जल शक्ति मंत्रालय
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सहकारी संघवाद के विजन के तहत जल शक्ति मंत्रालय पहला विभागीय शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा
प्रविष्टि तिथि:
31 AUG 2026 8:01PM by PIB Delhi
जल-सुरक्षित भारत और विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जल शक्ति मंत्रालय 1-2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में विभागीय शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। यह शिखर सम्मेलन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला का पहला सम्मेलन है, जो सहकारी संघवाद को मजबूत करने, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति सामूहिक स्वामित्व की भावना को बढ़ावा देने और केन्द्र-राज्य के बीच बेहतर सहयोग के माध्यम से परिणामों में तेजी लाने के लिए एक अभिनव मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है।
टीम इंडिया की भावना से परिकल्पित, विभागीय शिखर सम्मेलन का यह मॉडल केन्द्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व तथा वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाकर क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर संयुक्त रूप से विचार-विमर्श करने, बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने, कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों का समाधान करने तथा बेहतर शासन और सेवा वितरण के लिए समयबद्ध कार्ययोजनाओं पर सहमति बनाने का प्रयास करता है। जल विभागीय शिखर सम्मेलन, इस श्रृंखला का पहला सम्मेलन होने के कारण, राष्ट्रीय विकास के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए केन्द्र और राज्यों के बीच संस्थागत सहयोग के एक नए दृष्टिकोण की शुरुआत का प्रतीक है।
यह दो दिवसीय शिखर सम्मेलन चार प्रमुख विषयगत स्तंभों पर केंद्रित होगा: जल अवसंरचना परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन; जल संचय जन भागीदारी-कैच द रेन; पेयजल प्रणालियों के स्रोतों की स्थिरता; तथा जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव। चर्चाओं में परियोजना कार्यान्वयन, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, डिजिटल निगरानी, परिसंपत्ति प्रबंधन तथा समुदाय-आधारित जल शासन को मजबूत करने जैसे विषय शामिल होंगे।
इन विचार-विमर्शों से ठोस और समयबद्ध परिणाम हासिल होने की उम्मीद है, जिनमें जारी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करना, जल संरक्षण में जन-भागीदारी को बढ़ाना, पेयजल स्रोतों की स्थिरता को मजबूत करना तथा विश्वसनीय ग्रामीण पेयजल सेवाओं के लिए जवाबदेही में सुधार करना शामिल है। सहभागी राज्य अपने अनुभव, चुनौतियां और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां साझा करेंगे तथा सहमत परिणामों पर अपनी सहमति व्यक्त करेंगे। इससे सहकारी संघवाद और साझा जिम्मेदारी की भावना को और मजबूती मिलेगी।
भाग लेने वाले राज्य समापन सत्र के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष चर्चा से सामने आए मुख्य परिणामों और कार्य योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन से केंद्र और राज्यों के सामूहिक संकल्प को और मजबूती मिलने तथा सहमत कार्य बिंदुओं के प्रभावी और समयबद्ध कार्यान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है।
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पीके/केसी/पीकेपी/
(रिलीज़ आईडी: 2305225)
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