गृह मंत्रालय
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वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II

प्रविष्टि तिथि: 12 AUG 2026 4:46PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख (यूटी), सिक्किम और उत्तराखंड राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तरी सीमा से सटे 46 प्रखंडों में स्थित चयनित गांवों के व्यापक विकास के लिए 15 फरवरी, 2023 को एक केंद्रीय प्रायोजित योजना वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-I (वीवीपी- I) को स्वीकृति दी है।

केंद्र सरकार ने 2 अप्रैल, 2025 को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (वीवीपी-II) को एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना के तौर पर स्वीकृति दी है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2028-29 तक कुल 6,839 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर (यूटी), लद्दाख (यूटी), मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अंतर्राष्ट्रीय भूमि सीमाओं (आईएलबी) से सटे 334 प्रखंडों में स्थित चयनित 1,954 गांवों के व्यापक विकास के लिए है। इसमें उत्तरी सीमा वाले गांव शामिल नहीं हैं, जो पहले ही वीवीपी-I के तहत कवर किए जा चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य ऐसी अद्वितीय और विशिष्ट चुनौतियां जिनसे निपटने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतियों की आवश्यकता है।

गृह मंत्रालय द्वारा वीवीपी-I के तहत और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा समन्वय के माध्यम से 2906 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। अब तक वीवीपी-I के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 959.66 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

केंद्र सरकार ने वीवीपी-II (वीवीपी-II) के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों में विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए, उनकी योजनाओं के दिशानिर्देशों में छूट देने हेतु कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) को स्वीकृति दी है। गृह सचिव, सचिव (सीमा प्रबंधन), सचिव (व्यय) और संबंधित मंत्रालय/विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य होंगे।

यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके/एसएस


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