विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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सीएसआईआर के गवर्नेंस और अनुसंधान का सुदृढ़ीकरण

प्रविष्टि तिथि: 13 AUG 2026 3:49PM by PIB Delhi

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और स्‍वदेशी प्रौद्योगिकियों के लिए अपनी घटक प्रयोगशालाओं, शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने हेतु संस्थागत तंत्र स्थापित किए हैं। सीएसआईआर अपनी घटक प्रयोगशालाओं/संस्थानों के माध्यम से पारस्परिक हित और पूरक विशेषज्ञता के क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास के लिए शिक्षा जगत और उद्योग के साथ सहयोग करता है। उद्योग के साथ जुड़ाव, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रौद्योगिकी लाइसेंसिंग, अनुबंध अनुसंधान, परामर्श, सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास तथा सीएसआईआर द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को अपनाने में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रयोगशाला स्तर और सीएसआईआर मुख्यालय दोनों में समर्पित ‘व्यवसाय विकास समूह (बीडीजी)’ कार्यरत हैं।

प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण गतिविधियों को एक सुव्‍यवस्थित ढांचे के माध्यम से समर्थन दिया जाता है। इसमें उद्योग भागीदारों की पहचान, प्रौद्योगिकी लाइसेंसिंग समझौतों का निष्पादन, बौद्धिक संपदा प्रबंधन, प्रौद्योगिकी आत्मसात करने के दौरान तकनीकी सहयोग और आवश्यकतानुसार हस्तांतरण के बाद सहायता शामिल है। उद्योग आउटरीच बढ़ाने और व्‍यवसायीकरण को सुगम बनाने के लिए सीएसआईआर प्रयोगशालाएं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों, उद्योग संवादों, क्रेता-विक्रेता बैठकों, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनियों, स्टार्टअप सम्मेलनों, नवाचार कार्यशालाओं और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शनियों में भागीदारी के माध्‍यम से उद्योग के साथ नियमित जुड़ाव बनाए रखती हैं। इसके अलावा, चुनिंदा सीएसआईआर प्रयोगशालाओं में स्थापित इनक्यूबेशन केंद्र नवाचार-आधारित उद्यमों को विशेष आर एण्‍ड डी अवसंरचना, प्रोटोटाइपिंग एवं पायलट-स्तरीय सुविधाएं, उन्नत विश्लेषणात्मक और परीक्षण उपकरण, वैज्ञानिक व तकनीकी मार्गदर्शन, परामर्श सेवाएं, बौद्धिक संपदा सुविधा, क्षमता निर्माण, उद्यमिता सहायता और निवेशकों, उद्योग तथा अन्य नवाचार हितधारकों के साथ नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करके एक अनुकूल इकोसिस्‍टम उपलब्‍ध कराते हैं। ये पहलें अनुसंधान परिणामों को व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक प्रौद्योगिकियों और उत्पादों में बदलने में मदद करती हैं।

सरकार, जहां भी उपयुक्‍त समझा जाता है, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के कामकाज को मजबूत करने के लिए अग्रणी अनुसंधान और नवाचार इकोसिस्‍टम द्वारा अपनाई जाने वाली वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का निरंतर अध्ययन करती है और उनसे सीख लेती है।

सीएसआईआर स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को अपनाने और उनके व्यावसायीकरण को सुगम बनाने के लिए अनुसंधान साझेदारी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, लाइसेंसिंग समझौते, पायलट प्रदर्शनों, परामर्श और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, उद्योग, शिक्षा जगत और अन्य हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करता है। सीएसआईआर द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को संबंधित उपयोगकर्ता एजेंसियों द्वारा उनकी कार्यात्मक आवश्यकताओं और तकनीकी-व्यावसायिक विचारों के आधार पर अपनाया जाता है।

केन्‍द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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