राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण
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राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने आज अहमदाबाद में “बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग इकोसिस्टम का निर्माण” विषय के तहत छोटे एवं मध्यम स्तर के ऑडिटरों पर केन्द्रित छठा संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया


इस संपर्क का उद्देश्य पेशेवर क्षमता को समर्थन प्रदान करना, ऑडिट की गुणवत्ता को मजबूत करना और वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है

प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 6:45PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने हाल ही में अहमदाबाद में अपना छठा संपर्क कार्यकम पूरा किया। यह उन संपर्क कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है जो 2025 में शुरू हुए थे। “बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग इकोसिस्टम का निर्माण” विषय वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन एनएफआरए के चेयरपर्सन नितिन गुप्ता तथा आईसीएआई के प्रेसिडेंट सीए प्रसन्ना कुमार डी ने किया।

छोटे एवं मध्यम स्तर के ऑडिटरों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए और पेशेवर क्षमता को बढ़ाने, ऑडिट की गुणवत्ता को मजबूत करने तथा वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के सहयोग से आयोजित यह दूसरा ऐसा संपर्क कार्यक्रम था। पहला कार्यक्रम जून 2026 में पुणे में हुआ था।

अपने मुख्य भाषण में, एनएफआरए के चेयरपर्सन श्री नितिन गुप्ता ने जनहित की रक्षा और वित्तीय रिपोर्टिंग में भरोसा कायम करने में अकाउंटेंसी पेशे की अहम भूमिका पर जोर दिया। श्री गुप्ता ने मौजूदा वैश्विक मानकों के अनुरूप बने रहने की जरूरत पर बल दिया और ऑडिट फर्मों से अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया, जिसमें ऑडिट प्रक्रिया में उपयुक्त तकनीक को अपनाना भी शामिल है।

अपने संबोधन में, आईसीएआई के प्रेसिडेंट सीए प्रसन्ना कुमार डी ने कहा कि हितधारकों के बीच भरोसा एवं विश्वास बनाने हेतु वित्तीय रिपोर्टिंग में ऑडिट की गुणवत्ता बेहद अहम होती है।

एनएफआरए की पूर्णकालिक सदस्य सुश्री स्मिता झिंगरन ने उच्च गुणवत्ता वाली वित्तीय रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने में एनएफआरए द्वारा ऑडिट फर्मों के निरीक्षण के महत्व को रेखांकित किया।

विशेषज्ञों के सत्रों का उद्देश्य रोजमर्रा के पेशेवर कार्यों में ऑडिट की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक जानकारी देना था। इनमें ऑडिट स्ट्रैटेजी डॉक्यूमेंटेशन, मटीरियल मिस-स्टेटमेंट का जोखिम और एनएफआरए की निगरानी से मिली सीख पर आधारित केस स्टडीज जैसे अहम पहलुओं पर तकनीकी सत्र शामिल थे।

पिछले वर्ष इस पहल के शुरू होने के बाद से, एनएफआरए के विभिन्न संपर्क कार्यक्रमों में 450 से अधिक छोटी एवं मध्यम स्तर के फर्मों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है।

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पीके/केसी/आर


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