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सीएसआईआर-सीआरआरआई और सीएसआईआर-एएमपीआरआई ने संवहनीय अवसंरचना के लिए अभिनव सामग्री और उन्नत मिश्रित सामग्रियों पर कार्यशाला का आयोजन किया

प्रविष्टि तिथि: 20 AUG 2026 6:33PM by PIB Delhi

सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई), नई दिल्ली और सीएसआईआर-उन्नत पदार्थ तथा प्रक्रम अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एएमपीआरआई), भोपाल ने संयुक्त रूप से सीएसआईआर-एएमपीआरआई, भोपाल में "संवहनीय अवसंरचना के लिए अभिनव सामग्री और उन्नत मिश्रित सामग्रियों" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। जुलाई 2026 से जुलाई 2027 तक आयोजित किए जा रहे सीएसआईआर-सीआरआरआई के प्लैटिनम जुबली समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित इस कार्यशाला ने परिवहन अवसंरचना के लिए नई सामग्रियों, उन्नत निर्माण प्रक्रियाएं और संवहनीय पुनर्वास प्रौद्योगिकियों पर ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान किया। इस कार्यशाला में अकादमिक क्षेत्र और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ-साथ एमपी पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, एनएचएआई, सीएसआईआर-एएमपीआरआई, एनआईटीटीटीआर भोपाल, मैनिट भोपाल और एसपीए भोपाल सहित प्रमुख हितधारक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के माननीय मंत्री श्री राकेश सिंह द्वारा किया गया, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सीएसआईआर की महानिदेशक और भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी ऑनलाइन उपस्थित रही।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत सीएसआईआर-एएमपीआरआई के निदेशक डॉ. थल्लादा भास्कर के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद सीएसआईआर-सीआरआरआई के निदेशक डॉ. चालुमूरी रवि शेखर ने विषय पर संबोधित किया, जिसमें उन्होंने राष्ट्र के प्रति सीएसआईआर-सीआरआरआई की 75 वर्षों की यात्रा और योगदान को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने व्यावहारिक और संवहनीय अवसंरचना समाधानों पर कार्यशाला के बारे में भी बताया।

मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के मंत्री श्री राकेश सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में भूजल को फिर से भरने के लिए सड़क और पुल अवसंरचना के आसपास संवहनीय वर्षा जल संचयन और मध्य प्रदेश में सड़क अवसंरचना के बेहतर प्रबंधन के लिए 'लोक पथ' मोबाइल एप्लिकेशन जैसी डिजिटल पहलों पर ज़ोर दिया।

सीएसआईआर की महानिदेशक और भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी ने प्रेरणादायक शब्दों के साथ सभा को संबोधित किया और सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं में सड़क अवसंरचना से जुड़े विभिन्न नवाचारों के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, सीएसआईआर की महानिदेशक ने वास्तविक दुनिया की अवसंरचना की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रौद्योगिकियों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु उद्योग प्रतिनिधियों और इंजीनियरिंग विभागों के प्रतिनिधियों से सीएसआईआर के साथ सहयोग करने का आग्रह भी किया।

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध निदेशक, श्री भरत यादव (आईएएस) ने 'विकसित भारत @2047' के दृष्टिकोण के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना और इंजीनियरों के क्षमता निर्माण में मध्य प्रदेश की पहलों पर प्रकाश डाला। उद्घाटन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री सिबी चक्रवर्ती एम (आईएएस) और मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री आर. एल. वर्मा भी उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र का समापन सीएसआईआर-सीआरआरआई के आईएलटी प्रभाग के प्रमुख एवं मुख्य वैज्ञानिक डॉ. कायथा रविंदर के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

तकनीकी कार्यक्रम में तीन विषयगत सत्र शामिल थे: नवाचार निर्माण और पुनर्वास प्रौद्योगिकियां, संवहनीय सामग्री और रीसाइक्लिंग तथा अवसंरचना  के अनुप्रयोगों के लिए उन्नत मिश्रित सामग्रियां। डॉ. के. रविंदर (सीएसआईआर-सीआरआरआई) की अध्यक्षता में आयोजित तकनीकी सत्र-I में, सीएसआईआर-सीआरआरआई के डॉ. कंवर सिंह ने सड़क और रेलवे अंडरपास के लिए सॉइल नेलिंग के साथ एकीकृत बॉक्स-जैकिंग तकनीक पर विचार प्रस्तुत किए और सीएसआईआर-सीआरआरआई के डॉ. रवि शंकर एस. ने खराब हो चुके हाईवे जियो-स्ट्रक्चर की मरम्मत के वैज्ञानिक तरीके पेश किए, जिसमें खास तौर पर रीइन्फोर्स्ड-सॉइल (आरएस) दीवारों पर ज़ोर दिया गया और फील्ड केस स्टडीज़ का भी ज़िक्र किया गया।

डॉ. मनीष मुद्गल (सीएसआईआर-एएमपीआरआई) की अध्यक्षता और श्री दुर्गा प्रसाद (मेपल हाइवे) की सह-अध्यक्षता में आयोजित तकनीकी सत्र-II में, सीएसआईआर-सीआरआरआई के डॉ. ए. के. सिन्हा ने राजमार्ग निर्माण में अपशिष्ट सामग्रियों के उपयोग पर विचार व्यक्त किए; बोइस स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए और जियोटेक इंडस्ट्रीज के प्रो. भास्कर सी. एस. चित्तूरी ने प्रसारशील मिट्टी  के स्थिरीकरण के लिए बायोसमुत्तेजित केल्साइट अवक्षेपण पर व्याख्यान दिया; तथा सीएसआईआर-सीआरआरआई के डॉ. गोट्टुमुक्कल भारत ने फुल-डेप्थ रिक्लेमेशन और इसके अनुप्रयोगों पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया।

डॉ. मनोज शुक्ला (सीएसआईआर-सीआरआरआई) की अध्यक्षता और डॉ. विनोद करार (सीएसआईआर-सीआरआरआई) की सह-अध्यक्षता में आयोजित तकनीकी सत्र-III में, सीएसआईआर-एमप्री के डॉ. मनीष मुद्गल ने फ्लाई ऐश-आधारित जियोपॉलिमर कंक्रीट पर; सीएसआईआर-सीआरआरआई के डॉ. शुभम राज ने संसाधन-कुशल जियोपॉलिमर कंक्रीट मिक्स डिज़ाइन पर; सीएसआईआर-सीआरआरआई की डॉ. जी. एस. पार्वती ने संवहनीय भूमि सुधार के लिए प्राकृतिक फाइबर जियोसिंथेटिक्स पर; सीएसआईआर-सीआरआरआई के डॉ. जी. वामसी कृष्णा ने संवहनीय डामर (एस्फाल्ट) फुटपाथ के लिए सिसल फाइबर सुदृढ़ीकरण पर; और सीएसआईआर-सीआरआरआई के श्री वी. मुकेश वाशन ने पुल सुपरस्ट्रक्चर के लिए फाइबर-रेनफोर्स्ड पॉलिमर कंपोजिट पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके अलावा टेकफैब इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, स्ट्रेटा जियोसिस्टम्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और मैकेफेरी एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उद्योग का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

कार्यशाला का समापन राजमार्ग परियोजनाओं में अभिनव सामग्रियों और प्रौद्योगिकियों को अपनाने के रोडमैप पर एक पैनल चर्चा के साथ हुआ। इसकी अध्यक्षता डॉ. चालुमूरी रवि शेखर (सीएसआईआर-सीआरआरआई), डॉ. थल्लादा भास्कर (सीएसआईआर-एमप्री), श्री बी. पी. बोरासी (एमपी पीडब्ल्यूडी), डॉ. कंवर सिंह (सीएसआईआर-सीआरआरआई) और डॉ. के. रविंदर (सीएसआईआर-सीआरआरआई) ने की। इस चर्चा में अनुसंधान के परिणामों और क्षेत्रीय प्रदर्शनों को व्यापक स्तर पर लागू करने के मार्गों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम का समापन सीएसआईआर-एएमपीआरआई के डॉ. हेमंत शुक्ला के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

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