सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों का त्रैमासिक बुलेटिन (क्यूबीयूएसई)


(सर्वेक्षण अवधि: अप्रैल 2026 से जून 2026)

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अनिगमित क्षेत्र ने 9.2% की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की

कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 30% हो गई

डिजिटल अपनाने की गति बरकरार है: 10 में से 8 प्रतिष्ठान ऑनलाइन और कैशलेस हुए

प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 4:00PM by PIB Delhi

 

फोटो:

  • प्रतिष्ठानों की संख्या और रोजगार दोनों में पिछले वर्ष की इसी तिमाही (अप्रैल-जून 2025) की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
  • प्रतिष्ठानों की अनुमानित संख्या 8.67 करोड़ रही, इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 9.20% की वृद्धि हुई।
  • गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार 13.70 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें अन्य सेवा क्षेत्र एक प्रमुख कारक के रूप में उभरा है, इसमें रोजगार में 21% से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है।
  • अप्रैल-जून 2026 में उद्यमों का पंजीकरण बढ़कर 42.5% हो गया है, जो अप्रैल-जून 2025 की तुलना में 7 प्रतिशत अंक से अधिक है, यह बढ़ते औपचारिकरूप का संकेत देता है।
  • कैशलेस लेनदेन को व्यापक स्वीकृति मिली, और लगभग 80% प्रतिष्ठानों ने कैशलेस लेनदेन के तरीकों को अपनाया।
  • कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है, और इस क्षेत्र में कुल रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी 30% से अधिक है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अप्रैल से जून 2026 की तिमाही के लिए गैर-कृषि क्षेत्र के त्रैमासिक अनुमान जारी किए।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने उच्च आवृत्ति संकेतकों की उपलब्धता को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप वर्ष 2025 से गैर-कृषि क्षेत्र के प्रमुख निष्कर्षों पर त्रैमासिक बुलेटिन प्रकाशित कर रहा है। वर्तमान प्रकाशन, अप्रैल-जून 2026 के लिए अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों पर त्रैमासिक बुलेटिन, अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण का त्रैमासिक संस्करण है और अधिक नियमित अंतराल पर प्रमुख अनुमान प्रदान करता है। क्यूबीयूएसई की शुरुआत भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे गतिशील क्षेत्रों में से एक पर नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और अन्य हितधारकों को समय पर और उपयोगी डेटा उपलब्ध कराने के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।

जबकि एएसयूएसई वित्तीय और गैर-वित्तीय संकेतकों के व्यापक समूह पर विस्तृत वार्षिक अनुमान प्रकाशित करता रखेगा, वहीं क्यूबीयूएसई उसी ढांचे का उपयोग करते हुए गैर-कृषि उद्यमों के आकार, संरचना और रोजगार प्रोफाइल पर आवधिक त्रैमासिक अनुमान प्रदान करता है। त्रैमासिक आंकड़ों का उद्देश्य इस क्षेत्र में अल्पकालिक बदलावों को दर्शाना है।

अनिगमित गैर-कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक प्रमुख योगदानकर्ता, रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत और स्थानीय उद्यमशीलता एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक महत्वपूर्ण कारक है। एनएसओ ने इसके महत्व को पहचानते हुए 2021-22 में एएसयूएसई की शुरुआत की। इसके बाद लगातार तीन वार्षिक दौर आयोजित किए गए, जिन्होंने इस क्षेत्र की संरचना, संचालन और आर्थिक प्रदर्शन के बारे में व्यापक और सुसंगत जानकारी प्रदान की। यह प्रेस नोट अप्रैल-जून 2026 की तिमाही के लिए त्रैमासिक बुलेटिन के लिए है। यह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mospi.gov.in) पर उपलब्ध है।

एएसयूएसई 2026 के कवरेज, नमूना पद्धति और डेटा संग्रह का संक्षिप्त अवलोकन अंत टिप्पणी में दिया गया है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के परिणामों की मुख्य विशेषताएं :

अनिगमित क्षेत्र ने साल-दर-साल मजबूत वृद्धि दर्ज की

अनिगमित गैर-कृषि क्षेत्र ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अप्रैल-जून 2026 की तिमाही के दौरान अपनी मजबूत वार्षिक वृद्धि दर को बरकरार रखा। यह क्षेत्र विविध कार्यबल के लिए रोजगार और आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना रहा।

नवीनतम एएसयूएसई (जनवरी 25 - दिसंबर 25) से भी इसी प्रकार के वार्षिक अनुमान प्राप्त हुए हैं।

  • प्रतिष्ठानों की अनुमानित संख्या 7.92 करोड़
  • श्रमिकों की अनुमानित संख्या 12.81 करोड़

 

अनिगमित प्रतिष्ठानों की अनुमानित संख्या में साल-दर-साल 9.20% की वृद्धि हुई है। यह संख्या अप्रैल-जून 2025 में 7.94 करोड़ से बढ़कर अप्रैल-जून 2026 में 8.67 करोड़ हो गई है।

कार्यबल का रुझान: अप्रैल-जून 2026 की तिमाही के दौरान अनिगमित गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार 13.70 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 6.55% की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र के कारण हुई। सेवा क्षेत्र में अनुमानित कार्यबल में 21% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

तिमाही आंकड़ों से प्राप्त प्रतिष्ठानों और श्रमिकों की अनुमानित संख्या चित्र 1 में दी गई है:

कार्यबल में परिवर्तन:

अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में अनिगमित क्षेत्र में कार्यरत मालिकों का कार्यबल में सबसे बड़ा हिस्सा बना रहा। यह कुल श्रमिकों का 62.38% था जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह 60.18% था। इसके विपरीत, काम पर रखे गए श्रमिकों की संख्या में मामूली गिरावट आई और यह इसी अवधि में 24.38% से घटकर 22.77% हो गयी।

अप्रैल-जून 2026 के दौरान शहरी क्षेत्र ने रोजगार वृद्धि में ग्रामीण क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया। शहरी क्षेत्र में 12% से अधिक की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 0.70% की वृद्धि हुई।

व्यापक कार्य श्रेणियों (विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाएं) के अंतर्गत प्रतिष्ठानों और श्रमिकों का प्रतिशत हिस्सा क्रमशः चित्र 2 और चित्र 3 में दिया गया है।

 

चित्र 2: व्यापक कार्य श्रेणियों के अंतर्गत प्रतिष्ठानों का प्रतिशत हिस्सा (अप्रैल-जून '26)

चित्र 3: व्यापक कार्य श्रेणियों में श्रमिकों का प्रतिशत हिस्सा (अप्रैल-जून '26)

 

विकास का प्रमुख कारक- सेवा क्षेत्र:

अन्य सेवा क्षेत्र ने सभी क्षेत्रों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। इसमें प्रतिष्ठानों और रोजगार दोनों में वार्षिक आधार पर 21% से अधिक की वृद्धि हुई। इसके बाद विनिर्माण क्षेत्र का स्थान रहा, जिसमें अनुमानित प्रतिष्ठानों की संख्या में 10.06% और अनुमानित कार्यबल में 6.60% की वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि, अनिगमित व्यापार क्षेत्र में प्रतिष्ठानों की अनुमानित संख्या में साल-दर-साल 7.88% और कार्यबल की अनुमानित संख्या में 10.29% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि सर्वेक्षण इन परिवर्तनों के अंतर्निहित विशिष्ट कारकों के बारे में जानकारी नहीं देता है लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के साथ-साथ ई-कॉमर्स और त्वरित-वाणिज्य प्लेटफार्मों के विस्तार सहित खुदरा क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं। ये परिवर्तन बदलते कारोबारी माहौल को व्यापक संदर्भ प्रदान करते हैं।

महिलाओं की भागीदारी:

इस क्षेत्र में महिला कार्यबल की भागीदारी प्रभावशाली बनी रही। यह कुल रोजगार का 30% से अधिक है। यह अप्रैल-जून 2025 के दौरान दर्ज की गई महिला कार्यबल की संख्या से थोड़ी अधिक है। महिला श्रमिकों के प्रतिशत हिस्से में निरंतर वृद्धि रोजगार के अवसर पैदा करने और समावेशी आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने में इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।

डिजिटल को अपनाना और औपचारिक रूप को आगे बढ़ाना:

अनिगमित गैर-कृषि क्षेत्र उद्यमों में इंटरनेट का उपयोग अर्थव्यवस्था में विभिन्न प्रतिष्ठानों के बीच डिजिटल अपनाने की उत्साहजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है। आईसीटी उपयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि अनिगमित क्षेत्र के लगभग 82% प्रतिष्ठानों ने उद्यमशीलता के उद्देश्यों के लिए इंटरनेट का उपयोग किया है। इसके अलावा, लगभग 80% प्रतिष्ठानों ने ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, पीओएस उपकरण और अन्य डिजिटल भुगतान तंत्रों सहित कैशलेस लेनदेन के तरीकों को अपनाया।

 

कैशलेस लेनदेन का उपयोग:

एएसयूएसई के आईसीटी मॉड्यूल में 2026 से बहुत संशोधन किया गया है ताकि अनिगमित क्षेत्र के लिए नीतिगत रूप से प्रासंगिक अधिक प्रश्नों को शामिल किया जा सके। अनुसूची में एक नया प्रश्न जोड़ा गया है जो प्रतिष्ठान द्वारा ऑनलाइन बैंकिंग और/या ऑनलाइन भुगतान गेटवे के उपयोग से संबंधित है।

 

किसी न किसी प्रकार का पंजीकरण कराने वाली फर्मों का प्रतिशत 42.50% होने का अनुमान लगाया गया है। यह  अप्रैल-जून 2025 के दौरान के प्रतिशत से 7 प्रतिशत अधिक है। यह नियामक तंत्रों के साथ उद्यमों के एकीकरण में बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए क्यूबीयूएसई के प्रमुख संकेतक:

संकेतक

अप्रैल-जून 2026

प्रतिष्ठानों की संख्या (00 में)

8,67,286

स्वामित्व और साझेदारी प्रतिष्ठानों का प्रतिशत

98.88

कार्य पर रखने वाले प्रतिष्ठानों का प्रतिशत

12.13

श्रमिकों की संख्या (00 में)

13,69,946

कार्यरत मालिकों का प्रतिशत हिस्सा

62.38

कार्य पर रखे गए श्रमिकों का प्रतिशत हिस्सा

22.77

अन्य श्रमिकों (जिनमें अवैतनिक पारिवारिक श्रमिक भी शामिल हैं) का प्रतिशत हिस्सा

14.85

 

अंत टिप्पणी: अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) में कवरेज, नमूनाकरण योजना और डेटा संग्रह तंत्र के बारे में संक्षिप्त जानकारी:

ए. कवरेज :

ए.1. भौगोलिक दृष्टि से, सर्वेक्षण में पूरे भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ गांवों को छोड़कर, जहां पहुंचना मुश्किल है) शामिल हैं ।

ए.2. क्षेत्रवार, यह सर्वेक्षण तीन क्षेत्रों से संबंधित अनिगमित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों को शामिल करता है, अर्थात् विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाएं।

ए.3. स्वामित्व के अनुसार, स्वामित्व, साझेदारी (सीमित देयता भागीदारी को छोड़कर), सहकारी समितियों, समितियों/ट्रस्टों आदि से संबंधित अनिगमित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया गया है ।

बी. नमूनाकरण योजना :

यह सर्वेक्षण बहुस्तरीय स्तरीकृत नमूनाकरण योजना के तहत किया गया है। इसमें प्रथम चरण की इकाइयाँ (एफएसयू) ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना गाँव हैं (ग्रामीण केरल को छोड़कर, जहाँ पंचायत वार्डों को एफएसयू माना गया है) और शहरी क्षेत्रों में शहरी फ्रेम सर्वेक्षण (यूएफएस) ब्लॉक हैं। इन ब्लॉकों को समय-समय पर अद्यतन किया जाता है। अंतिम चरण की इकाइयाँ (यूएफएस) दोनों क्षेत्रों के प्रतिष्ठान हैं। बड़े एफएसयू के मामले में, ग्रामीण क्षेत्रों में गाँव समूहों और शहरी क्षेत्रों में उप-ब्लॉकों के रूप में नमूनाकरण का एक मध्यवर्ती चरण किया गया है।

सी . नमूना आकार :

अखिल भारतीय स्तर पर, अप्रैल 2026 से जून 2026 की तिमाही के दौरान 5,994 प्रथम चरण इकाइयों (ग्रामीण क्षेत्र में 2,411 गाँव और शहरी क्षेत्र में 3,583 यूएफएस ब्लॉक) का सर्वेक्षण किया गया है। इसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के ग्रामीण क्षेत्रों की एफएसयू शामिल नहीं हैं। इनको इस त्रैमासिक बुलेटिन में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में क्षेत्र कार्य करते समय उप-चरण प्रतिबंध लागू नहीं किए गए थे। तदनुसार, सर्वेक्षण किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या (इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों/क्षेत्रों को छोड़कर) और इस बुलेटिन में शामिल प्रतिष्ठानों की संख्या 1,75,618 (ग्रामीण क्षेत्रों में 74,621 और शहरी क्षेत्रों में 1,00,997) है।

डी . डेटा संग्रह तंत्र :

यह सर्वेक्षण क्षेत्र के आधार पर किया गया है और ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के चयनित (एफएसयू) में प्रतिष्ठानों की सूची बनाई गई है। इन एफएसयू में सूचीबद्ध प्रतिष्ठानों में से नमूना डिजाइन के अनुसार आवश्यक संख्या में प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण किया गया। अधिकतर, चयनित प्रतिष्ठानों से मासिक संदर्भ अवधि से संबंधित मौखिक पूछताछ के माध्यम से डेटा एकत्र किया गया। सर्वेक्षण के लिए डेटा कंप्यूटर असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यूइंग (सीएपीआई) का उपयोग करके डेटा को टैबलेट पर एकत्र किया गया।

ई. एएसयूएसई के पूर्व में जारी अनुमानों के साथ त्रैमासिक परिणामों की तुलना और सावधानियां:

इस त्रैमासिक बुलेटिन में प्रस्तुत अनुमान विशेष रूप से विचाराधीन तिमाही के लिए अनिगमित गैर-कृषि क्षेत्र से संबंधित हैं। इस बुलेटिन में प्रस्तुत तुलना चालू वर्ष की विचाराधीन तिमाही और पिछले वर्ष की इसी तिमाही के बीच की गई है। इस प्रकार की वार्षिक तुलना में मौसमी बदलावों को ध्यान में रखा जाता है और दो वर्षों की समान अवधियों के बीच तुलना किए जाने के कारण वार्षिक वृद्धि के रुझानों का अधिक सार्थक मूल्यांकन संभव होता है।

यद्यपि एएसयूएसई के नमूना डिजाइन में एक क्षेत्र-आधारित रूपरेखा का उपयोग करके त्रैमासिक अनुमान तैयार करने का प्रावधान है, फिर भी त्रैमासिक नमूने का आकार वार्षिक नमूने के आकार से काफी कम है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रयुक्त क्षेत्र-आधारित रूपरेखा जनगणना 2011 पर आधारित है। यह बुलेटिन नमूने की पर्याप्तता और अनुमानों की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

सर्वेक्षण को प्रासंगिक बनाए रखने और हितधारकों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के निरंतर प्रयास के तहत, एएसयूएसई 2026 में कुछ बदलाव किए गए हैं। एएसयूएसई प्रश्नावली के आईसीटी खंड को व्यापक रूप से पुनर्रचित किया गया है और इसमें नीति-उन्मुख प्रश्नों को शामिल किया गया है ताकि इस क्षेत्र में आईसीटी के उपयोग की सीमा और प्रकृति को बेहतर ढंग से समझा जा सके। इसके अलावा, एएसयूएसई 2026 ने के स्थान पर एनआईसी 2025 को अपनाया है। एनआईसी 2008 जिसका उपयोग एएसयूएसई के पिछले चरणों में किया गया था। इसके परिणामस्वरूप, मोटर वाहनों के रखरखाव और मरम्मत तथा मोटरसाइकिल, मोपेड, स्कूटर और तिपहिया वाहनों के रखरखाव और मरम्मत जैसे कुछ कार्यों जिन्हें एनआईसी 2008 में व्यापार के अंतर्गत माना जाता था, अब सेवा क्षेत्र (एनआईसी 2025) के अंतर्गत माना जा रहा है और तदनुसार, इन गतिविधियों में संलग्न सभी प्रतिष्ठानों को एएसयूएसई 2026 में "अन्य सेवाओं" में गिना जाता है।

इसलिए, संभावित नमूना भिन्नता, गतिविधि स्तरों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव और वर्गीकरण एवं प्रश्नावली में परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए, उपयोगकर्ताओं को त्रैमासिक गतिविधियों की व्याख्या सावधानीपूर्वक करनी चाहिए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एएसयूएसई गैर-कृषि अर्थव्यवस्था के केवल एक भाग, अर्थात् विनिर्माण, व्यापार और सेवाओं (निर्माण को छोड़कर) में कार्यरत प्रतिष्ठानों के अनिगमित खंड को ही कवर करता है। अतः, क्यूबीयूएसई में प्रस्तुत अनिगमित क्षेत्र के त्रैमासिक परिणामों में देखे गए रुझान, संपूर्ण अर्थव्यवस्था को कवर करने वाले संबंधित त्रैमासिक जीडीपी अनुमानों से सीधे मेल नहीं खा सकते हैं। जहां आवश्यक हो, त्रैमासिक बुलेटिन में प्रस्तुत अनुमानों के साथ विश्वास अंतराल भी दिए गए हैं ताकि अनुमानों की सटीक व्याख्या की जा सके।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही का त्रैमासिक बुलेटिन मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mospi.gov.in) पर उपलब्ध है। प्रकाशन/रिपोर्ट देखने के लिए नीचे दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें।

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पीके/केसी/पीपी/एनके


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