वस्त्र मंत्रालय
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने जनपथ स्थित ‘हैंडलूम हाट: द हैंडलूम एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया
उद्घाटन प्रदर्शनी में राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम द्वारा आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से 24 पुरस्कार विजेता बुनकरों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए
प्रविष्टि तिथि:
14 AUG 2026 11:13PM by PIB Delhi
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली के जनपथ में ‘हैंडलूम हाट: द हैंडलूम एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस केंद्र में भारत की हथकरघा विरासत, ज्ञान, समकालीन डिजाइन, उद्यमिता और खुदरा बिक्री को एक ही छत के नीचे लाया गया है।केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने हैंडलूम हाट के लोगो का भी अनावरण किया। इस अवसर पर वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव और विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना भी उपस्थित रहीं।



उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (NHDC) द्वारा आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से 24 पुरस्कार विजेता बुनकरों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इसके साथ ही, ‘वीव द फ्यूचर 5.0’ के माध्यम से 30 से अधिक चयनित ब्रांडों ने भी इसमें भाग लिया। ‘वीव द फ्यूचर’ के पांचवें संस्करण में बुनकरों, डिजाइनरों, ब्रांडों, शोधकर्ताओं और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाया गया। इसमें वस्त्र क्षेत्र में टिकाऊ, सर्कुलर और शिल्प-केंद्रित दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में हथकरघा और पुनर्योजी सामग्रियों से विकसित समकालीन उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें स्वदेशी रेशों, सामग्री में नवाचार और जिम्मेदार वस्त्र प्रथाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें भारत के स्वदेशी रेशा परिदृश्य तथा भूगोल, कृषि, पारिस्थितिकी और वस्त्र उत्पादन के बीच संबंधों को दर्शाने वाले इंस्टॉलेशन भी शामिल थे।
केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न खुदरा स्टोरों का दौरा किया और बुनकरों, कारीगरों तथा डिजाइनरों के साथ बातचीत की। उन्होंने केंद्र में प्रदर्शित हथकरघे की विविध परंपराओं, उत्पादों, तकनीकों और समकालीन नवाचारों में विशेष रुचि दिखाई। इस दौरे ने भारत के हथकरघा समुदाय की समृद्ध शिल्पकला और उद्यमशीलता की भावना को रेखांकित किया तथा हाथ से बुने वस्त्रों के पीछे काम करने वाले लोगों और उनकी प्रक्रियाओं की एक आकर्षक झलक प्रस्तुत की।


हैंडलूम हाट में खुदरा अनुभव पारंपरिक खरीदारी से आगे बढ़कर आगंतुकों को भारतीय हथकरघा की विविधता, गुणवत्ता और समकालीन प्रासंगिकता को जानने का अवसर प्रदान करता है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि, “हैंडलूम हाट बुनकरों और हथकरघा उद्यमों को अधिक पहचान और बाजार के अवसर प्रदान करेगा।”
बहुआयामी हथकरघा अनुभव
उद्घाटन के अवसर पर अतिथियों को हैंडलूम हाट की तीन मंजिलों पर भारत के हथकरघा पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष यात्रा का अनुभव कराया गया।
भूतल पर वृक्ष डिजाइन्स द्वारा आयोजित अस्थायी प्रदर्शनी “रीइमैजिनिंग ओडिशा वीव्स, क्लॉथ, क्राफ्ट, क्रिएटिविटी, कम्युनिटी” लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में दिखाया गया है कि डिजाइनरों और मास्टर बुनकरों के बीच सहयोग के माध्यम से समकालीन डिजाइन किस प्रकार क्षेत्रीय वस्त्र परंपराओं के पुनरुद्धार और पुनर्जीवन में योगदान दे सकता है। इसमें ओडिशा की कम प्रसिद्ध परंपराओं जैसे गंजाम बोमकई और ढलापथर टेपेस्ट्री के साथ-साथ इकत, जाला और फोड़ा बुनाई, प्राकृतिक रंगों, नए रंग संयोजनों, बनावट, रूपांकनों और उत्पादों के नए स्वरूपों में किए गए नवाचारों को प्रदर्शित किया गया है।
पहली मंजिल पर विश्वकर्मा गैलरी है। यह एक स्थायी गैलरी है, जिसमें 1981 से 1991 के बीच आयोजित ऐतिहासिक विश्वकर्मा प्रदर्शनी श्रृंखला के दुर्लभ वस्त्रों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। बुनकर सेवा केंद्रों के माध्यम से बुनाई समुदायों के साथ घनिष्ठ सहयोग से तैयार किए गए ये वस्त्र तकनीकी कौशल, रचनात्मक कल्पना और स्वतंत्रता के बाद के भारत में समकालीन सोच के मेल को दर्शाते हैं। यह गैलरी संत कबीर पुरस्कार और पद्म श्री पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को भी सम्मान देती है तथा भारतीय हथकरघा के अभ्यास, समझ और पहचान को बढ़ाने में उनके असाधारण योगदान को रेखांकित करती है।
दूसरी मंजिल पर डिजाइन कॉन्क्लेव और भारत के जंगलों से प्रेरित एक विशेष अनुभव प्रस्तुत किया गया है। इसमें देश की विविध हथकरघा परंपराओं में पाए जाने वाले पशु, पक्षी, पुष्प और प्राकृतिक रूपांकनों की समृद्ध विविधता को दर्शाया गया है।
हथकरघा उत्कृष्टता, अनुभव और उद्यमिता के एकीकृत दृष्टिकोण के साथ, हैंडलूम एक्सपीरियंस सेंटर आगंतुकों को भारत की जीवंत वस्त्र विरासत के विभिन्न आयामों को जानने का अवसर प्रदान करेगा। इसमें वस्त्र तैयार करने वाले कुशल हाथों और पारंपरिक प्रक्रियाओं से लेकर हथकरघा की समकालीन संभावनाओं तक को प्रदर्शित किया जाएगा।
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पीके/केसी/वीएस
(रिलीज़ आईडी: 2299735)
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