इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) और नीति आयोग ने समावेशी शासन के लिए बहुभाषी एआई को बढ़ावा देने हेतु आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए
नागरिक-केंद्रित शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण हेतु वॉयस-फ़र्स्ट, बहुभाषी एआई के उपयोग के लिए साझेदारी
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 9:07PM by PIB Delhi
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईस) के तहत डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) और नीति आयोग ने भाषिणी फॉर सेवा/संचालन पहल के माध्यम से समावेशी शासन और नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए बहुभाषी, वॉयस-फर्स्ट एआई समाधानों को बढ़ावा देने के लिए एक आशय पत्र (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एसओआई पर डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के सीईओ श्री अमिताभ नाग और नीति आयोग के निदेशक श्री शोयबअहमद कलाल ने हस्ताक्षर किए।

इस सहयोग का उद्देश्य भाषिणी के बहुभाषी एआई इकोसिस्टम का उपयोग करके अधिक समावेशी और सुलभ शासन को बढ़ावा देना है। इसके लिए नीति आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म और सेवाओं में एआई-आधारित भाषा तकनीकों को एकीकृत किया जाएगा। यह साझेदारी नागरिकों को उनकी पसंदीदा भारतीय भाषाओं में सरकारी जानकारी और सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेगी, सरकार और नागरिकों के बीच संवाद बेहतर होगा और सार्वजनिक सेवा वितरण में बहुभाषीय संचालन को बढ़ावा देगी।
इस एसओआई के तहत, दोनों संगठन भाषिणी उद्यत, भाषिणी मित्र, भाषिणी ऐपमित्र, भाषिणी सहयोगी और भाषिणी प्रवक्ता के लिए मिलकर काम करेंगे। यह साझेदारी भाषिणी के लैंग्वेज ट्रांसलेशन एपीआई और रेफरेंस एप्लिकेशन के माध्यम से नीति आयोग की सेवाओं तक बहुभाषी पहुंच की सुविधा प्रदान करेगी, ट्रांसलेशन मॉडल के विकास और निरंतर सुधार में मदद करेगी, और डिजिटल प्लेटफॉर्म, दस्तावेज प्रबंधन प्रणालियों और कम्युनिकेशन वर्कफ्लो में भाषा प्रौद्योगिकियों के एकीकरण को सक्षम बनाएगी।
यह सहयोग नीति आयोग के विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेफरेंस एप्लिकेशन और वॉयस बॉट बनाने में मदद करेगा और विशेष शब्दावली व क्षेत्र-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए भाषा प्रौद्योगिकी को बेहतर बनाएगा। भाषिणी सहयोगी के माध्यम से, यह साझेदारी भाषाई डेटा के संग्रह, उसे व्यवस्थित करने और प्रसार के लिए 'भाषादान' का उपयोग करेगी, जिसमें नीति आयोग के अधिकारियों और नागरिकों को टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो सैंपल देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
भाषिणी प्रवक्ता के माध्यम से, ये दोनों संगठन सभी ज़िलों में भाषिणी की सेवाओं, टूल और संसाधनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें अपनाने की दिशा में काम करेंगे। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि विभिन्न डिजिटल साक्षरता वाले यूज़र्स भी बहुभाषी डिजिटल समाधानों का उपयोग कर सकें।
यह सहयोग नीति तारा (टूलकिट फॉर एनालिसिस, रिव्यू एंड एक्शन) पर भी आधारित है, जो जमीनी स्तर पर डेटा को ठोस कदमों में बदल रही है। देश भर में 200 से अधिक क्षमता-निर्माण सत्रों के माध्यम से नीति तारा ने जिलों और ब्लॉकों के 4,000 से अधिक अधिकारियों को साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के लिए डेटा-आधारित जानकारी का उपयोग करने के लिए सशक्त बनाया है। इंटरैक्टिव मल्टी-सेक्टरल डैशबोर्ड, सहज विज़ुअलाइज़ेशन और कोलैबोरेटिव प्लानिंग टूल्स के माध्यम से, यह प्लेटफॉर्म रिव्यू को आसान बना रहा है, अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत कर रहा है और शासन को अधिक प्रभावी बना रहा है।
इस इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण घटक स्मृति (सिस्टम फॉर मीटिंग रिकॉर्डिंग, इंफॉर्मेशन एंड ट्रांसक्रिप्शन इंटरफेस) है, जिसे भाषिणी के सहयोग से विकसित किया गया है। बैठक के कार्यवृत्त को ऑटोमेट करके और बहुभाषी अनुवाद की सुविधा देकर, ‘स्मृति’ परिचालन दक्षता बढ़ा रही है और अंतिम छोर तक शासन को अधिक समावेशी बना रही है।
इस सहयोग से भाषा की बाधाओं को दूर करने, सरकार और जनता के बीच दोतरफा संवाद को संभव बनाने और अधिक समावेशी सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए बहुभाषी संचालन को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) के बारे में
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) का डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी), एआई-आधारित बहुभाषी डिजिटल समावेशन के लिए भारत का राष्ट्रीय मंच (प्लेटफॉर्म) है। आज, भाषिणी 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को सक्षम बना रही है, इसने कुल 9 बिलियन से अधिक एआई इन्फरेंस को सक्षम बनाया है, प्रतिदिन 24 मिलियन से अधिक एआई इन्फरेंस को प्रोसेस करती है, और 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 इंडियन वॉयस लैंग्वेज और 35 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करती है, जिससे 'लैंग्वेज एआई' के माध्यम से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर अधिक लोगों तक पहुंच पा रहा है।
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पीके/ केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2298715)
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