विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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संसदीय प्रश्न: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अनुसंधान और नवाचार

प्रविष्टि तिथि: 12 AUG 2026 3:38PM by PIB Delhi

भारत सरकार विभिन्न योजनाओं और मिशन-मोड कार्यक्रमों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य उभरती हुई टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा दे रही है। कुछ प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का विवरण नीचे दिया गया है:

 

 

क्र. सं.

योजना/कार्यक्रम

प्राथमिकता वाले क्षेत्र

बजट आवंटन

1

रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (आरडीआई) फंड

क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और स्पेस जैसी डीप टेक्नोलॉजी; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस; बायोटेक्नोलॉजी; डिजिटल इकोनॉमी; एनर्जी सिक्योरिटी और ट्रांज़िशन वगैरह

₹1.0 लाख करोड़

2

नेशनल क्वांटम मिशन (एनक्यूएम)

क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी, क्वांटम मटीरियल्स और डिवाइसेस

₹6,003.65 करोड़

3

इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर नेशनल मिशन (एनएम-आईसीपीएस)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजीज़, रोबोटिक्स, साइबरसिक्योरिटी और दूसरी उभरती हुई टेक्नोलॉजीज़

₹3,660 करोड़

4

बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (बायो-राइड)

बायोटेक्नोलॉजी, बायोमैन्युफैक्चरिंग और बायोफाउंड्री वगैरह

₹9,197 करोड़

5

इंडिया एआई मिशन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

₹10,371.92 करोड़

6

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन

सेमीकंडक्टर

₹76,000 करोड़

 

 

एनएम-आईसीपीएस के तहत देशभर में 25 प्रौद्योगिकी नवाचार हब (टीआईएच) और एनक्यूएम के तहत 4 प्रौद्योगिकी हब (टी-हब) ``स्थापित किए गए हैं। इनका विवरण अनुबंध में दिया गया है।

 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की हालिया ‘अनुसंधान एवं विकास सांख्यिकी 2025-26’ रिपोर्ट के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में अनुसंधान एवं विकास पर कुल व्यय (जीईआरडी) 2020-21 में 0.64% से बढ़कर 2023-24 में 0.84% हो गया है। वास्तविक राशि के संदर्भ में भी इसमें लगातार वृद्धि हुई है और यह 2013-14 में ₹79,355.89 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में ₹2,44,767.81 करोड़ हो गई है, जो तीन गुने से अधिक की वृद्धि है। इसके अलावा, सरकार अनुसंधान एवं विकास पर व्यय बढ़ाने, अनुसंधान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और देश में वैज्ञानिक प्रतिभा को बनाए रखने के लिए कई कदम उठा रही है। इनमें वैज्ञानिक विभागों के बजट आवंटन में लगातार वृद्धि; अनुसंधान क्षमता और मानव संसाधन विकास को मजबूत करने के लिए बुनियादी एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान करने वाले संस्थानों को वित्तीय सहायता; तथा देश में अत्याधुनिक अनुसंधान बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए निधि (एफआईएसटी), विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा (पीयूआरएसई), अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधाएं (एसएआईएफ) और अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक एवं तकनीकी सहायता संस्थान (साथी) जैसी योजनाओं के माध्यम से विश्वविद्यालयों और संस्थानों में अनुसंधान बुनियादी ढांचे को समर्थन प्रदान करता है। इसी प्रकार, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) अपने शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय अंतर्विषयक जीवन विज्ञान विभागों को प्रोत्साहन (डीबीटी-बिल्डर) कार्यक्रम के माध्यम से अनुसंधान बुनियादी ढांचे को मजबूत करता है। सरकार राष्ट्रीय पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप (एनपीडीएफ), रामानुजन फेलोशिप, आईएनएसपीआईआरई फैकल्टी फेलोशिप, रामलिंगस्वामी पुनःप्रवेश फेलोशिप, बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम और एम.के. भान युवा शोधकर्ता फेलोशिप जैसी विभिन्न फेलोशिप के माध्यम से युवा शोधकर्ताओं को सहायता प्रदान कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य देश में अनुसंधान प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा विदेशों में कार्यरत प्रतिभाशाली भारतीय शोधकर्ताओं को भारत लौटकर उच्च गुणवत्ता का अनुसंधान करने के लिए आकर्षित करना भी है। इसके साथ ही, डीएसटी की ‘वैभव’ फेलोशिप विदेशों में रहने वाले वैज्ञानिकों, जिनमें प्रवासी भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल हैं, को भारतीय संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान करने के लिए एक मंच प्रदान करती है।

 

सरकार सरकारी वित्तपोषण बढ़ाने, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने, दान के माध्यम से संसाधन जुटाने तथा उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने के जरिए अनुसंधान एवं विकास में अधिक निवेश को बढ़ावा दे रही है। इस दिशा में प्रमुख पहलों में ‘अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन’ (एएनआरएफ) की स्थापना, अनुसंधान एवं नवाचार में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ‘रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन’ (आरडीआई) फंड की स्थापना तथा नीतिगत उपायों के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देना शामिल है।

 

अनुलग्नक

 

नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (एनएम-आईसीपीएस) के अंतर्गत टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) का विवरण

 

क्र. सं.

टीआईएच का नाम

वर्टिकल का नाम

राज्य

1

रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों के नवाचार के लिए आई-हब फाउंडेशन, आईआईएससी बेंगलुरु

रोबोटिक्स और एआई सिस्टम

कर्नाटक

2

आईहब एनटीआईएचएसी फाउंडेशन, आईआईटी कानपुर

साइबर सुरक्षा

उत्तर प्रदेश

3

आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन, आईआईटी इंदौर

डिजिटल हेल्थकेयर

मध्य प्रदेश

4

अन्वेषण एवं खनन में प्रौद्योगिकी नवाचार फाउंडेशन, आईआईटी धनबाद

माइनिंग (खनिजों की खोज से लेकर उनके शोधन तक)

झारखंड

5

आईआईटी खड़गपुर एआई4आईसीपीएस आई-हब फाउंडेशन, आईआईटी खड़गपुर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग

पश्चिम बंगाल

6

आईओटी और आईओई के लिए टीआईएच फाउंडेशन, आईआईटी बॉम्बे

इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इंटरनेट ऑफ एवरीथिंग के लिए टेक्नोलॉजी

महाराष्ट्र

भारतजेन: भारत के लिए जेनरेटिव एआई टेक्नोलॉजी का एक सेट

7

आईआईआईटी-एच डेटा आई-हब फाउंडेशन, आईआईआईटी हैदराबाद

डेटा बैंक और डेटा सेवा, डेटा विश्लेषण

तेलंगाना

8

आईहब दृष्टि फाउंडेशन, आईआईटी जोधपुर

कंप्यूटर विजन, ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी

राजस्थान

9

दिव्यसंपर्क आईहब रुड़की फॉर डिवाइसेस, मैटेरियल्स एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, आईआईटी रुड़की

डिवाइस टेक्नोलॉजी और मटीरियल्स

उत्तराखंड

10

आईआईटी पटना विश्लेषण आई-हब फाउंडेशन, आईआईटी पटना

स्पीच, वीडियो और टेक्स्ट एनालिटिक्स

बिहार

11

आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन, आईआईटी मद्रास

सेंसर, नेटवर्किंग, एक्चुएटर और कंट्रोल्स

तमिलनाडु

12

एनएमआईसीपीएस टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब ऑन ऑटोनॉमस नेविगेशन फाउंडेशन (टिहान), आईआईटी हैदराबाद

ऑटोनॉमस नेविगेशन और डेटा एक्विजिशन सिस्टम (यूएवी, आरओवी वगैरह)

तेलंगाना

13

आई-डीएपीटी-हब फाउंडेशन, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी

डेटा एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजीज़

उत्तर प्रदेश

14

आईआईटी गुवाहाटी टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन, आईआईटी गुवाहाटी

पानी के नीचे खोज के लिए टेक्नोलॉजीज

असम

15

आईआईटी मंडी आईहब और एचसीआई फाउंडेशन, आईआईटी मंडी

ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरैक्शन

हिमाचल प्रदेश

16

आई-हब फाउंडेशन फॉर कोबोटिक्स (आईएचएफसी), आईआईटी दिल्ली

कोबोटिक्स

दिल्ली

17

आईआईटी पलक्कड़ टेक्नोलॉजी इहब फाउंडेशन, आईआईटी पलक्कड़

इंटेलिजेंट कोलैबोरेटिव सिस्टम

केरल

18

आईआईटी रोपड़ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन, आईआईटी रोपड़

कृषि और जल के लिए प्रौद्योगिकी

पंजाब

19

आईआईआईटीबी कॉमेट फाउंडेशन, आईआईआईटी बेंगलुरु

उन्नत संचार प्रणाली

कर्नाटक

20

बिट्स बायोसाइटिह फाउंडेशन, बिट्स पिलानी

जैव-सीपीएस

राजस्थान

21

आइडियाज—डेटा इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और विज्ञान संस्थान फाउंडेशन, आईएसआई कोलकाता

डेटा विज्ञान, बिग डेटा विश्लेषण और डेटा क्यूरेशन आदि

पश्चिम बंगाल

22

आईहब अनुभूति-आईआईआईटी दिल्ली फाउंडेशन, आईआईआईटी दिल्ली

कॉग्निटिव कंप्यूटिंग और सोशल सेंसिंग

दिल्ली

23

आई-हब क्वांटम प्रौद्योगिकी फाउंडेशन, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, पुणे

क्वांटम टेक्नोलॉजीज

महाराष्ट्र

24

आईआईटी तिरुपति नविष्कार आई-हब फाउंडेशन, आईआईटी तिरुपति

पोजीशनिंग और प्रिसिजन टेक्नोलॉजीज़

आंध्र प्रदेश

25

आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, आईआईटी भिलाई

फाइनेंशियल सेक्टर (फिनटेक) के लिए टेक्नोलॉजीज

छत्तीसगढ

 

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के तहत प्रौद्योगिकी हब (टी-हब) का विवरण

 

क्र. सं.

टी-हब का नाम

वर्टिकल का नाम

राज्य

1

आईआईएससी बेंगलुरु में टी-हब

क्वांटम कंप्यूटिंग

कर्नाटक

2

आईआईटी मद्रास में टी-हब

क्वांटम कम्युनिकेशन

तमिलनाडु

3

आईआईटी बॉम्बे में टी-हब

क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी

महाराष्ट्र

4

आईआईटी दिल्ली में टी-हब

क्वांटम मटीरियल्स और डिवाइसेस

दिल्ली

 

 

यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एनके/डीए


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