जनजातीय कार्य मंत्रालय
जनजातियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम
प्रविष्टि तिथि:
13 AUG 2026 2:13PM by PIB Delhi
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने वन धन विकास केंद्रों (वीडीवीके) की स्थापना के माध्यम से जनजातीय आबादी में आजीविका के अवसरों और उद्यमिता को सुगम बनाने और बढ़ावा देने के लिए जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राईफेड) के माध्यम से प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) और प्रधानमंत्री जनजाति महा न्याय अभियान (पीएम-जनमन) योजना क्रार्यान्वित की है। पीएमजेवीएम योजना के तहत, 28 राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में कुल 619.17 करोड़ रुपये की संस्वीकृत राशि के साथ 12.48 लाख लाभार्थियों को कवर करते हुए 4,172 वीडीवीके को मंजूरी दी गई है। जबकि पीएम-जनमन योजना के तहत, 18 राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में कुल ₹23.02 करोड़ रूपये की संस्वीकृत राशि के साथ 0.46 लाख लाभार्थियों को कवर करते हुए 540 वीडीवीके को मंजूरी दी गई है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान विभिन्न राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों में पीएमजेवीएम के तहत 617 वीडीवीके और पीएम जनमन के तहत 540 वीडीवीके को मंजूरी दी गई है। इन वीडीवीके के माध्यम से, स्वरोजगार के अवसरों और आजीविका वृद्धि के निर्माण के साथ-साथ कौशल विकास, क्षमता निर्माण, मूल्य वर्धन, प्रसंस्करण, वृक्षारोपण और विपणन सहायता के लिए सहायता प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) आय सृजन, स्व-रोजगार और आजीविका गतिविधियों के लिए पात्र अनुसूचित जनजाति व्यक्तियों को रियायती ऋण प्रदान करता है। पिछले पांच वर्षों में, एनएसटीएफडीसी ने अपनी विभिन्न योजनाओं के तहत, 4,95,090 अनुसूचित जनजाति लाभार्थियों को 1648.39 करोड़ रुपये की राशि का ऋण संवितरित किया है।
जनजातीय कार्य राज्यमंत्री श्री दुर्गा दास उईके ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2299161)
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