शिक्षा मंत्रालय
संसदीय प्रश्न: निजी कोचिंग संस्थानों का विनियमन एवं पर्यवेक्षण
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 6:37PM by PIB Delhi
अनियमित निजी कोचिंग केंद्रों की बढ़ती संख्या, ऐसे केंद्रों द्वारा विद्यार्थियों से अत्यधिक शुल्क वसूलने की घटनाओं, आग एवं अन्य दुर्घटनाओं के कारण हुई बहुमूल्य जानों की क्षति, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व तथा इन केंद्रों द्वारा अपनाई जा रही अनेक अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालय ने 16.01.2024 को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोचिंग केंद्रों के विनियमन के लिए दिशानिर्देश परिचालित किए हैं, जिससे उपयुक्त कानूनी ढांचा तैयार कर आगे की कार्रवाई की जा सके। कोचिंग केंद्रों के विनियमन संबंधी दिशानिर्देश यहां उपलब्ध हैं।
दिशानिर्देशों में पंजीकरण के लिए शर्तों एवं आवश्यक दस्तावेजों का निर्धारण, शुल्क से संबंधित विषय, कोचिंग केंद्र स्थापित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे संबंधी आवश्यकताओं का उल्लेख, कोचिंग केंद्रों के लिए आचार संहिता निर्धारित करना, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर बल देना, बैचों का वर्गीकरण न करना, अभिलेखों का रखरखाव, शिकायत/परिवाद निवारण तंत्र आदि सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। दिशानिर्देशों में अन्य बातों के साथ-साथ यह भी प्रावधान किया गया है कि कोचिंग केंद्र की एक वेबसाइट होनी चाहिए, जिस पर शिक्षकों की योग्यताओं का अद्यतन विवरण, पाठ्यक्रमों/पाठ्यचर्या का विवरण एवं अवधि, वसूले जा रहे शुल्क, सुगम निकास नीति, शुल्क वापसी नीति, केंद्र से कोचिंग प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या तथा अंततः उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश पाने में सफल विद्यार्थियों की संख्या आदि की जानकारी उपलब्ध हो।
शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है और केंद्र एवं राज्य सरकारें शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करती हैं। केंद्र सरकार द्वारा दिशानिर्देश जारी किए जाने के बाद, कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में निजी कोचिंग एवं ट्यूशन कक्षाओं के विनियमन के लिए दिशानिर्देश/विनियम/अधिनियम जारी किए हैं, जैसे आंध्र प्रदेश कोचिंग संस्थान (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2026, हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026, केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण, नियंत्रण एवं विनियमन के लिए नीति एवं दिशानिर्देश, 2026, तमिलनाडु कोचिंग केंद्रों के पंजीकरण एवं विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2026, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में कोचिंग केंद्रों के पंजीकरण एवं विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2026, राजस्थान कोचिंग केंद्र (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2025, झारखंड कोचिंग केंद्र (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2025, त्रिपुरा में कोचिंग केंद्रों के पंजीकरण एवं विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2025, असम कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2025, नागालैंड राज्य में कोचिंग केंद्रों के पंजीकरण एवं विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2025 तथा हरियाणा निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम, 2024.
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की समस्या के समाधान के लिए 13.11.2024 को व्यापक दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत कोचिंग केंद्रों को अपनी सेवाओं के प्रचार के लिए झूठे या भ्रामक दावे/विज्ञापन करने तथा भ्रामक या अनुचित व्यापारिक व्यवहार अपनाने से प्रतिबंधित किया गया है। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि कोचिंग से संबंधित कोई भी व्यक्ति किसी सफल अभ्यर्थी की लिखित सहमति के बिना विज्ञापन में उसके नाम, फोटो, प्रशंसापत्र या वीडियो का उपयोग नहीं करेगा। दिशानिर्देश अनुचित अनुबंधों को भी विनियमित करते हैं और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कड़े दंड का प्रावधान करते हैं, जिससे कोचिंग क्षेत्र में जवाबदेही और नैतिक व्यवहार सुनिश्चित हो सके। सीसीपीए कोचिंग संस्थानों पर दंड लगाता है तथा उन्हें भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं को बंद करने का निर्देश देता है।
यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2298585)
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