 60,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय प्रायोजित स्कीम शुरू की है। इस स्कीम में 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं। उद्योग-आधारित शासन द्वारा संचालित यह पहल शिक्षार्थियों और प्रारंभिक चरण के व्यवसाय मालिकों को प्रासंगिक कौशल, वास्तविक दुनिया का अनुभव और व्यापक करियर मार्गदर्शन प्रदान करके रोजगार क्षमता को बढ़ाती है और उद्यमशीलता को बढ़ावा देती है। संस्थागत प्रणालियों और महत्वपूर्ण उद्योग संबंधों को मजबूत करके, यह पहली बार उद्यम शुरू करने वालों को सशक्त बनाते हुए मजबूत नियोजन सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपने उद्यमों को सफलतापूर्वक शुरू कर सकें और बनाए रख सकें।
अनुलग्नक- I
वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान पीएमकेवीवाई स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों के अनुसार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
613
|
310
|
648
|
909
|
30
|
|
आंध्र प्रदेश
|
13,199
|
5,798
|
32,449
|
35,471
|
3,094
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
8,884
|
667
|
4,152
|
10,054
|
125
|
|
असम
|
24,517
|
8,721
|
38,190
|
75,182
|
5,902
|
|
बिहार
|
47,643
|
12,213
|
23,613
|
99,982
|
4,451
|
|
चंडीगढ़
|
893
|
491
|
319
|
628
|
148
|
|
छत्तीसगढ
|
9,495
|
4,356
|
8,385
|
16,452
|
490
|
|
दिल्ली
|
19,965
|
2,262
|
10,686
|
12,277
|
2,769
|
|
गोवा
|
604
|
176
|
183
|
236
|
12
|
|
गुजरात
|
35,001
|
6,503
|
19,975
|
39,762
|
949
|
|
हरियाणा
|
18,191
|
8,963
|
27,411
|
75,942
|
8,308
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
8,724
|
3,539
|
5,348
|
19,341
|
3,582
|
|
जम्मू-कश्मीर
|
21,339
|
7,352
|
28,895
|
85,557
|
4,689
|
|
झारखंड
|
34,233
|
5,302
|
8,796
|
30,034
|
1,785
|
|
कर्नाटक
|
23,153
|
8,410
|
13,025
|
69,486
|
7,339
|
|
केरल
|
12,968
|
5,673
|
8,832
|
10,449
|
1,118
|
|
लद्दाख
|
731
|
246
|
445
|
312
|
0
|
|
लक्षद्वीप
|
120
|
0
|
0
|
120
|
0
|
|
मध्य प्रदेश
|
46,659
|
21,345
|
34,884
|
2,59,871
|
16,686
|
|
महाराष्ट्र
|
39,864
|
14,913
|
35,284
|
75,368
|
8,180
|
|
मणिपुर
|
6,424
|
1,146
|
2,879
|
20,798
|
1,067
|
|
मेघालय
|
3,406
|
1,245
|
2,502
|
7,938
|
1,168
|
|
मिजोरम
|
4,742
|
1,162
|
3,533
|
6,871
|
1,384
|
|
नगालैंड
|
4,184
|
1,803
|
3,830
|
7,299
|
662
|
|
ओडिशा
|
12,645
|
12,116
|
21,457
|
26,231
|
2,189
|
|
पुडुचेरी
|
1,622
|
689
|
1,556
|
3,096
|
646
|
|
पंजाब
|
18,539
|
7,568
|
11,836
|
1,06,699
|
10,259
|
|
राजस्थान
|
38,511
|
9,232
|
23,564
|
2,80,156
|
10,856
|
|
सिक्किम
|
1,322
|
381
|
2,802
|
2,874
|
0
|
|
तमिलनाडु
|
29,057
|
8,029
|
34,533
|
85,689
|
10,786
|
|
तेलंगाना
|
13,107
|
8,040
|
15,390
|
22,188
|
6,344
|
|
दादरा और नागर हवेली तथा दमण और दीव
|
252
|
31
|
301
|
1,407
|
75
|
|
त्रिपुरा
|
4,490
|
1,608
|
5,081
|
14,363
|
1,906
|
|
उत्तर प्रदेश
|
69,015
|
25,568
|
71,771
|
4,63,503
|
28,823
|
|
उत्तराखंड
|
10,522
|
2,942
|
11,669
|
35,364
|
3,650
|
|
पश्चिम बंगाल
|
31,406
|
12,370
|
25,768
|
36,410
|
3,916
|
अनुलग्नक- II
वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान जेएसएस स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
900
|
1,800
|
1,800
|
1,800
|
1,797
|
|
आंध्र प्रदेश
|
11,699
|
16,200
|
10,800
|
10,769
|
10,795
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
|
असम
|
9,139
|
12,600
|
9,000
|
10,799
|
10,798
|
|
बिहार
|
28,769
|
56,594
|
37,786
|
36,733
|
37,073
|
|
चंडीगढ़
|
1,600
|
2,700
|
1,800
|
1,770
|
1,462
|
|
छत्तीसगढ
|
18,151
|
37,777
|
23,376
|
24,967
|
25,158
|
|
दादरा और नागर हवेली तथा दमण और दीव
|
2,379
|
3,255
|
3,179
|
2,417
|
3,197
|
|
दिल्ली
|
5,440
|
8,099
|
5,398
|
5,391
|
5,363
|
|
गोवा
|
1,740
|
2,700
|
1,800
|
1,700
|
1,799
|
|
गुजरात
|
19,228
|
23,917
|
14,160
|
14,311
|
14,889
|
|
हरियाणा
|
8,939
|
10,728
|
7,181
|
3,333
|
3,437
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
8,424
|
28,244
|
18,630
|
18,052
|
18,865
|
|
जम्मू-कश्मीर
|
2,396
|
500
|
1,020
|
680
|
2,297
|
|
झारखंड
|
9,964
|
25,220
|
22,439
|
20,976
|
23,063
|
|
कर्नाटक
|
18,735
|
31,492
|
21,532
|
21,509
|
21,377
|
|
केरल
|
16,148
|
24,300
|
16,198
|
15,929
|
16,199
|
|
लद्दाख
|
-
|
600
|
212
|
-
|
717
|
|
लक्षद्वीप
|
-
|
1,481
|
1,772
|
900
|
999
|
|
मध्य प्रदेश
|
52,222
|
70,259
|
49,089
|
51,477
|
52,082
|
|
महाराष्ट्र
|
38,479
|
52,934
|
37,273
|
36,861
|
37,612
|
|
मणिपुर
|
6,285
|
10,278
|
7,197
|
7,219
|
7,200
|
|
मेघालय
|
-
|
1,660
|
1,800
|
1,780
|
1,759
|
|
मिजोरम
|
900
|
2,472
|
1,800
|
963
|
922
|
|
नगालैंड
|
1,812
|
1,999
|
2,631
|
540
|
2,560
|
|
ओडिशा
|
40,635
|
71,765
|
50,828
|
52,123
|
52,151
|
|
पंजाब
|
3,567
|
4,138
|
3,560
|
2,980
|
3,458
|
|
राजस्थान
|
12,443
|
20,651
|
14,831
|
15,534
|
16,180
|
|
तमिलनाडु
|
14,045
|
19,784
|
14,780
|
15,124
|
15,818
|
|
तेलंगाना
|
10,398
|
15,639
|
10,300
|
10,787
|
10,793
|
|
त्रिपुरा
|
2,610
|
5,397
|
3,600
|
3,480
|
3,567
|
|
उत्तर प्रदेश
|
88,648
|
1,22,510
|
84,573
|
82,475
|
82,532
|
|
उत्तराखंड
|
12,433
|
20,687
|
14,393
|
13,978
|
14,304
|
|
पश्चिम बंगाल
|
13,868
|
17,904
|
12,599
|
13,133
|
14,118
|
अनुलग्नक- III
वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान एनएपीएस स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षुओं की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
9
|
41
|
48
|
199
|
177
|
|
आंध्र प्रदेश
|
15,501
|
16,424
|
21,701
|
22,075
|
26,446
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
18
|
42
|
65
|
66
|
204
|
|
असम
|
14,007
|
9,660
|
8,174
|
5,801
|
10,028
|
|
बिहार
|
6,476
|
5,543
|
5,317
|
5,502
|
9,013
|
|
चंडीगढ़
|
813
|
668
|
1,231
|
1,692
|
1,739
|
|
छत्तीसगढ
|
2,631
|
4,875
|
5,249
|
5,362
|
6,820
|
|
दिल्ली
|
17,799
|
15,817
|
15,957
|
22,471
|
30,330
|
|
गोवा
|
3,432
|
4,406
|
11,882
|
11,770
|
12,412
|
|
गुजरात
|
69,568
|
76,222
|
83,957
|
90,796
|
1,09,027
|
|
हरियाणा
|
42,338
|
62,867
|
66,714
|
66,504
|
85,979
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
5,670
|
6,825
|
10,212
|
9,257
|
10,891
|
|
जम्मू-कश्मीर
|
832
|
989
|
859
|
1,026
|
1,230
|
|
झारखंड
|
8,258
|
9,151
|
11,883
|
9,686
|
10,674
|
|
कर्नाटक
|
41,972
|
58,629
|
78,457
|
92,843
|
1,16,343
|
|
केरल
|
8,975
|
11,275
|
13,104
|
15,317
|
15,519
|
|
लद्दाख
|
18
|
28
|
66
|
50
|
19
|
|
लक्षद्वीप
|
4
|
9
|
6
|
8
|
14
|
|
मध्य प्रदेश
|
17,093
|
21,205
|
22,706
|
26,823
|
34,210
|
|
महाराष्ट्र
|
1,46,903
|
1,86,010
|
2,63,245
|
2,78,423
|
3,01,910
|
|
मणिपुर
|
90
|
32
|
18
|
187
|
219
|
|
मेघालय
|
117
|
181
|
212
|
328
|
175
|
|
मिजोरम
|
4
|
4
|
12
|
146
|
280
|
|
नगालैंड
|
27
|
22
|
15
|
24
|
40
|
|
ओडिशा
|
8,296
|
10,458
|
10,755
|
10,757
|
12,416
|
|
पुदुचेरी
|
1,090
|
1,343
|
2,469
|
4,268
|
5,953
|
|
पंजाब
|
11,659
|
15,361
|
14,761
|
15,510
|
25,649
|
|
राजस्थान
|
9,478
|
15,204
|
18,230
|
22,328
|
32,243
|
|
सिक्किम
|
308
|
202
|
298
|
439
|
508
|
|
तमिलनाडु
|
49,929
|
72,311
|
1,01,553
|
1,01,788
|
1,43,236
|
|
तेलंगाना
|
38,454
|
31,821
|
37,775
|
34,017
|
47,501
|
|
दादरा और नागर हवेली तथा दमण और दीव
|
1,282
|
1,006
|
2,878
|
3,570
|
4,100
|
|
त्रिपुरा
|
244
|
368
|
383
|
449
|
533
|
|
उत्तर प्रदेश
|
38,042
|
56,946
|
71,505
|
78,966
|
1,06,269
|
|
उत्तराखंड
|
9,986
|
16,436
|
21,058
|
22,887
|
30,643
|
|
पश्चिम बंगाल
|
18,791
|
26,109
|
29,538
|
23,324
|
35,153
|
अनुलग्नक- IV
सत्र 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान सीटीएस स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार, वर्षवार नामांकित उम्मीदवारों की संख्या:
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह
|
531
|
450
|
481
|
838
|
829
|
|
आंध्र प्रदेश
|
45,612
|
48,110
|
50,568
|
52,447
|
54213
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
497
|
674
|
733
|
669
|
697
|
|
असम
|
3,500
|
3,548
|
5,325
|
4,256
|
5725
|
|
बिहार
|
110,399
|
90,830
|
125,625
|
116,293
|
116754
|
|
चंडीगढ़
|
910
|
907
|
1,083
|
898
|
1175
|
|
छत्तीसगढ
|
22,320
|
20,816
|
24,226
|
22,237
|
23970
|
|
दिल्ली
|
8,774
|
9,261
|
10,288
|
9,368
|
10970
|
|
गोवा
|
2,080
|
2,126
|
2,255
|
2,161
|
2404
|
|
गुजरात
|
81,236
|
84,648
|
98,454
|
78,811
|
90790
|
|
हरियाणा
|
49,032
|
45,161
|
54,944
|
51,465
|
53477
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
20,332
|
22,691
|
23,371
|
18,801
|
16973
|
|
जम्मू-कश्मीर
|
8,062
|
8,130
|
8,504
|
8,226
|
10047
|
|
झारखंड
|
29,760
|
35,573
|
40,108
|
40,263
|
48331
|
|
कर्नाटक
|
66,238
|
73,068
|
78,724
|
64,447
|
71839
|
|
केरल
|
35,493
|
34,741
|
33,196
|
30,445
|
30132
|
|
लद्दाख
|
171
|
326
|
368
|
375
|
421
|
|
लक्षद्वीप
|
374
|
303
|
360
|
341
|
210
|
|
मध्य प्रदेश
|
63,306
|
69,194
|
73,224
|
69,309
|
79970
|
|
महाराष्ट्र
|
112,997
|
121,884
|
128,009
|
115,889
|
130810
|
|
मणिपुर
|
108
|
668
|
812
|
721
|
894
|
|
मेघालय
|
508
|
738
|
714
|
992
|
1000
|
|
मिजोरम
|
256
|
334
|
396
|
260
|
328
|
|
नगालैंड
|
186
|
267
|
240
|
379
|
324
|
|
ओडिशा
|
57,401
|
54,005
|
65,801
|
54,855
|
61348
|
|
पुदुचेरी
|
689
|
737
|
796
|
695
|
704
|
|
पंजाब
|
39,992
|
39,986
|
43,997
|
40,370
|
44247
|
|
राजस्थान
|
95,342
|
99,263
|
109,648
|
90,937
|
88418
|
|
सिक्किम
|
181
|
424
|
312
|
353
|
431
|
|
तमिलनाडु
|
28,496
|
35,078
|
41,127
|
35,466
|
39119
|
|
तेलंगाना
|
27,183
|
26,480
|
29,579
|
33,583
|
40452
|
|
दादरा, नगर हवेली, दमन और दीव
|
443
|
666
|
908
|
822
|
841
|
|
त्रिपुरा
|
1,603
|
2,470
|
2,452
|
2,240
|
2714
|
|
उत्तर प्रदेश
|
273,714
|
269,106
|
333,024
|
317,044
|
385871
|
|
उत्तराखंड
|
8,918
|
10,807
|
11,499
|
8,661
|
11526
|
|
पश्चिम बंगाल
|
29,207
|
37,711
|
44,211
|
40,216
|
42323
|
कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
****
पीके/केसी/एसकेएस/एसवी
(रिलीज़ आईडी: 2298455)
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