स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
आईसीएमआर-एनआईएचआर, जोधपुर के शाइन 2026 कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति प्रेरित किया
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 7:08PM by PIB Jaipur
आईसीएमआर-एनआईएचआर, जोधपुर में आयोजित साइंस एंड हेल्थ इनोवेशन फॉर द नेक्स्टजेन एक्सप्लोरर (SHINE) 2026 कार्यक्रम में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, एयर फोर्स स्टेशन, जोधपुर तथा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बीएसएफ, जोधपुर के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जैव-प्रौद्योगिकी, जैव-रसायन, सूक्ष्मजीवविज्ञान, आणविक जीवविज्ञान और जन-स्वास्थ्य अनुसंधान की गतिविधियों को समझने का अवसर मिला।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, एयर फोर्स स्टेशन, जोधपुर के कक्षा 11 बी के छात्र ऋषभ कुमार ने कहा कि आईसीएमआर-एनआईएचआर का भ्रमण उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “आज हमें जैव-प्रौद्योगिकी और जैव-रसायन के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। हमने जाना कि जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किस प्रकार के कार्य किए जाते हैं और इसका अनुसंधान में कितना व्यापक उपयोग है। निदेशक महोदय के संबोधन ने हमें वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित किया।”
इसी विद्यालय की कक्षा 12 की छात्रा सृष्टि चौहान ने कहा कि जैव-प्रौद्योगिकी की छात्रा होने के कारण यह अनुभव उनके लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा। उन्होंने कहा, “हमने पाठ्यपुस्तकों में डीएनए और प्रोटीन के बारे में पढ़ा था, लेकिन यहाँ उन्हें देखने तथा उनकी संरचना एवं कार्य को समझने का अवसर मिला। छोटे-छोटे वैज्ञानिक विवरण किस प्रकार महत्वपूर्ण निष्कर्षों तक पहुँचाते हैं, यह जानना बहुत रोचक था।”
कक्षा 10 ए की छात्रा वर्षा चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें सूक्ष्मजीवविज्ञान के बारे में उपयोगी जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने जाना कि कुछ सूक्ष्मजीव मानव स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं, जबकि कुछ रोग उत्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने प्रोटीन की संरचना, प्रोटीन की पहचान तथा दवाओं, कैल्शियम एवं अन्य रासायनिक पदार्थों की प्रोटीन के साथ परस्पर क्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
वर्षा ने कहा, “आज का अनुभव बहुत शानदार रहा। मैं इस वर्ष अपने विषय का चयन करने जा रही हूँ और इस कार्यक्रम ने मुझे जीवविज्ञान विषय लेने तथा भविष्य में वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित किया है।”
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बीएसएफ, जोधपुर के कक्षा 12 के छात्र शुभम ने कहा कि आईसीएमआर-एनआईएचआर के भ्रमण से विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, “हमने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, सेंट्रल डोग्मा और अन्य विषयों के बारे में पढ़ा था, लेकिन यहाँ इन अवधारणाओं को प्रयोगशाला गतिविधियों के माध्यम से बेहतर ढंग से समझा। हमें आईसीएमआर की यात्रा, कोविड-19 के दौरान उसकी भूमिका तथा नए वायरस से संबंधित अनुसंधान के बारे में भी जानकारी मिली।”
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बीएसएफ, जोधपुर की कक्षा 10 की छात्रा आरती ने कहा कि कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विज्ञान में करियर के नए विकल्पों से परिचित कराया। उन्होंने कहा, “हम सामान्यतः इंजीनियर और डॉक्टर को ही करियर विकल्प के रूप में देखते हैं, लेकिन आज हमें यह समझ आया कि मेडिकल साइंटिस्ट बनना भी एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक करियर विकल्प है।”
विद्यार्थियों ने आईसीएमआर-एनआईएचआर, जोधपुर के निदेशक, वैज्ञानिकों एवं तकनीकी दल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शाइन 2026 कार्यक्रम ने उन्हें विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न मानकर अनुसंधान, नवाचार और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपलब्ध भविष्य की संभावनाओं के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।
(रिलीज़ आईडी: 2298837)
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