कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

कौशल विकास कार्यक्रम

प्रविष्टि तिथि: 12 AUG 2026 3:40PM by PIB Delhi

भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न स्कीमों, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस) के अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों के व्‍यापक नेटवर्क के माध्‍यम से और शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस) के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से केरल राज्य सहित देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशलों से सुसज्जित करके भविष्य के लिए तैयार करना है। कौशल भारत मिशन (सिम) के तहत कुछ प्रमुख स्‍कीमें इस प्रकार हैं:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई): पीएमकेवीवाई स्कीम का उद्देश्य केरल राज्य सहित पूरे देश के युवाओं को अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना और पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) के माध्‍यम से कौशलोन्नय और पुनः कौशलीकरण प्रदान करना है।

 

जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) स्कीम: इस स्कीम का उद्देश्य 15-45 वर्ष की आयु वर्ग के निरक्षर, नव-साक्षर, प्राथमिक स्तर की शिक्षा प्राप्त व्यक्तियों और 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र व्यक्तियों के लिए आयु में समुचित छूट देने के साथ व्यावसायिक कौशल प्रदान करना है। ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी निम्न-आय वाले क्षेत्रों में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस): यह स्कीम शिक्षुता प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और शिक्षुओं को वजीफा भुगतान हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करके उनकी सहभागिता बढ़ाने के लिए है। प्रशिक्षण में बुनियादी प्रशिक्षण और ऑन-द- जॉब प्रशिक्षण/कार्यस्‍थल पर उद्योग में व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है।

 

शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस): यह स्कीम देशभर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से दीर्घकालिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए है। आईटीआई विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों को शामिल करते हुए कई व्यावसायिक/कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, जिनका उद्देश्य उद्योग को कुशल कार्यबल प्रदान करना और युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करना है।

 

एमएसडीई की प्रमुख कौशल विकास स्कीमों के तहत वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान केरल सहित पूरे देश में प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्षवार और स्कीम-वार ब्यौरा अनुलग्नक I से IV में दिया गया है।

 

एमएसडीई की स्कीमों में से, पीएमकेवीवाई के 2015-16 से 2021-22 तक लागू किए गए पहले तीन चरणों (पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0) अल्पकालिक प्रशिक्षण घटक के तहत ही नियोजन को ट्रैक किया गया था। पीएमकेवीवाई (1.0 से 3.0) के तहत केरल में 26,385 उम्मीदवारों के नियोजित होने की रिपोर्ट है। पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उद्योग से संबंधित कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से मार्गदर्शन देकर उन्हें विभिन्न करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाना है, जिसमें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) भी शामिल है।

 

सरकार कौशल भारत मिशन के अंतर्गत कौशल विकास पहलों की समय-समय पर समीक्षा करती है, जिसमें नामांकन, प्रमाणन, नियुक्ति, स्वरोजगार के परिणाम और नियोक्ताओं की प्रतिक्रिया का आकलन करके रोजगार क्षमता और भविष्य के कौशल को मजबूत करने में उनकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाता है। ये समीक्षाएँ पाठ्यचर्या के निरंतर अद्यतन करने, उद्योग सहयोग और कार्यान्वयन विधियों में सुधार का समर्थन करती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कौशलीकरण कार्यक्रम विकसित हो रही प्रौद्योगिकी प्रवृत्तियों और श्रम बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप बने रहें। व्यापक कौशल विकास स्कीमों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन एमआईएस-आधारित निगरानी, ​​तृतीय-पक्ष आकलन और लाभार्थियों की प्रतिक्रिया के माध्यम से भी किया जाता है। वर्ष 2025 में अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा किए गए इन स्कीमों के स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकनों से पता चला है कि ये प्रमुख कौशलीकरण पहल औपचारिक प्रशिक्षण और प्रमाणन तक पहुंच को सफलतापूर्वक विस्तारित करती हैं, साथ ही लाभार्थियों के एक बड़े हिस्से में कौशल आत्मविश्वास, रोजगार भागीदारी और आय परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाती हैं।

 

इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रदान किए गए कौशल उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप हों और इस प्रकार रोजगार के अवसरों में सुधार हो, एमएसडीई ने अन्य बातों के साथ-साथ देश भर में निम्नलिखित विशिष्ट कदम उठाए हैं:

 

  • राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की स्थापना तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियम और मानक स्थापित करने वाले एक व्यापक विनियामक के रूप में की गई है। एनसीवीईटी उद्योग निकायों को अवार्डिंग बॉडीज (एबी) और/या मूल्यांकन एजेंसियों (एए) के रूप में मान्यता देता है।
  • अवार्डिंग बॉडीज से यह अपेक्षा की जाती है कि वे उद्योग की मांग के अनुसार योग्यताएं विकसित करें और उन्हें राष्ट्रीय व्यवसाय वर्गीकरण, 2015 के अनुसार चिन्हित व्यवसायों के साथ संरेखित करें तथा उद्योग से मान्यता प्राप्त करें। एनसीवीईटी ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार 10209 योग्यताओं का अनुमोदन किया है, जिनमें से 2975 योग्यताएं वैध और सक्रिय हैं तथा 7234 योग्यताएं संग्रहीत हैं।
  • प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) आईटीआई के छात्रों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उद्योगों के सहयोग से फ्लेक्सी समझौता ज्ञापन स्कीम और प्रशिक्षण की दोहरी प्रणाली (डीएसटी) को लागू कर रहा है।
  • राज्य और क्षेत्रीय स्तरों पर संस्थानों के लिए उद्योग से जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए डीजीटी ने आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, ऑटोडेस्क, एडब्ल्यूएस, शेल आदि जैसी आईटी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये साझेदारियां आधुनिक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक हैं।
  • पीएमकेवीवाई के तहत, नवयुगीन/भविष्य के कौशल से संबंधित जॉब रोल्स को खासकर एआई/एमएल, रोबोटिक्स, मेकाट्रॉनिक्स, ड्रोन प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में, आगामी बाजार मांग और उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
  • डीजीटी ने सीटीएस के तहत नवयुगीन/भविष्य के कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए हैं ताकि 5जी नेटवर्क, एआई प्रोग्रामिंग, साइबर सुरक्षा, ड्रोन प्रौद्योगिकी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स आदि जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
  • एमएसडीई ने स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) शुरू किया है, जो एक एकीकृत प्लेटफ़ार्म है और कौशलीकरण, शिक्षा, रोजगार और उद्यमशीलता इको सिस्टम को आपस में जोड़कर जीवनभर चलने वाली सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। स्किल इंडिया डिजिटल हब के माध्यम से, उम्मीदवार कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और शिक्षुता के अवसरों तक पहुंच सकते हैं। प्रशिक्षित उम्मीदवारों का विवरण सिद्ध पोर्टल पर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से वे संभावित नियोक्ताओं से जुड़ सकते हैं।
  • उद्योग के लिए तैयार कार्यबल को उभरते आर्थिक अवसरों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में अहमदाबाद और मुंबई में दो (02) भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) स्थापित किए गए हैं।
  • संबंधित क्षेत्रों के उद्योग जगत के अग्रणियों के नेतृत्व में 36 क्षेत्र कौशल परिषदों (एसएससी) की स्थापना की गई है, जिन्हें संबंधित क्षेत्रों की कौशल विकास आवश्यकताओं की पहचान करने के साथ-साथ कौशल दक्षता मानकों को निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।
  • कौशल महोत्‍सव और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेले का आयोजन मंत्रालय द्वारा देश भर में प्रमाणित उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए किया गया है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 में व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा के साथ अधिक एकीकृत करने और अकादमिक एवं व्यावसायिक शिक्षा के बीच सुगम आवागमन को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, यूजीसी और एआईसीटीई के सहयोग से विकसित शिक्षुता-आधारित डिग्री कार्यक्रम (एईडीपी) डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रमों में नामांकित छात्रों को उनके पाठ्यचर्या के अभिन्न अंग के रूप में शिक्षुता प्रशिक्षण प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। यह कार्यक्रम रोजगार क्षमता को बढ़ाता है, परिणाम-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देता है, उद्योग-अकादमिक संबंधों को मजबूत करता है और उद्योग-संबंधी कौशल प्राप्त करने में सहायता प्रदान करता है।
  • सरकार ने पीएम-सेतु (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशलीकरण एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन) के तहत देश भर में 1,000 सरकारी आईटीआई को उन्नत बनाने के लिए 60,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय प्रायोजित स्कीम शुरू की है। इस स्कीम में 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं। उद्योग-आधारित शासन द्वारा संचालित यह पहल शिक्षार्थियों और प्रारंभिक चरण के व्यवसाय मालिकों को प्रासंगिक कौशल, वास्तविक दुनिया का अनुभव और व्यापक करियर मार्गदर्शन प्रदान करके रोजगार क्षमता को बढ़ाती है और उद्यमशीलता को बढ़ावा देती है। संस्थागत प्रणालियों और महत्वपूर्ण उद्योग संबंधों को मजबूत करके, यह पहली बार उद्यम शुरू करने वालों को सशक्त बनाते हुए मजबूत नियोजन सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपने उद्यमों को सफलतापूर्वक शुरू कर सकें और बनाए रख सकें।

 

अनुलग्नक- I

 

वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान पीएमकेवीवाई स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों के अनुसार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:

 

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

613

310

648

909

30

आंध्र प्रदेश

13,199

5,798

32,449

35,471

3,094

अरुणाचल प्रदेश

8,884

667

4,152

10,054

125

असम

24,517

8,721

38,190

75,182

5,902

बिहार

47,643

12,213

23,613

99,982

4,451

चंडीगढ़

893

491

319

628

148

छत्तीसगढ

9,495

4,356

8,385

16,452

490

दिल्ली

19,965

2,262

10,686

12,277

2,769

गोवा

604

176

183

236

12

गुजरात

35,001

6,503

19,975

39,762

949

हरियाणा

18,191

8,963

27,411

75,942

8,308

हिमाचल प्रदेश

8,724

3,539

5,348

19,341

3,582

जम्मू-कश्मीर

21,339

7,352

28,895

85,557

4,689

झारखंड

34,233

5,302

8,796

30,034

1,785

कर्नाटक

23,153

8,410

13,025

69,486

7,339

केरल

12,968

5,673

8,832

10,449

1,118

लद्दाख

731

246

445

312

0

लक्षद्वीप

120

0

0

120

0

मध्य प्रदेश

46,659

21,345

34,884

2,59,871

16,686

महाराष्ट्र

39,864

14,913

35,284

75,368

8,180

मणिपुर

6,424

1,146

2,879

20,798

1,067

मेघालय

3,406

1,245

2,502

7,938

1,168

मिजोरम

4,742

1,162

3,533

6,871

1,384

नगालैंड

4,184

1,803

3,830

7,299

662

ओडिशा

12,645

12,116

21,457

26,231

2,189

पुडुचेरी

1,622

689

1,556

3,096

646

पंजाब

18,539

7,568

11,836

1,06,699

10,259

राजस्थान

38,511

9,232

23,564

2,80,156

10,856

सिक्किम

1,322

381

2,802

2,874

0

तमिलनाडु

29,057

8,029

34,533

85,689

10,786

तेलंगाना

13,107

8,040

15,390

22,188

6,344

दादरा और नागर हवेली तथा दमण और दीव

252

31

301

1,407

75

त्रिपुरा

4,490

1,608

5,081

14,363

1,906

उत्तर प्रदेश

69,015

25,568

71,771

4,63,503

28,823

उत्तराखंड

10,522

2,942

11,669

35,364

3,650

पश्चिम बंगाल

31,406

12,370

25,768

36,410

3,916

 

अनुलग्नक- II

 

वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान जेएसएस स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या:

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

900

1,800

1,800

1,800

1,797

आंध्र प्रदेश

11,699

16,200

10,800

10,769

10,795

अरुणाचल प्रदेश

-

-

-

-

 

असम

9,139

12,600

9,000

10,799

10,798

बिहार

28,769

56,594

37,786

36,733

37,073

चंडीगढ़

1,600

2,700

1,800

1,770

1,462

छत्तीसगढ

18,151

37,777

23,376

24,967

25,158

दादरा और नागर हवेली तथा दमण और दीव

2,379

3,255

3,179

2,417

3,197

दिल्ली

5,440

8,099

5,398

5,391

5,363

गोवा

1,740

2,700

1,800

1,700

1,799

गुजरात

19,228

23,917

14,160

14,311

14,889

हरियाणा

8,939

10,728

7,181

3,333

3,437

हिमाचल प्रदेश

8,424

28,244

18,630

18,052

18,865

जम्मू-कश्मीर

2,396

500

1,020

680

2,297

झारखंड

9,964

25,220

22,439

20,976

23,063

कर्नाटक

18,735

31,492

21,532

21,509

21,377

केरल

16,148

24,300

16,198

15,929

16,199

लद्दाख

-

600

212

-

717

लक्षद्वीप

-

1,481

1,772

900

999

मध्य प्रदेश

52,222

70,259

49,089

51,477

52,082

महाराष्ट्र

38,479

52,934

37,273

36,861

37,612

मणिपुर

6,285

10,278

7,197

7,219

7,200

मेघालय

-

1,660

1,800

1,780

1,759

मिजोरम

900

2,472

1,800

963

922

नगालैंड

1,812

1,999

2,631

540

2,560

ओडिशा

40,635

71,765

50,828

52,123

52,151

पंजाब

3,567

4,138

3,560

2,980

3,458

राजस्थान

12,443

20,651

14,831

15,534

16,180

तमिलनाडु

14,045

19,784

14,780

15,124

15,818

तेलंगाना

10,398

15,639

10,300

10,787

10,793

त्रिपुरा

2,610

5,397

3,600

3,480

3,567

उत्तर प्रदेश

88,648

1,22,510

84,573

82,475

82,532

उत्तराखंड

12,433

20,687

14,393

13,978

14,304

पश्चिम बंगाल

13,868

17,904

12,599

13,133

14,118

 

 

 

अनुलग्नक- III

 

वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान एनएपीएस स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार, वर्ष-वार प्रशिक्षुओं की संख्या:

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

9

41

48

199

177

आंध्र प्रदेश

15,501

16,424

21,701

22,075

26,446

अरुणाचल प्रदेश

18

42

65

66

204

असम

14,007

9,660

8,174

5,801

10,028

बिहार

6,476

5,543

5,317

5,502

9,013

चंडीगढ़

813

668

1,231

1,692

1,739

छत्तीसगढ

2,631

4,875

5,249

5,362

6,820

दिल्ली

17,799

15,817

15,957

22,471

30,330

गोवा

3,432

4,406

11,882

11,770

12,412

गुजरात

69,568

76,222

83,957

90,796

1,09,027

हरियाणा

42,338

62,867

66,714

66,504

85,979

हिमाचल प्रदेश

5,670

6,825

10,212

9,257

10,891

जम्मू-कश्मीर

832

989

859

1,026

1,230

झारखंड

8,258

9,151

11,883

9,686

10,674

कर्नाटक

41,972

58,629

78,457

92,843

1,16,343

केरल

8,975

11,275

13,104

15,317

15,519

लद्दाख

18

28

66

50

19

लक्षद्वीप

4

9

6

8

14

मध्य प्रदेश

17,093

21,205

22,706

26,823

34,210

महाराष्ट्र

1,46,903

1,86,010

2,63,245

2,78,423

3,01,910

मणिपुर

90

32

18

187

219

मेघालय

117

181

212

328

175

मिजोरम

4

4

12

146

280

नगालैंड

27

22

15

24

40

ओडिशा

8,296

10,458

10,755

10,757

12,416

पुदुचेरी

1,090

1,343

2,469

4,268

5,953

पंजाब

11,659

15,361

14,761

15,510

25,649

राजस्थान

9,478

15,204

18,230

22,328

32,243

सिक्किम

308

202

298

439

508

तमिलनाडु

49,929

72,311

1,01,553

1,01,788

1,43,236

तेलंगाना

38,454

31,821

37,775

34,017

47,501

दादरा और नागर हवेली तथा दमण और दीव

1,282

1,006

2,878

3,570

4,100

त्रिपुरा

244

368

383

449

533

उत्तर प्रदेश

38,042

56,946

71,505

78,966

1,06,269

उत्तराखंड

9,986

16,436

21,058

22,887

30,643

पश्चिम बंगाल

18,791

26,109

29,538

23,324

35,153

 

 

 

अनुलग्नक- IV

 

सत्र 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान सीटीएस स्कीम के तहत देश भर में राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार, वर्षवार नामांकित उम्मीदवारों की संख्या:

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

अंडमान निकोबार द्वीप समूह

531

450

481

838

829

आंध्र प्रदेश

45,612

48,110

50,568

52,447

54213

अरुणाचल प्रदेश

497

674

733

669

697

असम

3,500

3,548

5,325

4,256

5725

बिहार

110,399

90,830

125,625

116,293

116754

चंडीगढ़

910

907

1,083

898

1175

छत्तीसगढ

22,320

20,816

24,226

22,237

23970

दिल्ली

8,774

9,261

10,288

9,368

10970

गोवा

2,080

2,126

2,255

2,161

2404

गुजरात

81,236

84,648

98,454

78,811

90790

हरियाणा

49,032

45,161

54,944

51,465

53477

हिमाचल प्रदेश

20,332

22,691

23,371

18,801

16973

जम्मू-कश्मीर

8,062

8,130

8,504

8,226

10047

झारखंड

29,760

35,573

40,108

40,263

48331

कर्नाटक

66,238

73,068

78,724

64,447

71839

केरल

35,493

34,741

33,196

30,445

30132

लद्दाख

171

326

368

375

421

लक्षद्वीप

374

303

360

341

210

मध्य प्रदेश

63,306

69,194

73,224

69,309

79970

महाराष्ट्र

112,997

121,884

128,009

115,889

130810

मणिपुर

108

668

812

721

894

मेघालय

508

738

714

992

1000

मिजोरम

256

334

396

260

328

नगालैंड

186

267

240

379

324

ओडिशा

57,401

54,005

65,801

54,855

61348

पुदुचेरी

689

737

796

695

704

पंजाब

39,992

39,986

43,997

40,370

44247

राजस्थान

95,342

99,263

109,648

90,937

88418

सिक्किम

181

424

312

353

431

तमिलनाडु

28,496

35,078

41,127

35,466

39119

तेलंगाना

27,183

26,480

29,579

33,583

40452

दादरा, नगर हवेली, दमन और दीव

443

666

908

822

841

त्रिपुरा

1,603

2,470

2,452

2,240

2714

उत्तर प्रदेश

273,714

269,106

333,024

317,044

385871

उत्तराखंड

8,918

10,807

11,499

8,661

11526

पश्चिम बंगाल

29,207

37,711

44,211

40,216

42323

 

 

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

****

पीके/केसी/एसकेएस/एसवी


(रिलीज़ आईडी: 2298455) आगंतुक पटल : 85
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu